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बेबी गारमेंट्स के नाम पर हिसार में फर्जी फर्म बना 85 करोड़ की लोहा बिक्री के बिल काटे

Mon, 28 Sep 2020 01:09 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 28 Sep 2020 01:09 AM IST
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In the name of Baby Garments, a fake firm in Hisar has cut the iron sales bill of 85 crores
हिसार में बेबी गारमेंट्स के नाम पर फर्जी फर्म के जरिये कागजों में पंजाब और बिहार में 85 करोड़ के लौह अयस्क की खरीद-बिक्री कर 15 करोड़ से ज्यादा इनपुट टैक्स क्रेडिट लेने का खुलासा हुआ है। हिसार सीजीएसटी टीम की जांच में दिल्ली के एक युवक के नाम फर्जी फर्म पंजीकृत कराने की भी बात सामने आई है। इस खुलासे के बाद टीम अब फर्जीवाड़े करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के सरगना की तलाश कर रही है। सीजीएसटी आयुक्त विजय मोहन के मार्गदर्शन में हिसार सीजीएसटी टीम ने ई-वे बिल और जीएसटी पोर्टल पर आई जानकारी की जांच की तो फर्र्जीवाड़ा करने वालों के अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा हुआ है। हिसार ब्रांच के सहायक आयुक्त सचिन अहलावत ने बताया कि बीते जुलाई में हिसार में एक फर्म पंजीकृत करवाई गई। जांच में ई-वे पोर्टल पर जो पता फर्म का दिया गया था, वह फर्जी मिला। दिल्ली के जिस युवक के नाम से फर्म पंजीकृत थी, उससे पूछताछ की गई तो उसने बताया कि उसने फर्म पंजीकरण के लिए कोई आवेदन नहीं किया था।
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ई-वे पोर्टल के आंकड़ों के विश्लेषण के बाद यह पाया गया कि फर्जी फर्म द्वारा सितंबर में 85 करोड़ के माल की आवाजाही की गई, जिसका इनपुट टैक्स क्रेडिट 15 करोड़ रुपये से ज्यादा का है। इस तरह की धोखाधड़ी करने वाले ज्यादातर पंजाब के करदाता हैं। इस फर्म का इनपुट टैक्स क्रेडिट पटना स्थित फर्म तुलसी ट्रेडिंग कंपनी से लिया गया है। इस फर्म के लेनदेन भी संदिग्ध हैं, क्योंकि इनपुट और आउटपुट टैक्स क्रेडिट में बड़ा अंतर देखा गया है। क्रेडिट पर पास करने की सुविधा के लिए इसने पंजाब में फर्म का पंजीकरण कराया हुआ है।
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दो महीने पहले ही दोनों फर्मों का करवाया गया था पंजीकरण
जांच में यह भी पता चला है कि फर्म मेसर्स एचएस ट्रेडिंग बेबी गारमेंट्स के व्यापार के लिए पंजीकृत है, जबकि आयरन स्क्रैप और एमएस इग्नोट के चालान जारी किए जा रहे हैं। यही नहीं पंजाब के मंडी गोबिंदगढ़ स्थित एक और फर्म एमएस ट्रेडिंग कंपनी भी उसी पैन पर पंजीकृत है, जिस पर हिसार स्थित एचएस ट्रेडिंग कंपनी पंजीकृत है। दोनों फर्मों का पंजीकरण बीते जुलाई में ही करवाया था।
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चोरी व फर्जी कागजातों की मदद से बनाई फर्जी फर्म
सीजीएसटी डिविजन हिसार ने करदाता एचएस ट्रेडिंग कंपनी के व्यापार के स्थान और ई-वे बिल व जीएसटी पोर्टल के माध्यम से उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह जांच की। इस दौरान दिए गए पते पर फर्म मौजूद नहीं मिली। जिस आधार कार्ड व पैन कार्ड पर फर्म को पंजीकृत किया हुआ था, वह भी चोरी किए मिले। साथ ही किरायानाम भी फर्जी निकला।
जांच में यह पाया है कि इन फर्मों की सांठगांठ बिहार, हरियाणा और पंजाब में फैली हुई है। विभिन्न अन्य संबंधित फर्मों की आगे की जांच की जा रही है और मास्टरमाइंड को पकड़ने का प्रयास किया जा रहा है। फर्मों ने जुलाई 2020 में पंजीकरण लिया है और सीजीएसटी हिसार डिविजन के अधिकारियों की सतर्कता से दो महीने में इस फर्जीवाड़े का खुलासा हो गया।

- सचिन अहलावत, सहायक कमिश्नर, सीजीएसटी, हिसार ब्रांच
हिसार की टीम की सतर्कता की वजह से दो माह पहले फर्जी नाम पर पंजीकृत फर्म के नाम पर करोड़ों के फर्जी बिल काटने का मामला पकड़ में आया है। जल्द आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा।
-विजय मोहन, आयुक्त सेंट्रल जीएसटी रोहतक।
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