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Rohtak News: पीजीआई में बिना बेहोश किए मरीज के ऑपरेशन मामले में कुलपति को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग
Wed, 07 Jan 2026 12:48 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Wed, 07 Jan 2026 12:48 AM IST
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रोहतक। पीजीआई चिकित्सकों पर संसार कल्याण ट्रस्ट के संस्थापक डॉ. शेखर राणा की ओर से मरीज को बिना बेहोश किए या दर्द कम करने वाली दवा दिए बिना ऑपरेशन करने के आरोप पर ट्रस्ट ने स्वास्थ्य विज्ञान विवि के कुलपति डॉ. एचके अग्रवाल के नाम शिकायत पत्र लिखकर मामले की जांच करने की मांग की है।
ट्रस्ट फाउंडर डॉ. शेखर राणा ने बताया कि रात को कंबल बांट रहे थे। इस दौरान उनको रेलवे स्टेशन पर मरीज मिला। उसके पैर के एंकल ज्वाइंट अलग हो रखा था। उनका पुराना घाव भी ताजा हो गया था। उसको रात के करीब 11 बजे पीजीआई ट्रामा सेंटर लाए।
चिकित्सकों ने यह कहकर उपचार से मना कर दिया कि मरीज कई बार यहां से भाग चुका है। इसके बाद निवेदन करने पर मरीज के ऑपरेशन के लिए तैयार हुए। मरीज को बिना कोई दर्द निवारक दवा या एनेस्थेसिया दिए उसके एंकल को खींचने लगे। जब उन्होंने इसका विरोध किया तो चिकित्सकों से बहस हो गई।
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वहां उपस्थित चिकित्सकों ने सुबह एमएस डॉ. कुंदन मित्तल को इसकी शिकायत करने की बात कही। यह बोलकर चिकित्सक वहां से चला गया। इसके बाद वहां उपस्थित अन्य मरीजों से बात करने पर भी पता चला कि सभी मरीजाें के साथ ऐसा हो रहा है। इतना ही नहीं चिकित्सकों ने ड्यूटी के दौरान एप्रन भी नहीं पहना हुआ था।
ट्रस्ट ने कार्रवाई की मांग की
ट्रस्ट ने तुरंत मामले की जांच की मांग की है। दोषी मिलने पर चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाए। ड्यूटी के दौरान चिकित्सकों के एप्रन पर नाम पट्टिका पर नाम स्पष्ट दिखना चाहिए। यह सुनिश्चित किया जाए कि मरीज का उपचार मानवीय तरीके से किया जाए।
पीजीआई के निदेशक डॉ. सुरेश सिंघल ने कहा कि मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। अगर ऐसा कुछ है तो पता करके नियम के अनुसार कार्रवाई करेंगे।
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ट्रस्ट फाउंडर डॉ. शेखर राणा ने बताया कि रात को कंबल बांट रहे थे। इस दौरान उनको रेलवे स्टेशन पर मरीज मिला। उसके पैर के एंकल ज्वाइंट अलग हो रखा था। उनका पुराना घाव भी ताजा हो गया था। उसको रात के करीब 11 बजे पीजीआई ट्रामा सेंटर लाए।
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चिकित्सकों ने यह कहकर उपचार से मना कर दिया कि मरीज कई बार यहां से भाग चुका है। इसके बाद निवेदन करने पर मरीज के ऑपरेशन के लिए तैयार हुए। मरीज को बिना कोई दर्द निवारक दवा या एनेस्थेसिया दिए उसके एंकल को खींचने लगे। जब उन्होंने इसका विरोध किया तो चिकित्सकों से बहस हो गई।
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वहां उपस्थित चिकित्सकों ने सुबह एमएस डॉ. कुंदन मित्तल को इसकी शिकायत करने की बात कही। यह बोलकर चिकित्सक वहां से चला गया। इसके बाद वहां उपस्थित अन्य मरीजों से बात करने पर भी पता चला कि सभी मरीजाें के साथ ऐसा हो रहा है। इतना ही नहीं चिकित्सकों ने ड्यूटी के दौरान एप्रन भी नहीं पहना हुआ था।
ट्रस्ट ने कार्रवाई की मांग की
ट्रस्ट ने तुरंत मामले की जांच की मांग की है। दोषी मिलने पर चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाए। ड्यूटी के दौरान चिकित्सकों के एप्रन पर नाम पट्टिका पर नाम स्पष्ट दिखना चाहिए। यह सुनिश्चित किया जाए कि मरीज का उपचार मानवीय तरीके से किया जाए।
पीजीआई के निदेशक डॉ. सुरेश सिंघल ने कहा कि मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। अगर ऐसा कुछ है तो पता करके नियम के अनुसार कार्रवाई करेंगे।