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मेडिकल में पेरेंटल विभाग मेडिसन का दांव पड़ा उल्टा, अब आना होगा मैदान में

Tue, 31 Mar 2020 12:57 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 31 Mar 2020 12:57 AM IST
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in pgims medicine department watching patient
रोहतक। नॉवेल कोरोना वायरस वुहान स्टेन कोविड - 19 को टक्कर देने के लिए एक तरफ संपूर्ण चिकित्सा जगत मैदान में उतर आया है, वहीं ऐसे में पीजीआईएमएस के मेडिसन विभाग की बात करें तो उसका तर्क है कि वह सबसे अंतिम में जरूरत पड़ने पर मैदान में आएगा। हालांकि, मेडिसन विभाग की इस तैयारी पर अधिकारियों ने पानी फेर दिया है और मेडिसिन विभाग को अपना पत्र वापस लेना पड़ा है। ऐसे में सवाल उठता है कि यदि पेरेंटल विभाग मेडिसन कोविड -19 के उपचार से पीछे हटेगा तो काम कौन करेगा।
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सूत्रों के अनुसार मेडिकल साइंस का पेरेंटल विभाग मेडिसन का दांव उल्टा पड़ गया है। अब उसे कोविड -19 के मरीजों के उपचार के लिए हर हाल में मैदान में आना ही पड़ेगा। 25 मार्च को पीसीसीएम विभाग ने रोस्टर बनाया, इसमें विभाग ने अपने अलावा मेडिसन, एनेसिस्थया, चेस्ट एंडी टीबी की ड्यूटी लगाई। इस रोस्टर के बाद एनेस्थिसिया विभाग ने अपने डॉक्टर भेजने शुरू कर दिए। लेकिन 26 मार्च को मेडिसन विभाग ने सभी यूनिट हैड के साथ बैठक की और एक पत्र लिखा कि वह दैनिक ओपीडी, आपात विभाग के अलावा टीचिंग करवा रहे हैं। इसके अलावा उनकी 11 प्रकार की क्लीनिक हैं। इसमें स्पेशल इको, टीएनटी, एंडोस्कोपी, डायलेसिस के अलावा एचआईवी क्लीनिक चला रहे हैं। उनके विभ्राग में पहले ही पूरा स्टाफ नहीं है और चार अससटेंट, 16 सीनियर रेजिडेंट की सीट खाली है। वह पहले ही 52 जूनियर रेजिडेंट के भरोसे पूरा विभाग चला रहे हैं। संस्थान में उनके अलावा कई विभाग हैं जिन पर इन दिनों काम का लोड नहीं है। इसमें एनेसिथिसिया, चर्म , मनोचिकित्सा, ईएनटी, ऑर्थो, सुपरस्पेशलिटी में कार्डियोलॉजी, कार्डिक सर्जरी, न्यूरोलोजी, गेस्ट्रोएंट्रोलॉजी, यूरोलॉजी आदि विभाग भी शामिल हैं। इनकी पहले ड्यूटी लगाई जाए, इसके बाद जरूरत पड़ने पर वह आएंगे। इसके बाद बैठक की मीनिट्स पीसीसीएम विभाग, निदेशक व एमएस को भेज दी गई। जब यह पत्र अधिकारियों के पास गया तो बवाल मच गया और मेडिसन को अपना पत्र वापस लेना पड़ा।
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