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Rohtak News: आईएमटी..उद्योगों पर असुविधा का पावर कट
Wed, 23 Jul 2025 12:46 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Wed, 23 Jul 2025 12:46 AM IST
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राजेंद्र बसंल, उद्यमी।
रोहतक। नियम और बिजली बिलों की दरों में निरंतर बदलाव हो रहा है, फिर भी आईएमटी में उद्यमियों को सुचारु बिजली नहीं मिल रही है। बिजली समय अनुसार न मिलने व एक ही दिन में 5 से 6 घंटे के पावर कट लगने से उद्योगों में उत्पादन प्रभावित हो रहा है। बिजली आपूर्ति बंद होने से उद्योग काम में रुकावट के साथ नुकसान भी झेलना पड़ रहा है। लघु उद्यमी ही नहीं बल्कि बड़े उद्यमी भी परेशानी झेलने को मजबूर हैं।
आईएमटी में 100 से अधिक उद्यमी उद्योग चला रहे हैं। इनमें हाईटेंशन के 75 व लो टेंशन के करीब 35 बिजली कनेक्शन हैं। उद्यमियों का कहना कि सरकार को आय कर, जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) व बिजली भुगतान समय पर पूरा चाहिए लेकिन सुविधाएं पूरी नहीं दे रही।
हाल ही में बिजली निगम ने 165 रुपये प्रति किलोवाट से बढ़ाकर 290 रुपये प्रति किलोवाट बिजली दर में वृद्धि की है। इन्ही कारणों से उद्यमी सोलर सिस्टम लगाने को मजबूर हैं जबकि पूरे उद्योग को सोलर ऊर्जा से संचालित करना महंगा और असंभव है।
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उद्यमी जोगिंद्र नांदल ने बताया कि डीजी सेट (डीजल जनरेटर) के नियम बदल दिए हैं। जहां सात लाख में जनरेटर मिलता था, उसकी कीमत पांच साल में 14 लाख तक पहुंच गई है। रेटेड उत्सर्जन नियंत्रण उपकरण (आरईसीडी) के लिए अलग से खर्च करना पड़ रहा है।
ऐसा न करें तो केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड वाले जुर्माना लगा देते हैं। मशीन न चले तो उत्पादन कम होता है। उद्यमियों ने बताया कि रोजाना दिन में 5-6 बार घंटे भर के बिजली कट लग रहे हैं।
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वर्जन
बिजली की मेन सप्लाई और ब्रेकडाउन के कारण ही आपूर्ति बाधित रहती है। आईएमटी में उद्योगों को सुचारु बिजली प्रदान करने के लिए हर संभव प्रयास रहता है। मांग के अनुसार बिजली सीधा उद्योगों तक पहुंचाई जा रही है।
- योगेश कुमार, एसडीओ, बिजली निगम।
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फोटो : 14
सरकार उद्यमियों पर लगातार नए-नए कर लगा रही है। आमदनी के सोर्स कम हो रहे हैं। खर्च अधिक बढ़ रहा है। सोलर ऊर्जा की मांग बढ़ी है ताकि बिजली बिल के भुगतान को कम किया जा सके लेकिन अकेले सोलर से उद्योग चलाना असंभव है।
- अंशुल गुप्ता, उद्यमी।
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फोटो : 13
50 लाख का जनरेटर और 16 लाख की आरईसीडी लगवाई। 16 लाख के बाद सोलर के लिए भी 4 करोड़ का अतिरिक्त खर्च करना पड़ेगा। दिन में पांच-छह घंटे बिजली की समस्या रहती है। जनरेटर में प्रतिमाह डीजल लगाकर पांच लाख का खर्चा करना पड़ रहा है।
- जयनारायण शर्मा, उद्यमी।
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फोटो : 12
बिलों की दर बढ़ाई जा रही है जबकि बिजली की सुचारु व्यवस्था नहीं मिल रहा है। बिजली बिलों को कम करने के लिए एक करोड़ का सोलर सिस्टम लगवाया है। इससे भी एक चौथाई लाभ होगा। फिर भी बिजली ही जरूरत शत-प्रतिशत रहती है।
- राजेंद्र बंसल, उद्यमी।
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आईएमटी में 100 से अधिक उद्यमी उद्योग चला रहे हैं। इनमें हाईटेंशन के 75 व लो टेंशन के करीब 35 बिजली कनेक्शन हैं। उद्यमियों का कहना कि सरकार को आय कर, जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) व बिजली भुगतान समय पर पूरा चाहिए लेकिन सुविधाएं पूरी नहीं दे रही।
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हाल ही में बिजली निगम ने 165 रुपये प्रति किलोवाट से बढ़ाकर 290 रुपये प्रति किलोवाट बिजली दर में वृद्धि की है। इन्ही कारणों से उद्यमी सोलर सिस्टम लगाने को मजबूर हैं जबकि पूरे उद्योग को सोलर ऊर्जा से संचालित करना महंगा और असंभव है।
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उद्यमी जोगिंद्र नांदल ने बताया कि डीजी सेट (डीजल जनरेटर) के नियम बदल दिए हैं। जहां सात लाख में जनरेटर मिलता था, उसकी कीमत पांच साल में 14 लाख तक पहुंच गई है। रेटेड उत्सर्जन नियंत्रण उपकरण (आरईसीडी) के लिए अलग से खर्च करना पड़ रहा है।
ऐसा न करें तो केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड वाले जुर्माना लगा देते हैं। मशीन न चले तो उत्पादन कम होता है। उद्यमियों ने बताया कि रोजाना दिन में 5-6 बार घंटे भर के बिजली कट लग रहे हैं।
वर्जन
बिजली की मेन सप्लाई और ब्रेकडाउन के कारण ही आपूर्ति बाधित रहती है। आईएमटी में उद्योगों को सुचारु बिजली प्रदान करने के लिए हर संभव प्रयास रहता है। मांग के अनुसार बिजली सीधा उद्योगों तक पहुंचाई जा रही है।
- योगेश कुमार, एसडीओ, बिजली निगम।
फोटो : 14
सरकार उद्यमियों पर लगातार नए-नए कर लगा रही है। आमदनी के सोर्स कम हो रहे हैं। खर्च अधिक बढ़ रहा है। सोलर ऊर्जा की मांग बढ़ी है ताकि बिजली बिल के भुगतान को कम किया जा सके लेकिन अकेले सोलर से उद्योग चलाना असंभव है।
- अंशुल गुप्ता, उद्यमी।
फोटो : 13
50 लाख का जनरेटर और 16 लाख की आरईसीडी लगवाई। 16 लाख के बाद सोलर के लिए भी 4 करोड़ का अतिरिक्त खर्च करना पड़ेगा। दिन में पांच-छह घंटे बिजली की समस्या रहती है। जनरेटर में प्रतिमाह डीजल लगाकर पांच लाख का खर्चा करना पड़ रहा है।
- जयनारायण शर्मा, उद्यमी।
फोटो : 12
बिलों की दर बढ़ाई जा रही है जबकि बिजली की सुचारु व्यवस्था नहीं मिल रहा है। बिजली बिलों को कम करने के लिए एक करोड़ का सोलर सिस्टम लगवाया है। इससे भी एक चौथाई लाभ होगा। फिर भी बिजली ही जरूरत शत-प्रतिशत रहती है।
- राजेंद्र बंसल, उद्यमी।

राजेंद्र बसंल, उद्यमी।

राजेंद्र बसंल, उद्यमी।