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आईएमटी विस्फोट : एक माह बाद भी पुलिस के हाथ खाली
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एक माह पहले आज के दिन ही (31 जुलाई) सुबह छह बजे खरावड़ के पास आईएमटी के फेज 3 में जोरदार विस्फोट हुआ था, जिसका राज आज भी नहीं खुल सका है। एनआईए के अलावा जिला पुलिस अभी तक धमाके के जिम्मेदार लोगों को गिरफ्तार करने की बजाय यह भी खुलासा नहीं कर सकी है कि आखिर विस्फोट किसने व किस मकसद से किया। मंगलवार को विस्फोट की फोरेंसिक लैब से रिपोर्ट मिलने की संभावना है। एसआईटी प्रमुख का कहना है कि मधुबन लैब प्रबंधन से जल्द बात करके रिपोर्ट भेजने की मांग करेंगे।
स्वतंत्रता दिवस से 15 दिन पहले 31 जुलाई की सुबह खरावड़ गांव निवासी राजकुमार (54) अपने चार साथियों के साथ हर रोज की तरह आईएमटी के खुले एरिया में घूमने गया था। हैंडपंप से एक साथी पानी की बोतल भर रहा था, तभी राजकुमार की नजर नजदीक पड़ी पॉलिथीन की थैली पर पड़ी। थैली ऊपर से दो बार बांधी गई थी। राजकुमार ने सोचा, रात को शराब पीने वालों ने कचरा पॉलिथीन में डालकर यहां फेंक दिया। जैसे ही उसने पॉलिथीन उठाई, जोरदार धमाका हुआ। इस धमाके में वह बुरी तरह घायल हो गया। चेहरे, हाथों व पेट से खून बहने लगा। तत्काल उसके साथियों ने पीजीआई में दाखिल कराया। विस्फोट से पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। खुद एडीपीजी संदीप खिरवार मौके पर पहुंचे। साथ में एसपी राहुल शर्मा, एएसपी कृष्ण कुमार और एफएसएल की टीम ने विस्फोट स्थल को खंगाला। अगले दिन दिल्ली व चंडीगढ़ से एनआईए की टीमें पहुंचे। पुलिस ने एक सप्ताह तक विस्फोट स्थल के आसपास सर्च अभियान चलाया। खासकर प्रवासी श्रमिकों से पूछताछ की गई, लेकिन पुलिस के हाथ कुछ नहीं लग सका। वहीं एक माह बाद भी एफएसएल की रिपोर्ट तक नहीं आई। ताकि यह पता लग सके कि आखिर विस्फोटक किस पदार्थ से तैयार किया गया था।
मंगलवार को फोरेंसिक लैब से एफएसएल की रिपोर्ट मिलने की संभावना है। अगर रिपोर्ट नहीं आई तो रिमाइंडर भेजा जाएगा। फिलहाल विस्फोट के मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।
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- कृष्ण कुमार, एएसपी, रोहतक
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स्वतंत्रता दिवस से 15 दिन पहले 31 जुलाई की सुबह खरावड़ गांव निवासी राजकुमार (54) अपने चार साथियों के साथ हर रोज की तरह आईएमटी के खुले एरिया में घूमने गया था। हैंडपंप से एक साथी पानी की बोतल भर रहा था, तभी राजकुमार की नजर नजदीक पड़ी पॉलिथीन की थैली पर पड़ी। थैली ऊपर से दो बार बांधी गई थी। राजकुमार ने सोचा, रात को शराब पीने वालों ने कचरा पॉलिथीन में डालकर यहां फेंक दिया। जैसे ही उसने पॉलिथीन उठाई, जोरदार धमाका हुआ। इस धमाके में वह बुरी तरह घायल हो गया। चेहरे, हाथों व पेट से खून बहने लगा। तत्काल उसके साथियों ने पीजीआई में दाखिल कराया। विस्फोट से पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। खुद एडीपीजी संदीप खिरवार मौके पर पहुंचे। साथ में एसपी राहुल शर्मा, एएसपी कृष्ण कुमार और एफएसएल की टीम ने विस्फोट स्थल को खंगाला। अगले दिन दिल्ली व चंडीगढ़ से एनआईए की टीमें पहुंचे। पुलिस ने एक सप्ताह तक विस्फोट स्थल के आसपास सर्च अभियान चलाया। खासकर प्रवासी श्रमिकों से पूछताछ की गई, लेकिन पुलिस के हाथ कुछ नहीं लग सका। वहीं एक माह बाद भी एफएसएल की रिपोर्ट तक नहीं आई। ताकि यह पता लग सके कि आखिर विस्फोटक किस पदार्थ से तैयार किया गया था।
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मंगलवार को फोरेंसिक लैब से एफएसएल की रिपोर्ट मिलने की संभावना है। अगर रिपोर्ट नहीं आई तो रिमाइंडर भेजा जाएगा। फिलहाल विस्फोट के मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।
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- कृष्ण कुमार, एएसपी, रोहतक