{"_id":"6988ec45b9f7ad9d5f072195","slug":"immediate-joining-is-mandatory-upon-transfer-to-pgims-failure-to-do-so-will-require-an-explanation-to-the-medical-board-rohtak-news-c-17-roh1019-807354-2026-02-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rohtak News: पीजीआईएमएस में तबादला होने पर तुरंत ज्वाइनिंग अनिवार्य, नहीं मानने पर मेडिकल बोर्ड को देना होगा जवाब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rohtak News: पीजीआईएमएस में तबादला होने पर तुरंत ज्वाइनिंग अनिवार्य, नहीं मानने पर मेडिकल बोर्ड को देना होगा जवाब
विज्ञापन
07 पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज।
अभिषेक कीरत
रोहतक। पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (पीजीआईएमएस) प्रशासन ने कर्मचारियों के तबादला आदेशों से बचने के लिए मेडिकल छुट्टी के बढ़ते चलन पर कड़ा रुख अपनाया है। इसको लेकर संस्थान के निदेशक की तरफ से लिखित आदेश जारी किया गया है।
इसमें साफ किया गया है कि अब प्रशासनिक या मरीजों की देखभाल की जरूरतों के चलते किए तबादलों में किसी भी तरह की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
आदेश में लिखा है कि जब भी किसी कर्मचारी का तबादला किया जाता है तो संबंधित व्यक्ति अक्सर बीमारी का हवाला देकर छुट्टी पर चला जाता है। इसे प्रशासनिक कार्यों और स्वास्थ्य सेवाओं में बाधा होती है।
अब नए नियमों के तहत तबादला आदेश जारी होते ही संबंधित व्यक्ति को उसे तुरंत स्वीकार करना होगा। स्थानांतरित व्यक्ति को भी अपना कार्यभार उसी समय नए आने वाले अधिकारी या कर्मचारी को सौंपना होगा।
विज्ञापन
-- -- -
मेडिकल लीव पर विचार नहीं
तबादला होने के बाद मेडिकल लीव के किसी भी अनुरोध पर विचार नहीं किया जाएगा। उनको तुरंत आदेशों को मानना होगा।
-- -- -
अवमानना पर होगी कार्रवाई
आदेशों में साफ लिखा है कि इन निर्देशों का पालन न करना अनुशासनहीनता माना जाएगा। यदि कोई कर्मचारी फिर भी बीमारी का दावा करता है तो उसे अपनी बीमारी की सच्चाई साबित करने के लिए मेडिकल बोर्ड के सामने पेश होना होगा। केवल बोर्ड की संतुष्टि के बाद ही कोई राहत मिल सकती है। विभाग ने उन अधिकारियों को भी सतर्क रहने को कहा है जो ऐसी छुट्टियों को मंजूरी देते हैं। इस आदेश के तहत छुट्टी के इस दुरुपयोग को रोकना संस्थान की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक है। यह आदेश तुरंत लागू कर दिया गया है। सभी विभागाध्यक्षों और संबंधित अधिकारियों को आदेश की कॉपी भेज दी गई हैं।
विज्ञापन
रोहतक। पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (पीजीआईएमएस) प्रशासन ने कर्मचारियों के तबादला आदेशों से बचने के लिए मेडिकल छुट्टी के बढ़ते चलन पर कड़ा रुख अपनाया है। इसको लेकर संस्थान के निदेशक की तरफ से लिखित आदेश जारी किया गया है।
इसमें साफ किया गया है कि अब प्रशासनिक या मरीजों की देखभाल की जरूरतों के चलते किए तबादलों में किसी भी तरह की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
आदेश में लिखा है कि जब भी किसी कर्मचारी का तबादला किया जाता है तो संबंधित व्यक्ति अक्सर बीमारी का हवाला देकर छुट्टी पर चला जाता है। इसे प्रशासनिक कार्यों और स्वास्थ्य सेवाओं में बाधा होती है।
विज्ञापन
अब नए नियमों के तहत तबादला आदेश जारी होते ही संबंधित व्यक्ति को उसे तुरंत स्वीकार करना होगा। स्थानांतरित व्यक्ति को भी अपना कार्यभार उसी समय नए आने वाले अधिकारी या कर्मचारी को सौंपना होगा।
विज्ञापन
मेडिकल लीव पर विचार नहीं
तबादला होने के बाद मेडिकल लीव के किसी भी अनुरोध पर विचार नहीं किया जाएगा। उनको तुरंत आदेशों को मानना होगा।
अवमानना पर होगी कार्रवाई
आदेशों में साफ लिखा है कि इन निर्देशों का पालन न करना अनुशासनहीनता माना जाएगा। यदि कोई कर्मचारी फिर भी बीमारी का दावा करता है तो उसे अपनी बीमारी की सच्चाई साबित करने के लिए मेडिकल बोर्ड के सामने पेश होना होगा। केवल बोर्ड की संतुष्टि के बाद ही कोई राहत मिल सकती है। विभाग ने उन अधिकारियों को भी सतर्क रहने को कहा है जो ऐसी छुट्टियों को मंजूरी देते हैं। इस आदेश के तहत छुट्टी के इस दुरुपयोग को रोकना संस्थान की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक है। यह आदेश तुरंत लागू कर दिया गया है। सभी विभागाध्यक्षों और संबंधित अधिकारियों को आदेश की कॉपी भेज दी गई हैं।