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Rohtak News: आईएमए ने मेडिकल लीगल प्रोटेक्शन डे फार डॉक्टर्स मनाया
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रोहतक। आईएमए (इंडियन मेडिकल एसोसिएश्न ) ने प्रदेश में लागू मेडिकल प्रोटेक्श्न एक्ट, चिकित्सकों की सुरक्षा व अन्य मुद्दों को लेकर बैठक की । यहां सभी ने चिकित्सकों के खिलाफ बढ़ती कानूनी अड़चनों व दर्ज होते मुकदमों को लेकर चिंता जताई। इस संबंध में एसोसिएशन ने पुलिस अधीक्षक नरेंद्र बिजारणिया को ज्ञापन सौंपा है।
आईएमए अध्यक्ष डॉ. आरती साहू ने बताया कि एसोसिएशन ने मेडिकल लीगल प्रोटेक्शन डे फार डॉक्टर्स मनाया। इसके तहत इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स ने चिकित्सकों के साथ मेडिकल लीगल चेप्टर पर चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि प्रदेशों में मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट लागू है। इसमें क्लीनिक, अस्पताल में हिंसा पर तीन साल कैद और पचास हजार जुर्माने का प्रावधान है। इसके बाद भी पुलिस क्लीनिक और अस्पतालों में तोड़फोड़ पर मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट में मुकदमा दर्ज नहीं करती है। इससे चिकित्सक आहत हैं। चिकित्सा में कानूनी अड़चने और डॉक्टरों और अस्पतालों पर मुकदमे दर्ज हो रहे हैं। इलाज के दौरान मरीज की स्थित बिगड़ने या मृत्यु होने पर डॉक्टरों पर दर्ज हो रहे क्रिमिनल केस में गिरफ्तारी रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने गाइडलाइन तय की हैं। इसके तहत सीधे चिकित्सक की गिरफ्तारी नहीं की जा सकती है। इसके बावजूद चिकित्सकों को परेशान किया जा रहा है। इस समस्या का समाधान किया जाना चाहिए।
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आईएमए अध्यक्ष डॉ. आरती साहू ने बताया कि एसोसिएशन ने मेडिकल लीगल प्रोटेक्शन डे फार डॉक्टर्स मनाया। इसके तहत इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स ने चिकित्सकों के साथ मेडिकल लीगल चेप्टर पर चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि प्रदेशों में मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट लागू है। इसमें क्लीनिक, अस्पताल में हिंसा पर तीन साल कैद और पचास हजार जुर्माने का प्रावधान है। इसके बाद भी पुलिस क्लीनिक और अस्पतालों में तोड़फोड़ पर मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट में मुकदमा दर्ज नहीं करती है। इससे चिकित्सक आहत हैं। चिकित्सा में कानूनी अड़चने और डॉक्टरों और अस्पतालों पर मुकदमे दर्ज हो रहे हैं। इलाज के दौरान मरीज की स्थित बिगड़ने या मृत्यु होने पर डॉक्टरों पर दर्ज हो रहे क्रिमिनल केस में गिरफ्तारी रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने गाइडलाइन तय की हैं। इसके तहत सीधे चिकित्सक की गिरफ्तारी नहीं की जा सकती है। इसके बावजूद चिकित्सकों को परेशान किया जा रहा है। इस समस्या का समाधान किया जाना चाहिए।
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