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Rohtak News: शर्तें पूरी नहीं कीं तो अनियमित कॉलोनियों में तोड़फोड़ होना तय
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रोहतक। जिला नगर योजनाकार के सर्वे में नगर निगम क्षेत्र के बाहर 32 कॉलोनियों का विस्तार हो चुका है। इसमें से महज 12 कॉलोनियों के ही नियमित होने के लिए आवेदन कार्यालय पहुंचे हैं, जबकि अन्य की फाइल अभी जमा होनी शेष हैं। विभाग का स्पष्ट कहना है कि फाइल जमा कराने की अंतिम तिथि 14 जुलाई है, यदि फाइल जमा नहीं होती तो तोड़फोड़ होना तय है। अनियमित कॉलोनियों में हो रहे निर्माणों को तोड़ने के साथ ही विभाग कानूनी कार्रवाई भी करेगा। इससे करीब सात हजार लोगों को नुकसान उठाना पड़ेगा।
नगर निगम के बाहर शहर में 32 कॉलोनियों का विस्तार हो गया है। यह कॉलोनियां शहर के चारों ओर लगातार बढ़ रही हैं। हैरानी की बात है कि इन अवैध कॉलोनियों को काटने वाले इन्हें नियमित करवाने में दिलचस्पी ही नहीं दिखा रहे हैं, जबकि सरकार ने इनके लिए शर्तें रखकर इन्हें नियमित कराने की छूट दे रखी है। पूर्व में जब शर्तों को पूरा नहीं किया गया तो इसमें भी छूट दी गई, इसके बावजूद अभी भी 60 प्रतिशत कॉलोनियों की फाइल नियमित होने के लिए नहीं पहुंची हैं। यह भी छूट दी गई है कि यदि कॉलोनी काटने वाले नहीं हैं तो भी वहां रह रहे चार पांच लोग अपनी रेजिडेंस एसोसिएशन बना कर अपनी कॉलोनी को नियमित कराने के लिए फाइल भेज सकते हैं।
सरकार ने दी हैं छूट
1. नगर पालिका, परिषद, निगम की सीमा से बाहर पड़ने वाली केवल निजी भूमि पर विकसित अवैध कॉलोनियों पर छूट लागू होगी, जिनमें सेल डीड अथवा कोई विक्रय के लिए पंजीकृत इकरारनामा एक जुलाई 2022 से पहले का है।
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2. कॉलोनी के क्षेत्रफल की कोई अधिकतम सीमा नहीं होगी, हालांकि न्यूनतम सीमा दो एकड़ है।
3. पालिसी के तहत नियमित न होने वाली कॉलोनियां अवैध निर्माण की श्रेणी में रहेंगी और इस पर नियमानुसार कार्रवाई होगी।
4. अवैध कॉलोनियों की आंतरिक सड़क की न्यूनतम चौड़ाई को तीन मीटर कर दिया गया है जो कि पहले नौ व छह मीटर थी।
5. अब डेवलेपमेंट चार्ज कलेक्टर रेट पर लागू होगा, इसको दस प्रतिशत से आठ प्रतिशत कर दिया गया है।
पॉलिसी के तहत अवैध कॉलोनी को नियमित करवाने के लिए जिला नगर योजनाकार कार्यालय में आवेदन करना है। इनकी जांच करने के लिए उपायुक्त की ओर से कमेटी गठित है। इसमें जिला नगर योजनाकार को संयोजक बनाया गया है तथा मुख्य कार्यकारी अभियंता जिला परिषद, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी, पीडब्ल्यूडी बीएंडआर, बीएचईडी, पंचायती राज, जिला अग्निशमन तथा तहसीलदार कार्यालय को शामिल किया गया है। जांच कमेटी के प्रस्ताव को आयुक्त के माध्यम से निदेशक, नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग हरियाणा को अंतिम निर्णय के लिए भेजा जाएगा। आवेदन पत्र हरियाणा ग्रामीण विकास प्राधिकरण कार्यालय में जमा कराने होंगे। तय समय के बाद अवैध कॉलोनियों पर कानूनी कार्रवाई के साथ तोड़फोड़ की जाएगी।
- सुमनदीप, जिला नगर योजनाकार, रोहतक
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नगर निगम के बाहर शहर में 32 कॉलोनियों का विस्तार हो गया है। यह कॉलोनियां शहर के चारों ओर लगातार बढ़ रही हैं। हैरानी की बात है कि इन अवैध कॉलोनियों को काटने वाले इन्हें नियमित करवाने में दिलचस्पी ही नहीं दिखा रहे हैं, जबकि सरकार ने इनके लिए शर्तें रखकर इन्हें नियमित कराने की छूट दे रखी है। पूर्व में जब शर्तों को पूरा नहीं किया गया तो इसमें भी छूट दी गई, इसके बावजूद अभी भी 60 प्रतिशत कॉलोनियों की फाइल नियमित होने के लिए नहीं पहुंची हैं। यह भी छूट दी गई है कि यदि कॉलोनी काटने वाले नहीं हैं तो भी वहां रह रहे चार पांच लोग अपनी रेजिडेंस एसोसिएशन बना कर अपनी कॉलोनी को नियमित कराने के लिए फाइल भेज सकते हैं।
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सरकार ने दी हैं छूट
1. नगर पालिका, परिषद, निगम की सीमा से बाहर पड़ने वाली केवल निजी भूमि पर विकसित अवैध कॉलोनियों पर छूट लागू होगी, जिनमें सेल डीड अथवा कोई विक्रय के लिए पंजीकृत इकरारनामा एक जुलाई 2022 से पहले का है।
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2. कॉलोनी के क्षेत्रफल की कोई अधिकतम सीमा नहीं होगी, हालांकि न्यूनतम सीमा दो एकड़ है।
3. पालिसी के तहत नियमित न होने वाली कॉलोनियां अवैध निर्माण की श्रेणी में रहेंगी और इस पर नियमानुसार कार्रवाई होगी।
4. अवैध कॉलोनियों की आंतरिक सड़क की न्यूनतम चौड़ाई को तीन मीटर कर दिया गया है जो कि पहले नौ व छह मीटर थी।
5. अब डेवलेपमेंट चार्ज कलेक्टर रेट पर लागू होगा, इसको दस प्रतिशत से आठ प्रतिशत कर दिया गया है।
पॉलिसी के तहत अवैध कॉलोनी को नियमित करवाने के लिए जिला नगर योजनाकार कार्यालय में आवेदन करना है। इनकी जांच करने के लिए उपायुक्त की ओर से कमेटी गठित है। इसमें जिला नगर योजनाकार को संयोजक बनाया गया है तथा मुख्य कार्यकारी अभियंता जिला परिषद, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी, पीडब्ल्यूडी बीएंडआर, बीएचईडी, पंचायती राज, जिला अग्निशमन तथा तहसीलदार कार्यालय को शामिल किया गया है। जांच कमेटी के प्रस्ताव को आयुक्त के माध्यम से निदेशक, नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग हरियाणा को अंतिम निर्णय के लिए भेजा जाएगा। आवेदन पत्र हरियाणा ग्रामीण विकास प्राधिकरण कार्यालय में जमा कराने होंगे। तय समय के बाद अवैध कॉलोनियों पर कानूनी कार्रवाई के साथ तोड़फोड़ की जाएगी।
- सुमनदीप, जिला नगर योजनाकार, रोहतक