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Rohtak News: नारनौल में 100 जगहों पर हुआ होलिका दहन, आज उड़ेगा रंग

Mon, 25 Mar 2024 02:58 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक Updated Mon, 25 Mar 2024 02:58 AM IST
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Holika Dahan took place at 100 places in Narnaul, colors will fly today
नारनौल। क्षेत्र में होली पर्व बड़ी धूमधाम के साथ मनाया गया। महिलाओं ने सुबह से ही पारंपरिक तरीके से होली का पूजन करना शुरू कर दिया था। इसके साथ महिलाओं ने होली का उपवास रखा व बच्चों संग सूत के धागे से होली की परिक्रमा कर पूजन किया। इसके बाद रात को 11 बजे बाद होलिका का दहन किया गया। शहर में करीब 100 स्थानों पर होली जलाई गई। आज जिले में जमकर रंग खेला जाएगा।
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विद्वान पंडितों द्वारा रविवार को बताए गए समय सुबह 9:50 से पहले ही महिलाओं ने पूजन किया और रात 11 बजकर 15 मिनट के बाद इसका दहन किया गया। होलिका दहन के बाद होली की परिक्रमा की गई और होली में जौ व गेहूं की बाली, चना, मूंग, चावल, नारियल, गन्ना, बताशे आदि डाले। दुल्हेंडी पर्व पर किसी प्रकार की हुड़दंग न हो, इसके लिए शहर में जगह-जगह पुलिस के नाके लगाए गए है ताकि किसी प्रकार की क्षेत्र में अशांति न हो। पुलिस ने एडवाइजरी भी जारी की है।
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आपसी भाईचारे का पर्व है होली
आचार्य क्रांति निर्मल ने बताया कि होली आपसी प्रेम व मेलजोल का त्योहार है। उन्होंने बताया कि पौराणिक कथा के अनुसार हिरण्यकश्प के पुत्र प्रहलाद को जलाने के लिए होलिका उसे गोद में लेकर जलती हुई अग्नि में प्रवेश कर गई थी। होलिका को वरदान प्राप्त था कि अग्नि उसे जला नहीं सकती, लेकिन प्रभु की ऐसी कृपा हुई कि होलिका जल गई और प्रहलाद बच गए। इस प्रकार अधर्म पर धर्म की जीत का प्रतीक यह होली का त्योहार मनाया जाता है और होलिका दहन किया जाता है। शाम को होलिका दहन से पूर्व सभी ने भक्त प्रहलाद का पूजन किया।
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दुल्हेंडी को लेकर युवाओं में जोश, बरते सावधानी

दुल्हेंडी पर्व को लेकर युवाओं में भारी जोश देखने को मिल रहा है। चिकित्सकों का कहना है कि युवा बाजार में मिलने वाले केमिकल युक्त रंगों को छोड़कर प्राकृतिक सूखे रंगों का प्रयोग करें। बाजार में बिकने वाले हल्के स्तर के रंग त्वचा को तो नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसके अलावा अगर सांस के माध्यम से फेफड़ों में चला जाए तो संक्रमण भी हो सकता है।
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