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Rohtak News: छिपाने से हमेशा बढ़ती है बीमारी
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10सीटीके22मानसिक स्वास्थ्य संस्थान में मनाए जा रहे विश्व मानसिक स्वास्थ्य सप्ताह के अंतिम दिन व
रोहतक। अपने जीवन और कार्य के बीच समन्वय बनाकर रखना बहुत जरूरी है, यदि यह समन्वय गड़बड़ा जाएगा तो हम तनाव में आ सकते हैं। हमें पता होना चाहिए कि हमें तनाव से कैसे बाहर आना है। अपनी बीमारी के बारे में कभी भी नहीं छुपाना चाहिए क्योंकि बीमारी छुपाने से हमेशा बढ़ती है, जैसे ही हमें बीमारी के बारे में पता चले तभी अच्छे मनोचिकित्सक के पास जाकर अपना इलाज करवाना चाहिए।
वीरवार को मानसिक स्वास्थ्य संस्थान में मनाए जा रहे विश्व मानसिक स्वास्थ्य सप्ताह के अंतिम दिन चौधरी रणबीर सिंह ओपीडी में हेल्प डेस्क व पोस्टर प्रतियोगिता आयोजित की गई। यहां चिकित्सकों ने अपने विचार रखे।
आज का युवा एक रिश्ते से दूसरे रिश्ते की तरफ खुशी की खोज में भाग रहा है बजाएं की एक रिश्ते की गहराई से समझ पर उसे पर कम करें। हम यदि किसी रिलेशनशिप में हैं और दूसरा पार्टनर उसके लिए ना कर देता है तो उस ना को स्वीकार करना सीखें, उस पर अपनी मर्जी ना चलाएं। मर्जी चलाने से ही रिश्तों में टकराव बढ़ता है, जो तनाव का बहुत बड़ा कारण बनता है।
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-डॉ. अनीता सक्सेना, कुलपति, यूएचएस
ऐसे जागरूकता मुहिम रुकने नहीं चाहिए। अधिक से अधिक लोगों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करते रहना चाहिए। हमें मानसिक स्वास्थ्य पर बात करते रहना चाहिए ताकि लोगों की उसमें रूचि बने और वें इस पर बातचीत करें।
-डॉ. कुंदन मित्तल, चिकित्सा अधीक्षक, पीजीआईएमएस
हमें अपने ऐसे कार्यस्थल को तनाव मुक्त बनाने के लिए कार्य करना चाहिए ताकि हम उसका आनंद ले सकें।
यदि हमें स्वस्थ जीवन और लंबी उम्र चाहिए तो अपने जीवन से जंक फूड को निकाल कर व्यायाम करना चाहिए। प्रतिदिन व्यायाम कर स्वयं को स्वस्थ रखें। पहले लोग मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित बातों को छुपाते थे, परंतु अब समय बदल गया है। आमजन अब मानसिक रोगों के प्रति जागरूक हुआ है और इसी जागरूकता अभियान को रुकने नहीं दिया जाएगा। - डॉ. पुरुषोत्तम, पीजीआईएमएस
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वीरवार को मानसिक स्वास्थ्य संस्थान में मनाए जा रहे विश्व मानसिक स्वास्थ्य सप्ताह के अंतिम दिन चौधरी रणबीर सिंह ओपीडी में हेल्प डेस्क व पोस्टर प्रतियोगिता आयोजित की गई। यहां चिकित्सकों ने अपने विचार रखे।
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आज का युवा एक रिश्ते से दूसरे रिश्ते की तरफ खुशी की खोज में भाग रहा है बजाएं की एक रिश्ते की गहराई से समझ पर उसे पर कम करें। हम यदि किसी रिलेशनशिप में हैं और दूसरा पार्टनर उसके लिए ना कर देता है तो उस ना को स्वीकार करना सीखें, उस पर अपनी मर्जी ना चलाएं। मर्जी चलाने से ही रिश्तों में टकराव बढ़ता है, जो तनाव का बहुत बड़ा कारण बनता है।
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-डॉ. अनीता सक्सेना, कुलपति, यूएचएस
ऐसे जागरूकता मुहिम रुकने नहीं चाहिए। अधिक से अधिक लोगों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करते रहना चाहिए। हमें मानसिक स्वास्थ्य पर बात करते रहना चाहिए ताकि लोगों की उसमें रूचि बने और वें इस पर बातचीत करें।
-डॉ. कुंदन मित्तल, चिकित्सा अधीक्षक, पीजीआईएमएस
हमें अपने ऐसे कार्यस्थल को तनाव मुक्त बनाने के लिए कार्य करना चाहिए ताकि हम उसका आनंद ले सकें।
यदि हमें स्वस्थ जीवन और लंबी उम्र चाहिए तो अपने जीवन से जंक फूड को निकाल कर व्यायाम करना चाहिए। प्रतिदिन व्यायाम कर स्वयं को स्वस्थ रखें। पहले लोग मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित बातों को छुपाते थे, परंतु अब समय बदल गया है। आमजन अब मानसिक रोगों के प्रति जागरूक हुआ है और इसी जागरूकता अभियान को रुकने नहीं दिया जाएगा। - डॉ. पुरुषोत्तम, पीजीआईएमएस