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Rohtak News: तीन विद्यार्थियों की तबीयत बिगड़ी, नए 12 विद्यार्थी भूख हड़ताल पर बैठे

Sun, 27 Nov 2022 05:30 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 27 Nov 2022 05:30 AM IST
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Health of three students deteriorated, new 12 students sat on hunger strike
धरना दे रहे एमबीबीएस विद्यार्थियों को सम्बोधित करती कुलपति डॉ. अ​नीता सक्सेना। अमर उजाला
रोहतक। बॉन्ड पॉलिसी के खिलाफ पीजीआई के निदेशक कार्यालय के बाहर एमबीबीएस विद्यार्थियों की भूख हड़ताल जारी है। शनिवार को दो और विद्यार्थियों समेत तीन अनशनकारियों की तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद पिछले 48 घंटे से भूख हड़ताल पर बैठे विद्यार्थियों का अनशन तुड़वाया गया। इनकी जगह 12 नए विद्यार्थियों ने 24 घंटे की भूख हड़ताल शुरू की। अब इसी क्रम में विद्यार्थी भूख हड़ताल पर रहेंगे। इधर, हड़ताल के बावजूद ओपीडी व आपातकालीन विभाग में मरीजों का उपचार जारी रहा। वहीं, देर शाम विद्यार्थियों व आरडीए के सदस्यों ने पीजीआई के निदेशक कार्यालय से डी पार्क तक रोष मार्च निकाला।
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इससे पूर्व स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. अनीता सक्सेना व अन्य अधिकारी अनशन स्थल पर पहुंचे। यहां कुलपति ने विद्यार्थियों से लंबी भूख हड़ताल नहीं करने की अपील की। साथ ही उन्हें रविवार को हरियाणा निवास में बातचीत के लिए बुलाए जाने का संदेश दिया। इसके लिए सुबह मुख्यालय के लिए बस रवाना होगी। इस बार दल में 15 से ज्यादा लोग नहीं जाएंगे।
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पीजीआई में विद्यार्थियों की भूख हड़ताल को चिकित्सकों का भी समर्थन मिलना जारी रहा। इसके चलते डॉक्टर हड़ताल पर रहे। शनिवार को भी पीजीआई में मरीजों के आने-जाने का सिलसिला जारी रहा। वार्डों से मरीजों को छुट्टी कर उन्हें घर भेजा गया। हड़ताल के चलते नए मरीज वार्डों में भर्ती नहीं किए गए। ओपीडी में भी मरीज पहुंचे। यहां सुबह 11 बजे तक करीब 500 मरीज इलाज के लिए आए। इनमें से ज्यादातर को बैरंग लौटना पड़ा।
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ओपीडी में मरीजों को राहत पहुंचाने के लिए कुलपति की अपील पर कुछ वरिष्ठ चिकित्सक ओपीडी पहुंचे। इनमें हड्डी रोग, मेडिसन, पलमनरी विभाग, बाल रोग व स्त्री रोग विभाग मुख्य हैं। इन विभागों से संबंधित मरीजों को यहां जांच व परामर्श दिया गया। स्पेशलिटी की सुविधाएं मरीजों को नहीं मिली।
इधर, भूख हड़ताल पर बैठे विद्यार्थियों में से शनिवार सुबह अनशनकारी छात्रा अंजलि की तबियत बिगड़ गई। इसके चलते उसे पीजीआई की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया। इसके करीब आधे घंटे बाद छात्रा नेहा की तबीयत भी बिगड़ने लगी। इसे भी इमरजेंसी में ले जाया गया। इससे पूर्व शुक्रवार देर रात छात्र रमन को इमरजेंसी में भर्ती कराना पड़ा था। इन तीनों विद्यार्थियों को बाद में वार्ड नंबर 26 में भर्ती कराया गया। यहां सुरक्षा कर्मचारियों का भी कड़ा पहरा रहा। मीडिया के ओपीडी या वार्ड में प्रवेश करने पर प्रतिबंध रहा।
आईएमए की राष्ट्रीय टीम ने दिया समर्थन
पीजीआई में पिछले 26 दिन से संघर्षरत विद्यार्थियों को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने भी अपना समर्थन दिया है। एसोसिएशन की राष्ट्रीय टीम ने शनिवार को अनशन स्थल पहुंचकर समर्थन की घोषणा की। आईएमए के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सहजानंद प्रसाद सिंह, राष्ट्रीय सचिव डॉ. जयेश लेले, राज्य अध्यक्ष डॉ. पुनीता हसीजा, पूर्व राज्य अध्यक्ष डॉ. करण पुनिया, राज्य सचिव डॉ. दिव्या सक्सेना और आईएमए के जूनियर डॉक्टर नेटवर्क के राज्य अध्यक्ष डॉ. करन जुनेजा इस टीम में शामिल रहे। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने आश्वासन दिया कि इस जंग में वे अकेले नही हैं। जरूरत आने पर देश भर के चिकित्सक छात्रों के समर्थन में कठोर निर्णय भी लेने को तैयार हैं। डॉ. पुनीता हसीजा ने कहा कि आईएमए हरियाणा की क्षेत्रीय टीमें बॉन्ड पालिसी के वापस लिए जाने तक प्रदेश में अलग-अलग जिलों में क्रमिक भूख हड़ताल पर बैठेगी। पीजीआई के 10 छात्र पिछले 48 घंटे भूख हड़ताल पर रहे। आईएमए अध्यक्ष ने इनका अनशन खुलवाया।
इसके बाद आईएमए टीम पीजीआई निदेशक डॉ. एसएस लोहचब से मिलने पहुंची। यहां सभी भावी चिकित्सकों की सेहत का ध्यान रखे जाने के साथ ही 24 घंटे एक एंबुलेंस व मेडिकल टीम अनशन स्थल पर तैनात करने की अपील की।

वर्जन:
बॉन्ड पॉलिसी का विरोध जारी है। इसी कड़ी में हड़ताल की गई है। इसके तहत गंभीर मरीजों को इलाज दिया जा रहा है। शेष सभी स्वास्थ्य सेवाएं बाधित हैं। चिकित्सक किसी भी सूरत में मरीज को मरने नहीं देता है। इसलिए गंभीर मरीजों के लिए कुछ चिकित्सक काम कर रहे हैं। जींद में हुए सड़क हादसे में घायल बच्चों को इलाज हमने ही दिया है। उनकी हालत को देखते हुए हड़ताल के बावजूद हमने मरीजों के स्वास्थ्य की जिम्मेदारी ली।
- डॉ. अंकित गुलिया, प्रधान, आरडीए।
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