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Haryana Politics: रोहतक में कांग्रेस के सामने गढ़ बचाने की रहेगी चुनौती, BJP की जीत से कार्यकर्ताओं में उत्साह

Mon, 04 Dec 2023 09:33 AM IST
नवीन दलाल विजेंद्र कौशिक, रोहतक (हरियाणा)
विजेंद्र कौशिक, रोहतक (हरियाणा) Published by: नवीन दलाल Updated Mon, 04 Dec 2023 09:33 AM IST
सार

प्रदेश के अंदर रोहतक को सियासी राजधानी माना जाता है। ऐसे में भूपेंद्र सिंह हुड्डा को 2024 में लोकसभा व विधानसभा चुनाव में गढ़ को बचाना चुनौती रहेगी। क्योंकि चुनाव से पहले भाजपा ने तीन राज्यों को जीत लिया है।

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Haryana Politics, Congress will face challenge of saving its stronghold in Rohtak
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

लोकसभा चुनाव से ठीक पहले राजस्थान, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में भाजपा ने सत्ता का सेमीफाइनल जीत लिया है। ऐसे में लोकसभा चुनाव के फाइनल से पहले भाजपाइयों में उत्साह और कांग्रेसियों में बेचैनी बढ़ना स्वाभाविक है। ऐसे में भूपेंद्र सिंह हुड्डा को 2024 में लोकसभा व विधानसभा चुनाव में गढ़ को बचाना की चुनौती रहेगी।

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रोहतक लोकसभा का चुनाव परिणाम तय करेगा आगामी विधानसभा चुनाव की पटकथा
प्रदेश के अंदर रोहतक को सियासी राजधानी माना जाता है। रोहतक से जीतकर ही प्रदेश से देश के पहले उप प्रधानमंत्री 1989 में ताऊ देवीलाल बने थे। साथ ही 1966 में प्रदेश में प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री बने पंडित भगवत दयाल शर्मा भी रोहतक से थे। 1987 में प्रदेश के उप मुख्यमंत्री बने डॉक्टर मंगलसेन भी रोहतक शहर से विधायक थे। इसके अलावा 10 साल मुख्यमंत्री रहे भूपेंद्र सिंह हुड्डा भी रोहतक से हैं, जबकि 2014 से अब तक मुख्यमंत्री मनोहर लाल चाहे करनाल से विधायक हैं, लेकिन उनका जन्म रोहतक के निंदाना गांव में हुआ था। उनका बचपन बनियानी गांव में बीता है। इतना ही नहीं, भाजपा का प्रदेश कार्यालय भी रोहतक में ही है।
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2019 में यूं हुआ था वार-पलटवार
पिछले लोकसभा चुनाव में भाजपा के डॉक्टर अरविंद शर्मा ने दीपेंद्र हुड्डा को हराकर सियासी पंडितों को चौंका दिया था। 1999 के बाद पहली बार कांग्रेस हारी थी, लेकिन छह माह बाद हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा जिले की चारों विधानसभा रोहतक शहर, महम, कलानौर व गढ़ी सांपला सीट हार गई थी, जबकि लोकसभा चुनाव में रोहतक शहर और कलानौर से पार्टी को लीड मिली थी।
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लोकसभा चुनाव के लिए अभी से मैदान में भाजपा व कांग्रेस
जिले के अंदर भाजपा व कांग्रेस अभी से मैदान में हैं। भाजपा के मनीष ग्रोवर जहां विकसित भारत संकल्प यात्रा के तहत कलानौर खंड में तीन दिन से पसीना बहा रहे हैं, जबकि कांग्रेस का सोमवार को रोहतक शहर के पुराने आईटीआई मैदान में पिछड़ा वर्ग सम्मेलन होना है।
रोहतक लोकसभा चुनाव एक नजर में

वर्ष विजेता पार्टी
1951 रणबीर हुड्डा कांग्रेस
1957 रणबीर हुड्डा कांग्रेस
1962 लहरी सिंह जनसंघ
1967 रणधीर सिंह कांग्रेस
1971 मुख्तार सिंह भारतीय जनसंघ
1977 शेर सिंह भारतीय लोकदल
1980 स्वामी इंद्रवेश भारतीय जनता पार्टी (एएस)
1984 हरद्वारी लाल कांग्रेस
1987 हरद्वारी लाल लोकदल
1989 देवीलाल हलोदरा
1991 भूपेंद्र हुड्डा कांग्रेस
1996 भूपेंद्र हुड्डा कांग्रेस
1998  भूपेंद्र हुड्डा कांग्रेस
1999  कैप्टन इंद्र सिंह इनेलो
2004  भूपेंद्र हुड्डा कांग्रेस
2005   दीपेंद्र हुड्डा कांग्रेस
2009 दीपेंद्र हुड्डा कांग्रेस
2014 दीपेंद्र हुड्डा कांग्रेस
2019 डाॅ. अरविंद शर्मा भाजपा

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