{"_id":"670205727fe7a98345080fbc","slug":"haryana-assembly-elections-maham-in-news-again-then-dangi-was-from-victim-side-this-time-he-accused-2024-10-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"हरियाणा विधानसभा चुनाव: फिर चर्चा में महम... तब दांगी पीड़ित पक्ष से थे, इस बार बूथ कैप्चरिंग के लगे आरोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हरियाणा विधानसभा चुनाव: फिर चर्चा में महम... तब दांगी पीड़ित पक्ष से थे, इस बार बूथ कैप्चरिंग के लगे आरोप
Sun, 06 Oct 2024 09:05 AM IST
नवीन दलाल
माई सिटी रिपोर्टर, रोहतक (हरियाणा)
माई सिटी रिपोर्टर, रोहतक (हरियाणा)
Published by: नवीन दलाल
Updated Sun, 06 Oct 2024 09:05 AM IST
सार
हरियाणा विधानसभा चुनावों के मद्देनजर एक बार फिर 34 साल पुरानी हिंसा की घटनाओं की यादें ताजा कर दी हैं। यह झड़प गांव के उस इतिहास की भी याद दिलाती है, जब 34 साल पहले महम में भीषण हिंसा हुई थी।
विज्ञापन
मदीना स्थित राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में हजपा प्रत्याशी के साथ हाथपाई में फाड़े कपड़े।
- फोटो : संवाद
विस्तार
हरियाणा विधानसभा चुनाव के चलते रोहतक में रोहतक शनिवार को मदीना गांव में हुई झड़प से 34 साल पहले हुई हिंसा की यादें ताजा हो गईं। तब उपचुनाव के दौरान हुई हिंसा में करीब 10 लोगों की मौत हो गई थी। उस समय दांगी पीड़ित पक्ष से थे और आरोप इनेलो नेता अभय चौटाला व अन्य पर लगे थे। शनिवार को मदीना में हजपा प्रत्याशी ने दांगी पर बूथ कैप्चरिंग के आरोप लगाए हैं। हालांकि, दांगी हजपा प्रत्याशी बलराज कुंडू से हुई झड़प के आरोपों को सिरे से नकार रहे हैं।
विज्ञापन
साल 1989 में ताऊ देवीलाल देश के उपप्रधानमंत्री बने थे। उनकी जगह ओमप्रकाश चौटाला प्रदेश के सीएम बनाए गए। देवीलाल ने सांसद बनने के बाद महम सीट से इस्तीफा दे दिया था। 27 फरवरी 1990 को महम सीट पर उपचुनाव हुआ। ओमप्रकाश चौटाला ने महम से नामांकन दाखिल किया। ताऊ देवीलाल के करीबी व कांग्रेस के पूर्व विधायक आनंद सिंह दांगी ने हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के चेयरमैन पद से इस्तीफा देकर महम से निर्दलीय नामांकन भरा था।
विज्ञापन
चुनाव आयोग ने धांधली की शिकायतों के मद्देनजर 8 मतदान केंद्रों बैंसी, चांदी, महम, भैणी महाराजपुर और खरैंटी में पुनर्मतदान का फैसला किया था। 28 फरवरी की सुबह 8 बजे बैंसी के राजकीय कन्या हाईस्कूल में पुनर्मतदान के लिए वोटिंग शुरू हुई, तभी केंद्र में जाने की बात को लेकर दो पक्षों में झगड़ा हो गया। मामला इतना बढ़ा की गोलियां चलने लगीं, इसमें करीब 10 लोग मारे गए थे।
विज्ञापन
हाईकोर्ट में चल रहा केस, ट्रायल व सेशन कोर्ट में खारिज हो चुकी याचिका
जिला अदालत के वरिष्ठ वकील विनोद अहलावत ने बताया कि 26 साल बाद 2016 में भिवानी जिले के गांव खरक जाटान निवासी रामफल ने महम अदालत में याचिका दायर कर कार्रवाई की मांग की। आरोप लगाया कि उसके भाई हरिसिंह की हिंसा में मौत हुई थी। याचिका में पुलिस अधिकारी शमशेर सिंह अहलावत, सुरेश कुमार, इनेलो नेता अभय सिंह चौटाला, भूपेंद्र सिंह उर्फ भूपी निवासी दरियापुर व पप्पू को आरोपी बनाया गया।
ट्रायल कोर्ट ने 2018 व 2021 में सेशन कोर्ट में याचिका खारिज कर दी। अब रामफल ने हाईकोर्ट में अपील की है, जहां मामला विचाराधीन है। अभय के वकील ने बताया कि उस दिन अभय महम ही नहीं आए। ऐसा कोई सबूत व तथ्य अदालत के सामने नहीं आया है।