फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rohtak News ›   Half the property is not being registered, people circling between corporation and tehsil

आधी प्रॉपर्टी की नहीं हो रही रजिस्ट्री, निगम और तहसील के बीच चक्कर काट रहे लोग

Fri, 18 Sep 2020 02:00 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 18 Sep 2020 02:00 AM IST
विज्ञापन
Half the property is not being registered, people circling between corporation and tehsil
नगर निगम में पूर्व पार्षद मदनलाल कुरड़ा को रजिस्ट्री कराने में आ रही दिक्कत पर समझाते हुए जोनल ट? - फोटो : RohtakCity
रोहतक। रजिस्ट्री के लिए बनाए गए नए नियमों ने आम ही नहीं, खास लोगों के भी पसीने छुड़ा दिए हैं। मकान, प्लाट या प्रॉपर्टी की टुकड़ों के रजिस्ट्री नहीं हो रही है। इसके चलते लोग नगर निगम व तहसील के बीच चक्कर काट रहे हैं। स्थानीय अधिकारी मुख्यालय स्तर का मामला बताकर टरका रहे हैं। ----
विज्ञापन

केस नंबर 1 : 35 वर्ग गज जमीन, निगम के रिकार्ड में 33 वर्ग गज, नहीं हो रही रजिस्ट्री
नगर निगम के पूर्व पार्षद मदनलाल कुरड़ा ने बताया कि गांधी कैंप में उनकी 35 वर्ग गज जमीन है। जांच करने पर निगम के रिकार्ड में 33 वर्ग गज जमीन मिली। इस कारण वह जमीन की रजिस्ट्री नहीं करवा सके। क्योंकि ई-टोकन नहीं मिल रहा है। तहसील में कहा गया कि, आप बाहर से ही ई-टोकन लें। इसके बाद नगर निगम में आया, जहां बताया गया कि पहले तो पूरी प्रॉपर्टी दर्ज कराएं। इसके बाद यह अपडेट मुख्यालय जाएगी। वहां से निगम के पास आएगी। तब वे अपडेट करेंगे। इसमें कितना समय लगेगा, किसी को पता नहीं है।
विज्ञापन

.......
केस नंबर 2 : 500 वर्ग गज में से 250 वर्ग गज का नहीं मिल रहा टोकन
प्रीत विहार के राकेश कुमार ने बताया कि उसके परिचित का 500 वर्ग गज प्लाट है, जिसमें से वह 250 वर्ग गज बेचना चाहता है। जब इसके लिए ई-टोकन लेने का प्रयास किया तो नहीं मिला। बताया गया कि निगम के प्रॉपर्टी टैक्स रिकार्ड में पूरे 500 वर्ग गज की एक ही आईडी बनी है। जब तक प्रॉपर्टी टैक्स व विकास शुल्क जमा नहीं होगा, तब तक ऑनलाइन ई-टोकन नहीं मिलेगा। बिना टोकन के रजिस्ट्री नहीं होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

.........
तहसील में हो रहीं 50 प्रतिशत रजिस्ट्री
नए नियम से पहले तहसील में एक दिन में 70 के करीब रजिस्ट्री होती थीं, लेकिन नया नियम आने के बाद रजिस्ट्री की संख्या 50 प्रतिशत से भी कम रह गई है। इतनी रजिस्ट्री अब दो दिन में हो रही हैं। वीरवार को मात्र 29 रजिस्ट्री हो सकी हैं। जानकारों का कहना है कि नए नियम से चाहे आम लोगों को परेशानी हो रही है, लेकिन इससे गड़बड़ी की संभावना कम हुई है। धीरे-धीरे व्यवस्था पटरी पर आ जाएगी।
--
प्रॉपर्टी की टुकड़ों में रजिस्ट्री नहीं हो रही है। क्योंकि बिना निगम की एनओसी के ई-टोकन नहीं मिल रहा है। मुख्यालय को पत्र लिखकर स्थिति से अवगत करवा दिया गया है। मुख्यालय की तरफ से ही कोई समाधान निकाला जाएगा।

-राजेश कुमार, तहसीलदार
.....
हर रोज निगम में लोग पूछताछ केंद्र पर रजिस्ट्री को लेकर आ रहे हैं। साफ्टवेयर के अंदर आवेदनकर्ता को एसएमएस लिखना होगा कि वह कितने हिस्से की रजिस्ट्री करवाना चाहता है। इसके बाद मुख्यालय से निगम के पास अपडेट आएगी। निगम तभी उतने हिस्से की प्रॉपर्टी आईडी बनाएगा।
-जगदीश चंद्र, जोनल टैक्स आफिसर नगर निगम
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed