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पीजीआई में हीमोफिलिया रोगियों की होगी इन्हबिटिर जांच
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हीमोफिलिया के रोगियों के लिए रविवार को पीजीआईएमएस में पहली बार इन्हिबिटर जांच (शरीर में रक्त स्त्राव रोकने संबंधी जांच) की होगी। शिशु रोग विभाग, हिमाटोलॉजी विभाग व हीमोफिलिया सोसायटी के साथ मिलकर सीएमसी लुधियाना की सहायता से कैंप आयोजित करने जा रहा है। इसमें करीब एक सौ रोगियों के रक्त की जांच होगी। इसके साथ ही सीएमई (कॉन्टीन्यूइंग मेडिकल एजूकेशन) का आयोजन होगा।
ऑर्गेनाइजिंग चेयरपर्सन डॉ. संजीव नंदा व ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेटरी डॉ. अलका यादव ने संयुक्त रूप से बताया कि हिमोफिलिया अनुवांशिक बीमारी है। जिसके बारे में लोगों को जागरूक करना जरूरी है। रविवार को लेक्चर थियेटर-वन में रोगियों के लिए इन्हिबिटर स्क्रीनिंग कैंप लगेगा जिसमें इन्हिबिटर टेस्ट होगा। इस टेस्ट की सुविधा पीजीआईएमएस व आसपास क्षेत्र में उपलब्ध नहीं होने की वजह से सीएमसी वेल्लोर, मुंबई या सीएमसी लुधियाना में जांच होती है। सीएमसी लुधियाना के विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम कैंप में करीब 100 मरीजों का यह टेस्ट करेगी। डॉ. सुधीर अत्री ने बताया कि इस स्क्रीनिंग टेस्ट से मरीजों को राहत मिलेगी। हीमोफिलिया का इलाज करने वाले चिकित्सकों को नवीनतम तकनीक अपडेट की जानकारी देने के लिए सीएमई का आयोजन होगा। कोई भी आमजन व चिकित्सक सीएमई में सुबह नौ बजे से दोपहर एक बजे तक रहकर हीमोफिलिया के प्रति अधिक जानकारी ले सकता है।
ये होते हैं हीमोफिलिया के लक्षण
यदि किसी बच्चे के शरीर में नीले-नीले निशान बनते हैं। नाक से खून बहता है। आंख से खून निकलता है। जोड़ों में सूजन की समस्या है। चोट लगने पर खून का रिसाव बंद नहीं होता, तो सावधान होने की जरूरत है। बच्चों को हीमोफिलिया की शिकायत हो सकती है।
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ऑर्गेनाइजिंग चेयरपर्सन डॉ. संजीव नंदा व ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेटरी डॉ. अलका यादव ने संयुक्त रूप से बताया कि हिमोफिलिया अनुवांशिक बीमारी है। जिसके बारे में लोगों को जागरूक करना जरूरी है। रविवार को लेक्चर थियेटर-वन में रोगियों के लिए इन्हिबिटर स्क्रीनिंग कैंप लगेगा जिसमें इन्हिबिटर टेस्ट होगा। इस टेस्ट की सुविधा पीजीआईएमएस व आसपास क्षेत्र में उपलब्ध नहीं होने की वजह से सीएमसी वेल्लोर, मुंबई या सीएमसी लुधियाना में जांच होती है। सीएमसी लुधियाना के विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम कैंप में करीब 100 मरीजों का यह टेस्ट करेगी। डॉ. सुधीर अत्री ने बताया कि इस स्क्रीनिंग टेस्ट से मरीजों को राहत मिलेगी। हीमोफिलिया का इलाज करने वाले चिकित्सकों को नवीनतम तकनीक अपडेट की जानकारी देने के लिए सीएमई का आयोजन होगा। कोई भी आमजन व चिकित्सक सीएमई में सुबह नौ बजे से दोपहर एक बजे तक रहकर हीमोफिलिया के प्रति अधिक जानकारी ले सकता है।
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ये होते हैं हीमोफिलिया के लक्षण
यदि किसी बच्चे के शरीर में नीले-नीले निशान बनते हैं। नाक से खून बहता है। आंख से खून निकलता है। जोड़ों में सूजन की समस्या है। चोट लगने पर खून का रिसाव बंद नहीं होता, तो सावधान होने की जरूरत है। बच्चों को हीमोफिलिया की शिकायत हो सकती है।
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