{"_id":"5ee3b8d38ebc3e42d05de214","slug":"government-will-give-loan-of-10-thousand-for-one-year-cashback-will-be-given-on-digital-transaction-rohtakcity-news-rtk5591658161","type":"story","status":"publish","title_hn":"एक साल के लिए 10 हजार का लोन देगी सरकार, डिजिटल लेन-देन पर मिलेगा कैशबैक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एक साल के लिए 10 हजार का लोन देगी सरकार, डिजिटल लेन-देन पर मिलेगा कैशबैक
विज्ञापन
कोरोना काल में रोजगार चलाने के लिए केंद्र सरकार रेहड़ी, फड़ी व ठेला संचालकों को एक साल के लिए 10 हजार रुपये लोन देगी। इसे मासिक किस्त माध्यम से 7 प्रतिशत ब्याज के साथ लौटाना होगा। 7 प्रतिशत से ज्यादा ब्याज दर का भार सरकार न केवल खुद वहन करेगी, बल्कि हर माह 200 डिजिटल लेनदेन करने पर 100 रुपये कैशबेक देगी। यह राशि मासिक लोन राशि की किस्त से कट जाएगी।
निगम के मुताबिक केंद्र सरकार की तरफ से प्रधानमंत्री आत्म निर्भर निधि पॉलिसी जारी की गई है। इस योजना के माध्यम से रेहड़ी, फड़ी व ठेला लगाकर परिवार का गुजारा करने वाले लोगों की सहायता की जाएगी। नियमों के तहत 24 मार्च 2020 से पहले स्ट्रीट वेंडर पॉलिसी के तहत पंजीकरण होना अनिवार्य है। इसके लिए शहरी निकाय विभाग की तरफ से पहचान पत्र जारी होना चाहिए या तय तिथि से पहले पंजीकरण होना चाहिए। रोहतक नगर निगम स्ट्रीट वेंडर पॉलिसी के तहत 3 हजार 655 रेहड़ी व फड़ी वालों का पंजीकरण कर चुका है। इसमें 600 को पहचान पत्र जारी हो चुके हैं, जबकि 200 को लॉकडाउन के दौरान जारी किए गए।
एक माह में 200 डिजिटल लेनदेन पर मिलेंगे 100 रुपये
पॉलिसी के तहत सरकार ने डिजिटल लेनदेन पर फोकस करने का निर्णय किया है। अगर लोन लेने वाला रेहड़ी व फड़ी संचालक एक माह में 200 ग्राहकों से पैसा डिजिटल तरीके से लेता है तो उसे 100 रुपये कैशबेक मिलेगा। यह राशि उसकी लोन की मासिक किस्त से कट जाएगी। इसमें 50 लेनदेन पर 50 व 100 लेनदेन पर 75 रुपये मिलेंगे।
विज्ञापन
जून, दिसंबर व मार्च माह में सब्सिडी जमा कराएगी सरकार
एक्सपर्ट के मुताबिक लोन किस मकसद के तहत लिया जा रहा है, उसी हिसाब से ब्याज की दर लगाते हैं। हाउस लोन पर कम ब्याज है, जबकि निजी लोन पर ज्यादा है। इस योजना में 10 हजार रुपये का बैंक लोन लेने वाले से 7 प्रतिशत ब्याज ही वसूलेगा। बाकी ब्याज सरकार जून, दिसंबर व मार्च माह में पाक्षिक जमा कराएगी।
यूं समझे पूरा गणित
उदाहरण के तौर पर 10 हजार रुपये का लोन एक साल के लिए लिया जाता है तो उसकी मासिक किस्त 946 रुपये बनेगी। इसमें 58 रुपये सरकार ब्याज में देगी। जबकि 200 डिजिटल लेनदेन करने पर 100 रुपये मासिक कैश बेक मिलेगा। यह राशि मासिक किस्त से कम हो जाएगी। ब्याज के हिसाब से किस्त कम होती चली जाएगी।
केंद्र सरकार ने कोरोना काल में रेहड़ी व फड़ी लगाने वाले पंजीकृत स्ट्रीट वेंडर को आत्मनिर्भर बनाने के लिए विशेष पॉलिसी जारी की है। जिसे प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर निधि नाम दिया गया है। 1 जुलाई से योजना के तहत पंजीकृत स्ट्रीट वेंडर ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। इसके लिए शहर निकाय विभाग एप जारी करेगा। सभी आवेदन एप के माध्यम से होंगे। किसी तरह की आवेदन फीस नहीं ली जाएगी।
- जगदीश चंद्र, स्पेशल प्रोजेक्ट ऑफिसर एवं जोनल टैक्स ऑफिसर, नगर निगम।
विज्ञापन
निगम के मुताबिक केंद्र सरकार की तरफ से प्रधानमंत्री आत्म निर्भर निधि पॉलिसी जारी की गई है। इस योजना के माध्यम से रेहड़ी, फड़ी व ठेला लगाकर परिवार का गुजारा करने वाले लोगों की सहायता की जाएगी। नियमों के तहत 24 मार्च 2020 से पहले स्ट्रीट वेंडर पॉलिसी के तहत पंजीकरण होना अनिवार्य है। इसके लिए शहरी निकाय विभाग की तरफ से पहचान पत्र जारी होना चाहिए या तय तिथि से पहले पंजीकरण होना चाहिए। रोहतक नगर निगम स्ट्रीट वेंडर पॉलिसी के तहत 3 हजार 655 रेहड़ी व फड़ी वालों का पंजीकरण कर चुका है। इसमें 600 को पहचान पत्र जारी हो चुके हैं, जबकि 200 को लॉकडाउन के दौरान जारी किए गए।
विज्ञापन
एक माह में 200 डिजिटल लेनदेन पर मिलेंगे 100 रुपये
पॉलिसी के तहत सरकार ने डिजिटल लेनदेन पर फोकस करने का निर्णय किया है। अगर लोन लेने वाला रेहड़ी व फड़ी संचालक एक माह में 200 ग्राहकों से पैसा डिजिटल तरीके से लेता है तो उसे 100 रुपये कैशबेक मिलेगा। यह राशि उसकी लोन की मासिक किस्त से कट जाएगी। इसमें 50 लेनदेन पर 50 व 100 लेनदेन पर 75 रुपये मिलेंगे।
विज्ञापन
जून, दिसंबर व मार्च माह में सब्सिडी जमा कराएगी सरकार
एक्सपर्ट के मुताबिक लोन किस मकसद के तहत लिया जा रहा है, उसी हिसाब से ब्याज की दर लगाते हैं। हाउस लोन पर कम ब्याज है, जबकि निजी लोन पर ज्यादा है। इस योजना में 10 हजार रुपये का बैंक लोन लेने वाले से 7 प्रतिशत ब्याज ही वसूलेगा। बाकी ब्याज सरकार जून, दिसंबर व मार्च माह में पाक्षिक जमा कराएगी।
यूं समझे पूरा गणित
उदाहरण के तौर पर 10 हजार रुपये का लोन एक साल के लिए लिया जाता है तो उसकी मासिक किस्त 946 रुपये बनेगी। इसमें 58 रुपये सरकार ब्याज में देगी। जबकि 200 डिजिटल लेनदेन करने पर 100 रुपये मासिक कैश बेक मिलेगा। यह राशि मासिक किस्त से कम हो जाएगी। ब्याज के हिसाब से किस्त कम होती चली जाएगी।
केंद्र सरकार ने कोरोना काल में रेहड़ी व फड़ी लगाने वाले पंजीकृत स्ट्रीट वेंडर को आत्मनिर्भर बनाने के लिए विशेष पॉलिसी जारी की है। जिसे प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर निधि नाम दिया गया है। 1 जुलाई से योजना के तहत पंजीकृत स्ट्रीट वेंडर ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। इसके लिए शहर निकाय विभाग एप जारी करेगा। सभी आवेदन एप के माध्यम से होंगे। किसी तरह की आवेदन फीस नहीं ली जाएगी।
- जगदीश चंद्र, स्पेशल प्रोजेक्ट ऑफिसर एवं जोनल टैक्स ऑफिसर, नगर निगम।