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अमित अगर क्लोज रहकर खेलता तो गोल्ड हमारा था
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रूस के ऐकातेरिनबुर्ग में चल रही वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप में बॉक्सर अमित पंघाल के रजत पदक जित?
देखो जी, मुकाबले में अमित लोंग रेंज से खेल रहा था, जबकि हमारी रणनीति क्लोज रहकर खेलने की थी। अगर वे विरोधी बॉक्सर के क्लोज रहकर खेलता तो गोल्ड हमारा था। दूर से खेलने से अमित के पंच मिस हुए, इसके अतिरिक्त विरोधी बॉक्सर का बैंलेंस भी अच्छा था। यह कहना है भारतीय बॉक्सिंग टीम के कोच जगदीप हुड्डा का। रूस के ऐकातेरिनबुर्ग शहर में चल रही वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप के 52 किलो भारवर्ग के फाइनल मुकाबले में बॉक्सर अमित पंघाल को उज्बेकिस्तान के बॉक्सर के हाथों 5-0 से हारकर रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
भारतीय बॉक्सिंग टीम के कोच जगदीप हुड्डा ने बताया कि फाइनल मुकाबले में विरोधी बॉक्सर अमित को पास नहीं आने दे रहा था, इसके साथ साथ ही उसका संतुलन भी अच्छा था। जिस कारण से ही अमित के पंच मिस हो रहे थे। उन्होंने बताया कि फिर भी अमित काफी अच्छा खेला, उसे अब ओलंपिक के लिए अपनी तैयारियां तेज करनी होगी।
अब ओलंपिक में करेंगे हिसाब बराबर
अमित के फाइनल में 5-0 से हारने के बाद कोच हुड्डा ने बताया कि मुकाबले का परिणाम आने के बाद अपील करने का कोई फायदा नहीं था। उन्होंने बताया कि इस तरह के टूर्नामेंट में होस्ट कंट्री का दबदबा बना रहता है। अगर हम अपील भी करते तो यह बात आती अमित को एक जज ने नहीं पांचों जजों ने हराया है। अपील करने से बेहतर है हम ओलंपिक खेलों में इस बॉक्सर के साथ हिसाब-किताब बराबर करें। हमारी तरफ से तो अमित इस मुकाबले को जीत ही चुका है। वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप के इतिहास में वह पहला भारतीय बॉक्सर बना जिसने रजत पदक जीता।
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भारतीय बॉक्सिंग टीम के कोच जगदीप हुड्डा ने बताया कि फाइनल मुकाबले में विरोधी बॉक्सर अमित को पास नहीं आने दे रहा था, इसके साथ साथ ही उसका संतुलन भी अच्छा था। जिस कारण से ही अमित के पंच मिस हो रहे थे। उन्होंने बताया कि फिर भी अमित काफी अच्छा खेला, उसे अब ओलंपिक के लिए अपनी तैयारियां तेज करनी होगी।
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अब ओलंपिक में करेंगे हिसाब बराबर
अमित के फाइनल में 5-0 से हारने के बाद कोच हुड्डा ने बताया कि मुकाबले का परिणाम आने के बाद अपील करने का कोई फायदा नहीं था। उन्होंने बताया कि इस तरह के टूर्नामेंट में होस्ट कंट्री का दबदबा बना रहता है। अगर हम अपील भी करते तो यह बात आती अमित को एक जज ने नहीं पांचों जजों ने हराया है। अपील करने से बेहतर है हम ओलंपिक खेलों में इस बॉक्सर के साथ हिसाब-किताब बराबर करें। हमारी तरफ से तो अमित इस मुकाबले को जीत ही चुका है। वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप के इतिहास में वह पहला भारतीय बॉक्सर बना जिसने रजत पदक जीता।
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