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Rohtak News: सब्सिडी वाली यूरिया से बनाई जा रही थी गोंद, 596 बैग बरामद, फैक्टरी की सील

Thu, 05 Feb 2026 02:30 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 05 Feb 2026 02:30 AM IST
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Glue was being made from subsidized urea; 596 bags were recovered and the factory was sealed.
संवाद न्यूज एजेंसी
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सांपला। कृषि विभाग की टीम ने मंगलवार को इस्माईला गांव में कुलताना रोड स्थित मधार इंडस्ट्रीज में गोंद बनाने वाली फैक्टरी में छापा डालकर यूरिया के 506 बैग पकड़े हैं। थाना सांपला पुलिस ने फैक्टरी को सील कर दिल्ली के रोहिणी के सेक्टर-17 निवासी संचालक संदीप गर्ग के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। आरोप है कि सब्सिडी वाली यूरिया को गोंद बनाने में इस्तेमाल किया जा रहा था।
कृषि विभाग के गुणवत्ता नियंत्रण निरीक्षक दिनेश कुमार शर्मा व उपमंडल कृषि अधिकारी संदीप सिंह ने गुप्त सूचना पर गोंद बनाने वाली फैक्टरी में छापा डाला। टीम के साथ मौजूद सांपला पुलिस ने फैक्टरी संचालक संदीप गर्ग को बुलाकर जांच की।
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पुलिस को जांच में मौके से नई दिल्ली, साकेत इफ्को में बने भारत यूरिया के 181 बैग, नर्मदा वैली भैरुच, गुजरात के निर्मित टेक्निकल ग्रेड यूरिया के 325 बैग, जीएसएसी वदारन गुजरात के 125 बैग बरामद हुए हैं। कृषि विभाग ने खाद के चार सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिए हैं। आरोपी फैक्टरी संचालक को पुलिस ने गिरफ्तार नहीं किया गया है।
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वर्जन

गोंद बनाने वाली फैक्टरी में यूरिया के 506 बैग पकड़े गए हैं। इनका प्रयोग प्रतिबंध के बावजूद गोंद बनाने में हो रहा था। फैक्टरी भी सील कर दी गई है।

- संदीप कुमार, एसडीओ, कृषि विभाग

फैक्टरी संचालक संदीप गर्ग के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच की जा रही है। जांच में आरोप सही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

- पंकज कुमार, प्रभारी, सांपला थाना
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खेती के लिए खाद की रहती है मारामारी
कृषि विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, जिले में करीब ढाई लाख हेक्टेयर भूमि पर खेती की जाती है। भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़ाने के लिए किसानों की ओर से डीएपी व यूरिया का इस्तेमाल किया जाता है। जिले में फसलों की बिजाई के हिसाब से जितनी खाद्य व यूरिया की जरूरत होनी चाहिए, उससे तीन गुना ज्यादा डिमांड रहती है। रबी व खरीफ फसलों का सीजन शुरू होते ही खाद की मारामारी शुरू हो जाती है। किसान खाद के लिए भटकते रहते हैं। किसानों की ओर से कालाबाजारी के आरोप लगाए जाते रहते हैं। सरकार ने यूरिया व खाद की कलाबाजी रोकने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। इसी अभियान के तहत विभाग की टीम छापा डाल रही है।
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