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Rohtak News: गढ़ी बोहर, तिलियार बुझाएंगे शहर की प्यासम
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आनंद कुमार मिश्रा
रोहतक। शहर की पेजयल समस्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। अब यह बात जनस्वास्थ्य विभाग ने भी मान ली है कि अभी जलापूर्ति की जो व्यवस्था चली आ रही है, उससे शहरभर की प्यास नहीं बुझाई जा सकती है।
नई पेयजल लाइन डालने और वाटर स्टोरेज क्षमता बढ़ाने के अलावा विभाग के पास फिलहाल कोई दूसरा विकल्प नहीं दिखता। जनस्वास्थ्य विभाग ने जल स्टोरेज को लेकर गंभीरता दिखाते हुए शहर में दो जगह चिह्नित की है। गढ़ी बोहर में 16 एकड़ और तिलियार में 24 एकड़ भूमि पर जल स्टोरेज करने की योजना है।
जल स्टोरेज के बाद शहर को 30 वर्ष तक पेयजल समस्या से निजात मिल जाएगी। जनस्वास्थ्य विभाग ने सरकार के पास 40 एकड़ भूमि के लिए प्रपोजल भेजा है।
रोजाना 8.70 करोड़ लीटर जलापूर्ति की शहर को जरूरत : फिलहाल जनस्वास्थ्य विभाग चार जलघरों (मानसरोवर पार्क, झज्जर रोड, देव कॉलोनी और सोनीपत रोड) से लोगों को पेयजल आपूर्ति करता है। शहरवासियों को रोजाना 8.70 करोड़ लीटर शुद्ध पानी की आपूर्ति चाहिए, मगर ऐसा नहीं होता। गर्मी में 145 लीटर पानी प्रति व्यक्ति के हिसाब से आपूर्ति तो दूर की बात प्यास बुझाने तक के लिए पानी नहीं मिलता। इसकी वजह जलापूर्ति नहरों में पानी छोड़ने पर आधारित है। जनस्वास्थ्य विभाग के अनुसार, चारों जलघरों में रॉ वाटर की स्टोरेज क्षमता कम होने से पेयजल संकट गहराता है। रोस्टर के हिसाब से नहर में पानी आने में दो-तीन दिन की देरी होने पर कटौती करनी पड़ती है। जैसे-जैसे नहरों में देरी से पानी आता है, वैसे-वैसे पानी का संकट गहराता जाता है। जब तक जलघरों की रॉ वाटर स्टोरेज क्षमता नहीं बढ़ेगी, तब तक पेयजल संकट का निदान संभव नहीं है।
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रोहतक। शहर की पेजयल समस्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। अब यह बात जनस्वास्थ्य विभाग ने भी मान ली है कि अभी जलापूर्ति की जो व्यवस्था चली आ रही है, उससे शहरभर की प्यास नहीं बुझाई जा सकती है।
नई पेयजल लाइन डालने और वाटर स्टोरेज क्षमता बढ़ाने के अलावा विभाग के पास फिलहाल कोई दूसरा विकल्प नहीं दिखता। जनस्वास्थ्य विभाग ने जल स्टोरेज को लेकर गंभीरता दिखाते हुए शहर में दो जगह चिह्नित की है। गढ़ी बोहर में 16 एकड़ और तिलियार में 24 एकड़ भूमि पर जल स्टोरेज करने की योजना है।
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जल स्टोरेज के बाद शहर को 30 वर्ष तक पेयजल समस्या से निजात मिल जाएगी। जनस्वास्थ्य विभाग ने सरकार के पास 40 एकड़ भूमि के लिए प्रपोजल भेजा है।
रोजाना 8.70 करोड़ लीटर जलापूर्ति की शहर को जरूरत : फिलहाल जनस्वास्थ्य विभाग चार जलघरों (मानसरोवर पार्क, झज्जर रोड, देव कॉलोनी और सोनीपत रोड) से लोगों को पेयजल आपूर्ति करता है। शहरवासियों को रोजाना 8.70 करोड़ लीटर शुद्ध पानी की आपूर्ति चाहिए, मगर ऐसा नहीं होता। गर्मी में 145 लीटर पानी प्रति व्यक्ति के हिसाब से आपूर्ति तो दूर की बात प्यास बुझाने तक के लिए पानी नहीं मिलता। इसकी वजह जलापूर्ति नहरों में पानी छोड़ने पर आधारित है। जनस्वास्थ्य विभाग के अनुसार, चारों जलघरों में रॉ वाटर की स्टोरेज क्षमता कम होने से पेयजल संकट गहराता है। रोस्टर के हिसाब से नहर में पानी आने में दो-तीन दिन की देरी होने पर कटौती करनी पड़ती है। जैसे-जैसे नहरों में देरी से पानी आता है, वैसे-वैसे पानी का संकट गहराता जाता है। जब तक जलघरों की रॉ वाटर स्टोरेज क्षमता नहीं बढ़ेगी, तब तक पेयजल संकट का निदान संभव नहीं है।
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