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मेडिकल संस्थान में एडमिशन दिलवाने के नाम पर साढ़े 22 लाख ठगे

Mon, 23 Mar 2020 11:57 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 23 Mar 2020 11:57 PM IST
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froud for admission in medical institute
अमर उजाला ब्यूरो
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रोहतक। गुजरात के एक नामी एमबीबीएस संस्थान में छात्रा को दाखिला दिलवाने के नाम पर सीनियर सिटीजन सेल झज्जर में कार्यरत रोहतक निवासी एक शख्स से साढ़े 22 लाख रुपयों की ठगी का मामला सामने आया है। जिसकी शिकायत पीड़ित ने पुलिस को की है। जिस पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने गुजरात निवासी दंपति, नवीं मुंबई निवासी व्यक्ति सहित मेडिकल साइंस संस्था गुजरात के अध्यक्ष पर साजिश रचने, धोखाधड़ी करने सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस को दी शिकायत में तिलक नगर निवासी मुकेश कुमार ने बताया कि वह सीनियर सिटीजन सेल झज्जर में कार्यरत है। उसके ताऊ के बेटे राकेश ने गुजरात के अरवली जिले के गांव टिनटोई में होटल किया हुआ है। राकेश का वहां काम करते हुए हार्दिक वैद्य से संपर्क हुआ। हार्दिक ने उसे कहा था कि अगर किसी का एमबीबीएस में दाखिला करवाना हो वह करवा देगा। मुकेश की बेटी ने 2015 में मेडिकल साइंस से 12वीं कक्षा पास की हुई थी। इस पर उसने बेटी का दाखिला करवाने की बात कही। इस पर हार्दिक ने स्वयं ही रोहतक आकर फार्म भरवाने से लेकर दाखिला करवाने तक की बात कही। हार्दिक ने इस सबका कुल खर्चा साढ़े 37 लाख रुपये बताया। इस पर उन्होंने 3 जून 2015 को 5 लाख रुपये नकद व बेटी के दाखिले से संबंधित दस्तावेज हार्दिक व उसकी पत्नी को दे दिए। इस तरह से उसने दाखिला प्रक्रिया पूरा होने तक चार बार में 26 लाख रुपये और दे दिए। 6 नवंबर को जब वह अपनी पत्नी के साथ बेटी को कॉलेज छोड़ने के लिए महाराष्ट्र के जिला सतारा के रवाटव तालुका के एमआर देशमुख साइंस विधागिरी मयानी में पहुंचे तो वहां उनसे हॉस्टल और कॉलेज में दाखिले का नाम पर 7 लाख रुपए और ले लिए। 26 नवंबर को लव किशोर गुप्ता नाम के शख्स ने उनको फोन करके कहा कि उसकी बेटी की दाखिला प्रक्रिया शुरू हो गई है इसलिए वह बाकी के साढ़े 5 लाख रुपये और भेज दें।
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6 नवंबर को मुकेश अपनी बेटी व पत्नी को लेकर उक्त मेडिकल कॉलेज में छोड़ने के लिए गए थे। वहां पर एमआर देशमुख साइंस विधागिरी मयानी तालूका-रवाटव जिला सतारा महाराष्ट्र ने होस्टल ने हॉस्टल व कालेज में दाखिले के लिए फार्म भरवाएं व 7 लाख रुपये नकद ले लिए। 26 नवंबर को लव किशोर गुप्ता ने फोन के माध्यम से सूचना दी की उसकी बेटी के एडमिशन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। शेष पेमेंट 5 लाख 50 हजार रुपयों को वह 5 लाख 50 हजार रुपये डाल दे। उसके बाद मैंने उक्त राशि भी उनके द्वारा दिए गए खाते में भेज दी। उसके बाद जनवरी 2016 में उक्त कॉलेज में कक्षाएं लगनी बंद हो गई। उस पर बेटी द्वारा कक्षा बंद होने होने व उनके द्वारा इसके बारे में कॉलेज से जब पूछा गया तो उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट में संस्थान ने मान्यता से संबंधित याचिका लगा रखी थी जो कि खारिज हो गई। प्राचार्य ने यह भी कहा कि हम आपकी बेटी का दाखिला 2016-17 सत्र के लिए कर लेंगे। जिस पर उन्होंने संस्थान से फीस वापस मांगी। इस पर उन्होंने मुझे साढ़े 5 लाख के चेक दे दिया। जिस पर उन्हें रसीद दिखाई तो कहा कि डेढ़ लाख हॉस्टल चार्ज का काटा है। उन्होंने दिए गए चेक को रोहतक आने पर वापस लगाया तो वह भी बाउंस हो गया। इसके अलावा उन्होंने इस बारे में हार्दिक, उसकी पत्नी पलक, लव अवध किशोर गुप्ता, महादेव रामचंद्र देशमुख से पैसे मांगे तो उन्होंने 37 लाख पचास हजार रुपये में से 9 लाख पचास हजार रुपये वापस दे दिए। बाकि पैसे मांगने पर उसे धमकी देने लगे व उसका फोन भी उठाना बंद कर दिया। शिकायत पर पुलिस ने हार्दिक, पलक निवासी लिंबाचिया एजूकेशनल सोसायटी मानसा जिला गांधीनगर गुजरात, लव अवध किशोर गुप्ता, खाबर डेली बाजार मुंबई, मेडिकल साइंस संस्था के अध्यक्ष डॉ. महादेव रामचंद्रा देशमुख निवासी महाराष्ट्र पर विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
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