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बसों में फॉग लाइट्स न रिफ्लेक्टर, धुंध में कैसे होगा सफर सुरक्षित
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आगामी कुछ दिनों में धुंध पड़ने लगेगी। लेकिन रोडवेज बसों में फॉग लाइट्स, रिफ्लेक्टर और न चमकीली सफेद-लाल पट्टी लगाई गई है। मोड़ों पर साइन बोर्ड तक नहीं हैं। ऐसे में चालकों को रात के समय बस चलाने में दिक्कत होती है। अनहोनी की आशंका रहती है। यह आरोप हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन के राज्य कार्यालय सचिव जयकुंवार दहिया ने लगाए हैं। वहीं जब मामला डिपो के जीएम तक पहुंचा तो उन्होंने बसों में फॉग लाइट्स व अन्य व्यवस्थाएं कराने के आदेश दिए।
उन्होंने बताया कि धुंध में सुरक्षित बसों का संचालन करने के लिए रोडवेज की तरफ से बसों में पीली बत्ती (फॉग लाइट्स) लगवाई जाती है। आगे-पीछे चलने वाले वाहनों के चालकों को बस दिखे, इसके लिए रिफ्लेक्टर और चमकीली सफेद-लाल पट्टी लगाई जाती हैं, जो अभी तक नहीं लगी है। पीडब्ल्यूडी की तरफ से सड़कों पर पट्टी कराई जाती है। मोड़ों पर रेडियम के संकेतक लगाए जाते हैं, जो अभी तक नहीं लगे हैं। ऐसे में चालक को बस चलाने में काफी दिक्कत होती है। काफी धीमी रफ्तार में चलाने पर भी बस के सड़क से उतरने का खतरा रहता है। उन्होंने बताया कि रोहतक डिपो की 183 बसें ऑन रूट हैं। इनमें से इक्का-दुक्का बसों में चालकों ने अपने स्तर से पीली बत्ती लगवाई है। रोडवेज की तरफ से अभी तक किसी भी बस में नहीं लगी है, जो गलत है।
वर्कशॉप प्रबंधक और फोरमैन को आदेश कर दिए हैं कि प्रत्येक बस में एक सप्ताह के अंदर फॉग लाइट्स लगवाना सुनिश्चित करेंगे। बिना फॉग लाइट के किसी भी बस का संचालन नहीं होगा।
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- दलबीर फौगाट, जीएम रोहतक डिपो
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उन्होंने बताया कि धुंध में सुरक्षित बसों का संचालन करने के लिए रोडवेज की तरफ से बसों में पीली बत्ती (फॉग लाइट्स) लगवाई जाती है। आगे-पीछे चलने वाले वाहनों के चालकों को बस दिखे, इसके लिए रिफ्लेक्टर और चमकीली सफेद-लाल पट्टी लगाई जाती हैं, जो अभी तक नहीं लगी है। पीडब्ल्यूडी की तरफ से सड़कों पर पट्टी कराई जाती है। मोड़ों पर रेडियम के संकेतक लगाए जाते हैं, जो अभी तक नहीं लगे हैं। ऐसे में चालक को बस चलाने में काफी दिक्कत होती है। काफी धीमी रफ्तार में चलाने पर भी बस के सड़क से उतरने का खतरा रहता है। उन्होंने बताया कि रोहतक डिपो की 183 बसें ऑन रूट हैं। इनमें से इक्का-दुक्का बसों में चालकों ने अपने स्तर से पीली बत्ती लगवाई है। रोडवेज की तरफ से अभी तक किसी भी बस में नहीं लगी है, जो गलत है।
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वर्कशॉप प्रबंधक और फोरमैन को आदेश कर दिए हैं कि प्रत्येक बस में एक सप्ताह के अंदर फॉग लाइट्स लगवाना सुनिश्चित करेंगे। बिना फॉग लाइट के किसी भी बस का संचालन नहीं होगा।
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- दलबीर फौगाट, जीएम रोहतक डिपो