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Rohtak News: हॉलमार्क विरोध में दो घंटे तक बंदी रहीं पांच हजार दुकानें
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रोहतक। हॉलमार्क यूनिक आइडेंटिफिकेशन यानि एचयूआईडी के विरोध में वीरवार को शहर में ज्वलेर्स मार्केट की पांच हजार के करीब दुकानें बंद रही। आभूषण व्यापारियों ने पहले तो अग्रसेन चौक पर एकत्रित होकर प्रदर्शन किया, इसके बाद भिवानी स्टैंड तक पैदल मार्च निकाला। इसके बाद डीसी कार्यालय जाकर अधिकारियों को राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री के नाम मांग पत्र देकर एचयूआईडी हटाकर सेल्फ अटेस्टिड करने की अनुमति मांगी।
इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स के प्रदेश अध्यक्ष राकेश वर्मा ने कहा कि हॉलमार्क नियम से आभूषण व्यापारी परेशान हैं, क्योंकि व्यापारियों का ज्यादातर समय बीआईएस की साइट चालू होने के इंतजार में चला जाता है। इसके चलते ग्राहक को तय समय पर जेवर की अदायगी करना मुसीबत बन गया है। वहीं, रोहतक ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष हेमन्त बक्शी ने कहा की जांच केंद्र के कर्मचारी आभूषण पर शुद्धता जांचने के नाम पर आभूषण पर खरोंच लगा देते हैं, जिसके बाद ग्राहक आभूषण नहीं लेता। जेवर की फिनिशिंग भी खत्म हो जाती है। हीरे के जेवरात बदलने जाने का डर रहता है। बीआईएस के अधिकारियों द्वारा जिलों व कस्बों से पासिंग के लिए गए सैंपलसैम्पल भी वापस नहीं लौटाए जा रहे हैं। इसके अलावा सैंपल दोबारा से पास करने के लिए जेवरों के टुकड़े काट लिए जाते हैं। इससे पूरे जेवर की बनवाई व्यर्थ चली जाती है। साथ ही मांग की कि बड़े कारोबारियों की तरह मंजले और छोटे कारोबारियों को भी सेल्फ अटेस्डेट करने की अनुमति दी जाए। इस अवसर पर गौतम जैन, संत लाल वर्मा, सोनू बुट्टन महेंद्र मोहन भल्ला, अमित वर्मा ,जगदीश वर्मा ,अनिल सहगल, मोहन वर्मा, हरि ओम गुप्ता, रमेश सहगल, मनीष मेहता विनोद दहिया, सुभाष सरदाना भी मौजूद रहे।
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इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स के प्रदेश अध्यक्ष राकेश वर्मा ने कहा कि हॉलमार्क नियम से आभूषण व्यापारी परेशान हैं, क्योंकि व्यापारियों का ज्यादातर समय बीआईएस की साइट चालू होने के इंतजार में चला जाता है। इसके चलते ग्राहक को तय समय पर जेवर की अदायगी करना मुसीबत बन गया है। वहीं, रोहतक ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष हेमन्त बक्शी ने कहा की जांच केंद्र के कर्मचारी आभूषण पर शुद्धता जांचने के नाम पर आभूषण पर खरोंच लगा देते हैं, जिसके बाद ग्राहक आभूषण नहीं लेता। जेवर की फिनिशिंग भी खत्म हो जाती है। हीरे के जेवरात बदलने जाने का डर रहता है। बीआईएस के अधिकारियों द्वारा जिलों व कस्बों से पासिंग के लिए गए सैंपलसैम्पल भी वापस नहीं लौटाए जा रहे हैं। इसके अलावा सैंपल दोबारा से पास करने के लिए जेवरों के टुकड़े काट लिए जाते हैं। इससे पूरे जेवर की बनवाई व्यर्थ चली जाती है। साथ ही मांग की कि बड़े कारोबारियों की तरह मंजले और छोटे कारोबारियों को भी सेल्फ अटेस्डेट करने की अनुमति दी जाए। इस अवसर पर गौतम जैन, संत लाल वर्मा, सोनू बुट्टन महेंद्र मोहन भल्ला, अमित वर्मा ,जगदीश वर्मा ,अनिल सहगल, मोहन वर्मा, हरि ओम गुप्ता, रमेश सहगल, मनीष मेहता विनोद दहिया, सुभाष सरदाना भी मौजूद रहे।
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