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Rohtak News: पहले दोषियों के खिलाफ करो कार्रवाई, तभी उठेगा एएसआई का शव

Tue, 14 Oct 2025 11:17 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 14 Oct 2025 11:17 PM IST
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First take action against the culprits, only then will the body of ASI be taken away.
माई सिटी रिपोर्टर
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रोहतक। एडीजीपी वाई पूरण कुमार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाकर खुदकुशी करने वाले साइबर सेल के एएसआई संदीप लाठर का शव ग्रामीणों ने नहीं उठने दिया। परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिस-प्रशासन को दो टूक चेतावनी दी है कि जब तक दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती तब तक वे शव का पोस्टमार्टम नहीं होने देंगे। ग्रामीणों ने रात 9 बजे संदीप का शव फ्रीजर में रखवा दिया। इससे मामला और बिगड़ने के आसार बन गए हैं।
इधर, देर रात तक एसडीएम आशीष कुमार और एएसपी प्रतीक अग्रवाल ग्रामीणों और परिजनों को समझाने में लगे रहे। उन्होंने पोस्टमार्टम कराने का आग्रह किया। परिजनों ने साफ कह दिया कि जब तक एफआईआर नहीं होगी,तब तक पोस्टमार्टम नहीं कराएंगे।
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दो घंटे पहले ममेरे भाई के साथ आए थे संदीप



एएसआई संदीप के ममेरे भाई संजय लाढ़ोत ने बताया कि संदीप उसके पास कार्यालय में रविवार को आया था। साथ ही सोमवार को भी बात हुई। घटना के दो घंटे पहले भी वह साथ था। पूर्व एडीजीपी प्रकरण को लेकर जो घटनाक्रम चल रहा है उसको लेकर संदीप परेशान था। कहा कि जो वीडियो बयान व सुसाइड नोट में संदीप ने लिखा है कि वे उसी को सही मानते हैं और केस दर्ज कर कार्रवाई की मांग करते हैं।
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हुड्डा खाप प्रधान, जयहिंद, देशवाल, रमेश बोहर भी पहुंचे
हुड्डा खाप के प्रधान एवं खिलड़वाली गांव के पूर्व सरपंच ओमप्रकाश हुड्डा, समाजसेवी नवीन जयहिंद, छात्र नेता प्रदीप देशवाल व नगर निगम के मनोनित पार्षद रमेश बोहर सहित अन्य गणमान्य लोग भी लाढ़ोत गांव में पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार को सांत्वना दी। इसके अलावा सैकड़ों की संख्या में देर रात ग्रामीण मौजूद रहे।
संदीप का वीडियो देख सकते में आए लोग
लाढ़ोत गांव निवासी रमेश कुमार ने बताया कि संदीप अपने मामा बलवान सिंह के घर बचपन से आते-जाते थे। वह मिलनसार स्वभाव के थे। जब भी गांव आते राम-राम करके बराबर से निकलते। दोपहर को जैसे ही अजीत ने संदीप की वीडियो दिखाया तो लोग सकते में आ गए।

मुझे बेटे से ज्यादा विश्वास था संदीप पर
जुलाना निवासी जोगेंद्र शर्मा ने बताया कि संदीप पर उसे अपने बेटे से ज्यादा विश्वास था। वह भी मुझसे कोई बात नहीं छिपाता था। दो दिन पहले मुझसे मिला था। पूर्व एडीजीपी प्रकरण को लेकर बात कर रहा था। कह रहा था कि हवलदार सुशील को गिरफ्तार करने वाली टीम में वह भी था। मैंने कह दिया था कि अधिकारियों के आदेश पर कार्रवाई कर अपनी ड्यूटी पूरी की है। हालांकि उसे ज्यादा कुछ नहीं बताया। उसे क्या पता था कि जिसे बचपन से खिलाया वह यूं छोड़कर चला जाएगा।
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