{"_id":"5dd161da8ebc3e54cf09c705","slug":"fir-against-mining-contractor-rohtak-news-rtk527973532","type":"story","status":"publish","title_hn":"यमुना में बांध बनाने पर टेक्नो एक्सपो कंपनी पर मुकदमा, पुलिस कर सकती है ठेकेदार को गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यमुना में बांध बनाने पर टेक्नो एक्सपो कंपनी पर मुकदमा, पुलिस कर सकती है ठेकेदार को गिरफ्तार
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सोनीपत। बड़ौली में यमुना के अंदर अवैध रूप से बांध बनाकर यमुना का बहाव उत्तरप्रदेश की ओर करने वाले टेक्नो एक्सपो रेत खनन कंपनी के ठेकेदार पर शिकंजा कसना शुरू हो गया है। बड़ौली में यमुना के अंदर आराम से रेत खनन करने के लिए टेक्नो एक्सपो रेत खनन कंपनी के ठेकेदार ने वहां बांध बनाया था, जिसको लेकर एसडीओ ने अपनी रिपोर्ट अधिकारियों को भेजी थी, लेकिन उस रिपोर्ट को एक सप्ताह तक दबाए रखने के बाद अमर उजाला ने 5 नवंबर के अंक में पूरे मामले का खुलासा किया था। जिस पर कार्रवाई करते हुए पानीपत के पचरंगा बाजार की टेक्नो एक्सपो रेत खनन कंपनी के ठेकेदार पर राई थाने में 16 नवंबर को मुकदमा दर्ज कराया गया है। कंपनी के ठेकेदार पर गिरफ्तारी की तलवार लटक गई है और उसकी पुलिस गिरफ्तारी कर सकती है।
यमुना में अभी पानी चल रहा है, जिससे रेत खनन करने में ठेकेदारों को परेशानी हो रही है। इस कारण ही खनन ठेकेदारों ने अवैध काम शुरू कर दिए हैं। बड़ौली में टेक्नो एक्सपो कंपनी के ठेकेदारों ने पानी का बहाव मोड़ने के लिए यमुना के बीच में अवैध रूप से बांध बना दिया था। उस बांध से यमुना का पूरा पानी उत्तरप्रदेश की ओर चला गया है, जिससे हरियाणा के किसानों को परेशानी झेलनी पड़ रही है और यमुना में हरियाणा की ओर पानी नहीं होने के कारण भूजल स्तर भी नीचे पहुंचता जा रहा है। इन सभी कारणों से लोगों ने यमुना के अंदर अवैध रूप से बांध बनाने की शिकायत सिंचाई विभाग के अधिकारियों से कर दी। जिस पर विभाग के एसडीओ जांच करने के लिए वहां पहुंचे और वहां उनको यमुना में अवैध रूप से बांध बना हुआ मिला था। वह बांध पानीपत के पचरंगा बाजार की टेक्नो कंपनी के ठेकेदारों ने बनाया हुआ था। इसकी रिपोर्ट एसडीओ ने एक्सईएन को भेज दी थी, लेकिन उस रिपोर्ट भेजने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हो सकी थी। इस मामले को अमर उजाला ने उजागर किया तो अधिकारियों को कार्रवाई करानी पड़ी। इस मामले में कंपनी के खिलाफ एसडीओ की ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया है।
सिंचाई विभाग की मिलीभगत पर दो जेई हो चुके निलंबित
यमुना में चार महीने पहले भी खनन ठेकेदारों ने अवैध रूप से बांध बना लिया था, जिससे यमुना की धार उत्तरप्रदेश की ओर हो गई थी। सिंचाई विभाग के अधिकारियों को शिकायत करने के बावजूद बांध नहीं तोड़ा गया था, जिसकी शिकायत मुख्यालय में होने पर दो जेई निलंबित किए गए थे। इस बार भी अवैध रूप से बांध बनाए जाने पर कार्रवाई नहीं किए जाने पर ग्रामीणों ने उच्च अधिकारियों के पास शिकायत करने की चेतावनी दी थी। जिससे इस मामले में अधिकारियों के लिए परेशानी खड़ी हो सकती थी।
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यमुना में अभी पानी चल रहा है, जिससे रेत खनन करने में ठेकेदारों को परेशानी हो रही है। इस कारण ही खनन ठेकेदारों ने अवैध काम शुरू कर दिए हैं। बड़ौली में टेक्नो एक्सपो कंपनी के ठेकेदारों ने पानी का बहाव मोड़ने के लिए यमुना के बीच में अवैध रूप से बांध बना दिया था। उस बांध से यमुना का पूरा पानी उत्तरप्रदेश की ओर चला गया है, जिससे हरियाणा के किसानों को परेशानी झेलनी पड़ रही है और यमुना में हरियाणा की ओर पानी नहीं होने के कारण भूजल स्तर भी नीचे पहुंचता जा रहा है। इन सभी कारणों से लोगों ने यमुना के अंदर अवैध रूप से बांध बनाने की शिकायत सिंचाई विभाग के अधिकारियों से कर दी। जिस पर विभाग के एसडीओ जांच करने के लिए वहां पहुंचे और वहां उनको यमुना में अवैध रूप से बांध बना हुआ मिला था। वह बांध पानीपत के पचरंगा बाजार की टेक्नो कंपनी के ठेकेदारों ने बनाया हुआ था। इसकी रिपोर्ट एसडीओ ने एक्सईएन को भेज दी थी, लेकिन उस रिपोर्ट भेजने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हो सकी थी। इस मामले को अमर उजाला ने उजागर किया तो अधिकारियों को कार्रवाई करानी पड़ी। इस मामले में कंपनी के खिलाफ एसडीओ की ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया है।
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सिंचाई विभाग की मिलीभगत पर दो जेई हो चुके निलंबित
यमुना में चार महीने पहले भी खनन ठेकेदारों ने अवैध रूप से बांध बना लिया था, जिससे यमुना की धार उत्तरप्रदेश की ओर हो गई थी। सिंचाई विभाग के अधिकारियों को शिकायत करने के बावजूद बांध नहीं तोड़ा गया था, जिसकी शिकायत मुख्यालय में होने पर दो जेई निलंबित किए गए थे। इस बार भी अवैध रूप से बांध बनाए जाने पर कार्रवाई नहीं किए जाने पर ग्रामीणों ने उच्च अधिकारियों के पास शिकायत करने की चेतावनी दी थी। जिससे इस मामले में अधिकारियों के लिए परेशानी खड़ी हो सकती थी।
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