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जांच टीम आने की आशंका से मची ख्ालबली

Sun, 14 Nov 2021 01:48 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 14 Nov 2021 01:48 AM IST
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Fear of arrival of investigation team created panic
रोहतक। प्रॉपर्टी टैक्स व बिल्डिंग ब्रांच में भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के लिए मंगलवार को टीम के आने की आशंका से नगर निगम में हड़कंप मचा हुआ है। कोई चंडीगढ़ में तो कोई राजनेताओं के चक्कर लगा रहा है। वहीं, आरोप लगाने वाले पार्षदों ने रिपोर्ट दर्ज कराने से पहले नवनियुक्त कर्मियों से पूछताछ करके हकीकत पता करने और उच्चाधिकारी से दोबारा जांच कराने की मांग की है।
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निगम पार्षदों ने 28 सितंबर को सदन का बहिष्कार करके प्रॉपर्टी टैक्स और बिल्डिंग ब्रांच में भ्रष्टाचार के कई आरोप लगाए थे, जिसकी जांच सीटीपी (सीनियर टाउन प्लानर) केके वार्ष्णेय को सौंपी गई। सीटीपी द्वारा नगर आयुक्त को सौंपी जांच रिपोर्ट के अनुसार प्रॉपर्टी टैक्स शाखा की गड़बड़ी के लिए जेडटीओ जगदीश चंद्र शर्मा, लिपिक विशाल, लिपिक देवेंद्र, लिपिक दिनेश, लिपिक कमल, बेलदार (आउटसोर्स) सचिन, बेलदार (आउटसोर्स) अमित को दोषी ठहराया गया है। निगम आयुक्त ने तत्काल प्रभाव से जेडटीओ को पद से हटा दिया। दोनों आउटसोर्स कर्मियों की सेवाएं खत्म कर दीं। चारों लिपिकों को चार्जशीट और रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश संयुक्त आयुक्त को कर दिए।
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वहीं, भ्रष्टाचार का आरोप लगाने वाले पार्षदों ने जांच रिपोर्ट पर ऐतराज जताया है। आरोप है कि जिन कर्मियों को दोषी ठहराया है, उनकी सितंबर 2020 में ही नियुक्ति हुई है। जिनका प्रोविजन समय चल रहा है, भला वे कैसे ऐसा कर सकते हैं। यही नहीं, बिल्डिंग विभाग के अधिकारी-कर्मियों को क्लीन चिट दी गई है। सच्चाई तक पहुंचने के लिए उच्चाधिकारी से दोबारा जांच कराई जाए।
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वहीं, नगर आयुक्त द्वारा मुख्यालय कार्रवाई की संस्तुति करते हुए रिपोर्ट भेजने के बाद चंडीगढ़ से मंगलवार तक टीम के आने की आशंका से हड़कंप मचा है।
पार्षदों और मेयर की सहमति से सीटीपी से जांच कराई थी। अब रिपोर्ट आने के बाद असहमति है, तो मैं इसमें कुछ नहीं कर सकता।
- डॉ. नरहरि बांगड़, नगर आयुक्त
रिपोर्ट होने के बाद जांच होगी, तब पता चलेगा कि नए कर्मियों ने भ्रष्टाचार किया या कराया। चारों कर्मियों को अपनी बात कहने का मौका मिलेगा। जांच तो दोबारा से चंडीगढ़ से आने वाली टीम करेगी।
-मनमोहन गोयल, मेयर नगर निगम
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