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Rohtak News: गम के भंवर के बीच दिया इम्तिहान, मिला सम्मान
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छात्रा विनी को सम्मानित करते गांव के सरपंच। संवाद
महम। छह मार्च को पिता का निधन हुआ। इसी दिन बेटी विनी ने आंसूओं को पोंछकर 10वीं की अंग्रेजी की परीक्षा दी। इसके बाद तीन और विषयों की परीक्षाएं दीं। गम के भंवर के बीच झूलती छात्रा ने न केवल इत्मिहान दिया, बल्कि 98 प्रतिशत अंक हासिल कर नजीर पेश की। पिता के सपनों को पूरा करने की जिम्मेदारी उठाने वाली छात्रा को साेमवार को सम्मान मिला तो हर कोई गदगद था। प्रतिकूल परिस्थितयों में हार मानकर बैठने वालों को नई राह दिखाने वाली यह कहानी गांव बहलबा गांव की विनी की है। महम चौबीसी सर्वखाप पंचायत के प्रवक्ता काला बहलबा ने बताया कि विनी के पिता राकेश को मिर्गी की बीमारी थी। बसाना गांव के जलघर में डूबने से उनकी मौत हो गई थी। इसी दौरान बेटी की हरियाणा शिक्षा बोर्ड की परीक्षा चल रही थी। छह मार्च को पिता के शव दाह संस्कार की तैयारियों के बीच बेटी को स्कूल भेजा गया। उस दिन अंग्रेजी विषय की परीक्षा थी। नम आंखों से विनी ने परीक्षा दी। पिता की मौत के बाद भी उसने तीन विषयों की परीक्षाएं दी तथा 98 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। इससे प्रभावित होकर गांव की चारों पंचायतों के सरपंचों ने छात्रा को सम्मानित किया है। सरपंच सतपाल अहलावत, कुलदीप राठी व बहलबा पानड़ी पंचायत के सरपंच प्रतिनिधि मोहन शर्मा व सरपंच प्रतनिधि भीम सिंह ने छात्रा को नोटों की माला के साथ सम्मानित किया है।
आईएएस या आईपीएस बनना है लक्ष्य
बहलबा में स्थित न्यू आदर्श सीनियर सेकेंडरी स्कूल के निदेशक जगदीश ने बताया कि जिस समय छात्रा के पिता की चिता जल रही थी उस समय छात्रा ने अंग्रेजी की परीक्षा दे रही थी। उसके बाद उसकी गणित, साइंस, सामाजिक विज्ञान की परीक्षा हुई। लेकिन छात्रा ने अच्छी तैयारी के साथ परीक्षा देकर गांव में सर्वाधिक अंक हासिल किए। छात्रा का सपना आईएएस या आईपीएस बनना है। इसके लिए उसने अभी से तैयारी शुरू कर दी है। विनी का कहना है उसके पिता चाहते थे कि वह कामयाब बनकर बेटियों के लिए नजीर बने। इसके लिए वह खूब परिश्रत करेगी।
मां बोली-ऐसी बेटी सबको मिले
विनी की मां सुनीता ने बताया कि उसकी बेटी का लालन पालन गरीब परिवार में हुआ है और उसके पिता को लाइलाज बीमारी थी। बेटी देर रात तक पढ़ाई करती और सुबह जल्दी उठकर पढ़ने के साथ साथ वह घर के काम में भी हाथ बंटाती थी। अपने बेटी पर गर्व है। ऐसी बेटी सबको मिले। उसकी कामयाबी में स्कूल की अध्यापिका दर्शना देवी का भी मुख्य योगदान है। वह विनी की तैयारी देर रात तक करवाती रहती थी।
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आईएएस या आईपीएस बनना है लक्ष्य
बहलबा में स्थित न्यू आदर्श सीनियर सेकेंडरी स्कूल के निदेशक जगदीश ने बताया कि जिस समय छात्रा के पिता की चिता जल रही थी उस समय छात्रा ने अंग्रेजी की परीक्षा दे रही थी। उसके बाद उसकी गणित, साइंस, सामाजिक विज्ञान की परीक्षा हुई। लेकिन छात्रा ने अच्छी तैयारी के साथ परीक्षा देकर गांव में सर्वाधिक अंक हासिल किए। छात्रा का सपना आईएएस या आईपीएस बनना है। इसके लिए उसने अभी से तैयारी शुरू कर दी है। विनी का कहना है उसके पिता चाहते थे कि वह कामयाब बनकर बेटियों के लिए नजीर बने। इसके लिए वह खूब परिश्रत करेगी।
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मां बोली-ऐसी बेटी सबको मिले
विनी की मां सुनीता ने बताया कि उसकी बेटी का लालन पालन गरीब परिवार में हुआ है और उसके पिता को लाइलाज बीमारी थी। बेटी देर रात तक पढ़ाई करती और सुबह जल्दी उठकर पढ़ने के साथ साथ वह घर के काम में भी हाथ बंटाती थी। अपने बेटी पर गर्व है। ऐसी बेटी सबको मिले। उसकी कामयाबी में स्कूल की अध्यापिका दर्शना देवी का भी मुख्य योगदान है। वह विनी की तैयारी देर रात तक करवाती रहती थी।
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