स्वच्छता सर्वेक्षण 2021 मार्च माह में शुरू होगा। सर्वेक्षण की तैयारियों को लेकर नगर निगम आयुक्त प्रदीप गोदारा मंगलवार को आईएमटी स्थित ऑटो कंपनी में पहुंचे और कचरा निस्तारण व्यवस्था का निरीक्षण किया। कंपनी में हर रोज 100 किलो गीला कचरा निकल रहा है, जिसका जैविक खाद बनाकर लगाए गए 34 हजार पौधों में डाला जा रहा है। आयुक्त ने दूसरी औद्योगिक कंपनियों से भी आग्रह किया है कि वे भी अपने स्तर पर जीरो वेस्ट के फार्मूले को न केवल अपनाएं, बल्कि कर्मचारियों से भी आग्रह करें कि वे घर पर भी जीरो वेस्ट पर फोकस करें।
निगम आयुक्त प्रदीप गोदारा ने बताया कि ऑटो कंपनी 700 एकड़ के एरिया में फैली है। बावजूद इसके कंपनी की ओर से बाहर न केवल गीला, बल्कि सूखा कचरा तक नहीं निकाला जा रहा है। पूरे कचरे का कंपनी के अंदर ही निस्तारण किया जा रहा है। खासकर गीले कचरे का कम्पोजिंग सिस्टम लगाकर निस्तारण किया जा रहा है। मंगलवार को कंपनी के अधिकारियों ने निगम आयुक्त को न केवल सिस्टम का अवलोकन करवाया, बल्कि कंपनी के कर्मचारियों को भी घर पर जीरो वेस्ट सिस्टम अपनाने के लिए प्रेरित करने का भरोसा दिया। इसके लिए निगम आयुक्त की मौजूदगी में एक मीटिंग हुई, जिसमें आयुक्त ने कंपनी के अधिकारियों व कर्मचारियों से आग्रह किया गया कि सभी अपने-अपने घरों को जीरो वेस्ट बनाएं व स्वच्छता में अपनी भागीदारी को बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि ‘सभी अपने-अपने घरों में बागवानी का कार्य के साथ-साथ गीले कूड़े से खाद तैयार करें। यदि घर में कच्चा स्थान हैं तो गड्ढे केे माध्यम से खाद तैयार करें अन्यथा अपने घर की छत पर भी यह कार्य आसानी से कर सकते हैं, जिसका प्रयोग घर में लगाए गए पौधों व सब्जियों में प्रयोग करें। इसके अतिरिक्त सूखे कूड़े को तो कबाड़ी या अन्य किसी को बेच भी सकते हैं। जैसे- कागज, गत्ता, प्लास्टिक, लोहा आदि।