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Rohtak News: वेतन के लिए कोर्ट जाएंगे कर्मचारी, लेबर कोर्ट में सुनवाई सात को
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रोहतक। वेतन के लिए संघर्ष कर रहे नगर निगम कर्मचारी अब अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे। वीरवार को वकील के साथ बैठक कर याचिका तैयार की जाएगी। साथ ही लेबर कोर्ट में निगम प्रशासन को कर्मचारियों की याचिका पर सात मई को जवाब देना है। इसके साथ ही निगम के हटाए गए कर्मियों ने बुधवार को निगम प्रांगण में धरना शुरू कर दिया।
नगर निगम ने कचरा उठान, डोर टू डोर कचरा कलेक्शन, सड़कों की सफाई का कार्य ठेके पर दे रखा था। पिछले ठेकेदार ने टेंडर खत्म होने के बाद 31 मार्च से ड्यूटी खत्म कर दी थी। निगम ने दूसरा ठेका किया, जिसमें मात्र 200 कर्मचारियों लिया गया। 300 कर्मचारियों न जनवरी, फरवरी व मार्च माह का वेतन मिला और अब बेरोजगार हैं। जो कर्मचारी नौकरी कर रहे हैं, उनको भी वेतन नहीं मिल रहा है। ठेकेदार का तर्क है कि निगम ने उसकी राशि रोक रखी है। जबकि निगम आयुक्त का कहना है कि मामला अदालत में चल रहा है। कोर्ट से स्टे ऑर्डर जारी हैं। इसी खींचतान का खामियाजा सफाईकर्मी भुगत रहे हैं। इसके चलते नगर निगम कर्मी धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं।
शहर में फैला कचरा, पक्के कर्मचारी नहीं आए धरने पर
शहर की सफाई व्यवस्था पटरी से उतर गई है। जगह-जगह कचरा पड़ा हुआ है। बुधवार को हुई बारिश के चलते कचरा न केवल सड़क पर फैल गया, बल्कि नालों को भी जाम कर रहा है। ऐसे में निगम के पक्के कर्मचारियों को धरने से दूर रखा जा रहा है।
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धरने के साथ-साथ निगम कर्मियों ने अदालत का दरवाजा खटखटाने का निर्णय लिया है। इसके लिए वीरवार को वकील के साथ बैठक कर याचिका तैयार की जाएगी। लेबर कोर्ट में एक मई को अर्जी दी थी, जिस पर सात मई को निगम प्रशासन से जवाब मांगा गया है।
संजय बिड़लान, प्रधान नगर निगम कर्मचारी
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नगर निगम ने कचरा उठान, डोर टू डोर कचरा कलेक्शन, सड़कों की सफाई का कार्य ठेके पर दे रखा था। पिछले ठेकेदार ने टेंडर खत्म होने के बाद 31 मार्च से ड्यूटी खत्म कर दी थी। निगम ने दूसरा ठेका किया, जिसमें मात्र 200 कर्मचारियों लिया गया। 300 कर्मचारियों न जनवरी, फरवरी व मार्च माह का वेतन मिला और अब बेरोजगार हैं। जो कर्मचारी नौकरी कर रहे हैं, उनको भी वेतन नहीं मिल रहा है। ठेकेदार का तर्क है कि निगम ने उसकी राशि रोक रखी है। जबकि निगम आयुक्त का कहना है कि मामला अदालत में चल रहा है। कोर्ट से स्टे ऑर्डर जारी हैं। इसी खींचतान का खामियाजा सफाईकर्मी भुगत रहे हैं। इसके चलते नगर निगम कर्मी धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं।
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शहर में फैला कचरा, पक्के कर्मचारी नहीं आए धरने पर
शहर की सफाई व्यवस्था पटरी से उतर गई है। जगह-जगह कचरा पड़ा हुआ है। बुधवार को हुई बारिश के चलते कचरा न केवल सड़क पर फैल गया, बल्कि नालों को भी जाम कर रहा है। ऐसे में निगम के पक्के कर्मचारियों को धरने से दूर रखा जा रहा है।
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धरने के साथ-साथ निगम कर्मियों ने अदालत का दरवाजा खटखटाने का निर्णय लिया है। इसके लिए वीरवार को वकील के साथ बैठक कर याचिका तैयार की जाएगी। लेबर कोर्ट में एक मई को अर्जी दी थी, जिस पर सात मई को निगम प्रशासन से जवाब मांगा गया है।
संजय बिड़लान, प्रधान नगर निगम कर्मचारी