ईएमआई नंबर सर्विलांस पर, मोबाइल लूटने वाले उपद्रवी पुलिस की रडार पर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उपद्रवियों को पुलिस अब किसी भी हालत में बख्शना नहीं चाहती है। दुकानों में आगजनी करने वालों के अलावा मोबाइल की दुकानें लूटने वाले उपद्रवी जल्द पुलिस की गिरफ्त में होंगे। पुलिस ने उपद्रवियों का पता लगाने के लिए लूट के मोबाइल के ईएमआई नंबर को सर्विलांस पर लगा दिया है।
दुकानदारों ने खुद मोबाइल के ईएमआई नंबरों को पुलिस को सौंपा। ऐसे में एसपी शशांक आनंद ने इसकी कमान आईपीएस हिमांशु को सौंपते हुए जिले भर में टीम को अलर्ट कर दिया है।
मोबाइल टेलीकॉम कंपनी से ली मदद मोबाइल दुकानदारों ने टेलीकॉम कंपनियों से मदद ली। टेलीकॉम कंपनियों ने पीड़ित दुकानदारों की अपील पर मोबाइलों के ईएमआई नंबर मुहैया करवाया। दुकानदार ईएमआई नंबर मिलने के बाद उसे पुलिस को सौंप रहे हैं।
करोड़ों के लूटे गए मोबाइल उपद्रवियों ने जिले में कई मोबाइल शॉप में लूट करने के बाद आगजनी की थी। वहीं शहर में कई शॉप से 50 से 60 लाख रुपये तक के मोबाइल लूट लिए गए। पुलिस की मानें तो अभी तक 50 से ज्यादा मोबाइल दुकान लूटे जाने के केस दर्ज किए गए हैं।
कॉल डिटेल निकलवाकर नंबरों को लगवाया सर्विलांस पर वहीं पुलिस ने कॉल डिटेल निकलवाकर मोबाइल नंबरों को सर्विलांस पर लगाया है। पुलिस ने कॉल डिटेल के आधार पर उपद्रवियों की पहचान कर अब उनकी लोकेशन तलाश रहे हैं। साथ इस उपद्रव में शामिल उनके साथियों को भी पुलिस को तलाश है।
आईपीएस हिमांशु को सौंपी कमान उपद्रवियों के द्वारा आगजनी और लूट की घटना के बाद पुलिस वीडियो, कॉल डिटेल, फोटो और अन्य सबूतों के आधार पर उनकी तलाश कर रही है। उपद्रवियों को सलाखों के पीछे पहुंचाने के लिए पुलिस प्रशासन ने इसकी जिम्मेदारी आईपीएस हिमांशु को दी है।
आईपीएस हिमांशु करीब चार महीने पहले रोहतक में ट्रेनिंग करके गए थे। उस समय उन्होंने सदर थाने का चार्ज संभाला था। एक बार फिर एसपी ने हिमांशु पर भरोसा जताया है।