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बिजली निगम : 5687 लाख का डिफाल्टर किलोई, टिटौली 3438 लाख का कर्जदार
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Wed, 07 Dec 2016 01:56 AM IST
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- फोटो : Demo Pic
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जिले के गांवों में रहने वाले लोग बिजली विभाग का 416 करोड़ से ज्यादा रुपया दबाए बैठे हैं। इसमें किलोई सबसे बड़ा डिफाल्टर है, जिस पर 5687 करोड़ रुपया बकाया है। टिटौली के लोग भी बिजली बिल नहीं भरते हैं और वह निगम के 3438 लाख रुपये के कर्जदार हैं। इनके अलावा भी काफी गांव ऐसे हैं जो एक हजार लाख रुपये से ज्यादा बिजली निगम का दबाए बैठे हैं। निगम की ओर से सरचार्ज माफी योजना के लिए सभी गांवों पर बकाये के लिस्ट जारी की, जिसमें सभी गांवों की स्थिति सामने आ गई है।
बिजली निगम के सब अर्बन डिविजन में पड़ने वाले सबसे ज्यादा गांवों के लोग बिल नहीं भरते हैं। इसके 82 गांवों के लोगों पर 27388.11 लाख रुपये बकाया है। इनमें सबसे ज्यादा टिटौली गांव पर 3438.92 लाख रुपया बकाया है तो खरैंटी पर 1534.49 लाख रुपया बकाया है। निंदाना पर 1524.53 लाख रुपये तो सुनारिया के लोगों पर 1425.31 लाख रुपया है। बालंद गांव भले ही छोटा हो, लेकिन वहां के लोग भी बिजली बिल बकाया में काफी ऊपर हैं और उस गांव पर 1372.51 लाख रुपया है। बहुअकबरपुर पर 1230.51 लाख रुपया है और खरखड़ा पर 1110.15 लाख रुपये का बिजली बिल है।
सब अर्बन डिविजन दो में 59 गांवों पर 14187.84 लाख रुपया बिल बकाया है। जिनमें सबसे ज्यादा किलोई गांव पर 5687.08 लाख रुपये बिजली बिल है। खिड़वाली पर 118.55 लाख का बिल है तो इसमें पड़ने वाले अन्य गांवों पर 500 लाख रुपये से कम बिल है। सिटी डिविजन में पड़ने वाले खरावड़ गांव पर 113.58 लाख रुपये का बिजली बिल है। इन सभी गांवों में अधिकारी खुद जाकर लोगों को बिल जमा करने के लिए जागरूक कर रहे हैं, लेकिन लोग बिल जमा करने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। इस कारण ही वहां सरचार्ज छूट की योजना खत्म होने पर कनेक्शन काटने से लेकर अन्य कार्रवाई की जाएगी।
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सरचार्ज माफी में 577 उपभोक्ताओं ने जमा कराए 108 लाख
बिजली निगम की सरचार्ज छूट योजना का फायदा उपभोक्ताओं ने उठाना शुरू कर दिया है। हालांकि इसका ज्यादा असर नहीं दिख रहा है और अधिकारियों को खुद गांवों में जाकर वसूली करानी पड़ रही है। जिले में सरचार्ज छूट योजना में 577 उपभोक्ता शामिल हुए हैैं और उन्होंने 108 लाख रुपये जमा कराए हैं। निगम अधिकारियों को उम्मीद है कि इसका 31 दिसंबर तक काफी असर दिखाई देगा और उपभोक्ता इस योजना का काफी फायदा उठाएंगे।
पहले जागरूक करेंगे, फिर होगी कार्रवाई
जिले के उन सभी गांवों की लिस्ट तैयार की गई है, जिन पर निगम का करोड़ों रुपया बकाया है। ऐसे भी गांव हैं, जिनमें 50 करोड़ से ज्यादा रुपया भी बकाया है। उन सभी गांवों के उपभोक्ताओं को सरचार्ज छूट योजना में शामिल होने के लिए कहा जा रहा है। उसके बावजूद भी वह योजना का फायदा नहीं उठाते हैं तो आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- एसके बंसल, एसई बिजली निगम।
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बिजली निगम के सब अर्बन डिविजन में पड़ने वाले सबसे ज्यादा गांवों के लोग बिल नहीं भरते हैं। इसके 82 गांवों के लोगों पर 27388.11 लाख रुपये बकाया है। इनमें सबसे ज्यादा टिटौली गांव पर 3438.92 लाख रुपया बकाया है तो खरैंटी पर 1534.49 लाख रुपया बकाया है। निंदाना पर 1524.53 लाख रुपये तो सुनारिया के लोगों पर 1425.31 लाख रुपया है। बालंद गांव भले ही छोटा हो, लेकिन वहां के लोग भी बिजली बिल बकाया में काफी ऊपर हैं और उस गांव पर 1372.51 लाख रुपया है। बहुअकबरपुर पर 1230.51 लाख रुपया है और खरखड़ा पर 1110.15 लाख रुपये का बिजली बिल है।
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सब अर्बन डिविजन दो में 59 गांवों पर 14187.84 लाख रुपया बिल बकाया है। जिनमें सबसे ज्यादा किलोई गांव पर 5687.08 लाख रुपये बिजली बिल है। खिड़वाली पर 118.55 लाख का बिल है तो इसमें पड़ने वाले अन्य गांवों पर 500 लाख रुपये से कम बिल है। सिटी डिविजन में पड़ने वाले खरावड़ गांव पर 113.58 लाख रुपये का बिजली बिल है। इन सभी गांवों में अधिकारी खुद जाकर लोगों को बिल जमा करने के लिए जागरूक कर रहे हैं, लेकिन लोग बिल जमा करने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। इस कारण ही वहां सरचार्ज छूट की योजना खत्म होने पर कनेक्शन काटने से लेकर अन्य कार्रवाई की जाएगी।
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सरचार्ज माफी में 577 उपभोक्ताओं ने जमा कराए 108 लाख
बिजली निगम की सरचार्ज छूट योजना का फायदा उपभोक्ताओं ने उठाना शुरू कर दिया है। हालांकि इसका ज्यादा असर नहीं दिख रहा है और अधिकारियों को खुद गांवों में जाकर वसूली करानी पड़ रही है। जिले में सरचार्ज छूट योजना में 577 उपभोक्ता शामिल हुए हैैं और उन्होंने 108 लाख रुपये जमा कराए हैं। निगम अधिकारियों को उम्मीद है कि इसका 31 दिसंबर तक काफी असर दिखाई देगा और उपभोक्ता इस योजना का काफी फायदा उठाएंगे।
पहले जागरूक करेंगे, फिर होगी कार्रवाई
जिले के उन सभी गांवों की लिस्ट तैयार की गई है, जिन पर निगम का करोड़ों रुपया बकाया है। ऐसे भी गांव हैं, जिनमें 50 करोड़ से ज्यादा रुपया भी बकाया है। उन सभी गांवों के उपभोक्ताओं को सरचार्ज छूट योजना में शामिल होने के लिए कहा जा रहा है। उसके बावजूद भी वह योजना का फायदा नहीं उठाते हैं तो आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- एसके बंसल, एसई बिजली निगम।