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Rohtak News: रिहायशी प्लाॅट का ड्राॅ निकाला, कॉर्नर प्लाॅट का नहीं, किसान परेशान
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रोहतक। आईएमटी विकसित करने लिए एचएसआईआईडीसी को अपनी जमीन देने वाले बलियाणा, खरावड़, खेड़ी साध और नौनंद के किसानों को अपने आशियाने के लिए प्लाॅट का इंतजार है। पिछले करीब एक दशक से किसान प्लाॅट के ड्राॅ की बाट जोह रहे हैं। किसान दस प्रतिशत राशि भी विभाग में जमा करा चुके हैं। एचएसआईआईडीसी की लापरवाही से आहत किसानों ने विभाग के मैनेजिंग डायरेक्टर से मुलाकात कर न्याय की गुहार लगाई है।
किसानों का कहना है कि किसानों की अधिग्रहित जमीन के बदले नियमानुसार प्लाॅट दिए जाने हैं। इसके लिए तीसरे चरण के तहत आईएमटी में रिहायशी प्लाॅट का ड्राॅ निकाला जाना है। यह कार्रवाई पिछले करीब दस से भी अधिक वर्षों से लंबित है। विभाग बार-बार इस ओर कार्रवाई करने से बचता नजर आ रहा है। किसानों ने सीएम विंडाे व भारत सकरार के पोर्टल पर भी आवेदन किया है। इसके बावजूद कोई ठोस समाधान नहीं हुआ है।
पहले व दूसरे चरण में किसानों के रिहायशी प्लाॅट के ड्राॅ में कॉर्नर के प्लाॅट शामिल किए गए थे, जबकि तीसरे चरण में विभाग कॉर्नर के प्लाॅट शामिल नहीं कर रहा है। यह भेदभावपूर्ण व गैरकानूनी है। इसीलिए मैनेजिंग डायरेक्टर से बातचीत कर उन्हें स्थिति से अवगत कराया। अधिकारी ने उनकी समस्या सुनने के बाद उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।एचएसआईआईडीसी के मैनेजिंग डायरेक्टर से मिलने पंचकूला जाने वालों में किसान मोहित, प्रेम सिंह, संदीप, सुरेश, पूर्ण सिंह मुख्य रहे।
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किसानों का कहना है कि किसानों की अधिग्रहित जमीन के बदले नियमानुसार प्लाॅट दिए जाने हैं। इसके लिए तीसरे चरण के तहत आईएमटी में रिहायशी प्लाॅट का ड्राॅ निकाला जाना है। यह कार्रवाई पिछले करीब दस से भी अधिक वर्षों से लंबित है। विभाग बार-बार इस ओर कार्रवाई करने से बचता नजर आ रहा है। किसानों ने सीएम विंडाे व भारत सकरार के पोर्टल पर भी आवेदन किया है। इसके बावजूद कोई ठोस समाधान नहीं हुआ है।
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पहले व दूसरे चरण में किसानों के रिहायशी प्लाॅट के ड्राॅ में कॉर्नर के प्लाॅट शामिल किए गए थे, जबकि तीसरे चरण में विभाग कॉर्नर के प्लाॅट शामिल नहीं कर रहा है। यह भेदभावपूर्ण व गैरकानूनी है। इसीलिए मैनेजिंग डायरेक्टर से बातचीत कर उन्हें स्थिति से अवगत कराया। अधिकारी ने उनकी समस्या सुनने के बाद उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।एचएसआईआईडीसी के मैनेजिंग डायरेक्टर से मिलने पंचकूला जाने वालों में किसान मोहित, प्रेम सिंह, संदीप, सुरेश, पूर्ण सिंह मुख्य रहे।
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