{"_id":"663030674c1fa66ebf01bcd4","slug":"dr-mamta-sainis-book-will-be-launched-on-may-11-jhajjar-news-c-200-1-bgh1002-107080-2024-04-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rohtak News: डॉ. ममता सैनी के ग्रंथ का 11 मई को होगा लोकार्पण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rohtak News: डॉ. ममता सैनी के ग्रंथ का 11 मई को होगा लोकार्पण
Tue, 30 Apr 2024 05:12 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Tue, 30 Apr 2024 05:12 AM IST
विज्ञापन
-फोटो 56 : डॉ. ममता सैनी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बहादुरगढ़। अंतरराष्ट्रीय काव्य प्रेमी मंच तंजानिया की संस्थापिका डॉ. ममता सैनी के 2 अद्वितीय ग्रंथ भारत को जाने और आयुर्वेद को जाने का 11 मई को नई दिल्ली के एनडीएमसी कन्वेंशन सेंटर में समारोह पूर्वक लोकार्पण होगा।
मूल रूप से बहादुरगढ़ के मजीद मोहल्ला की रहने वाली बेटी डॉ. ममता सैनी ने साहित्य में विश्वस्तर पर नई पहचान बनाकर बहादुरगढ़ व हरियाणा सहित देश का भी नाम रोशन किया है। अंतरराष्ट्रीय काव्य प्रेमी मंच तंजानिया की संस्थापिका डॉ.ममता सैनी ने बताया कि इस लोकार्पण समारोह के प्रथम सत्र में अद्वितीय ग्रंथ भारत को जाने का लोकार्पण होगा। उन्होंने बताया कि 23 अक्तूूबर से 30 नवंबर 2021 तक 37 दिन लगातार आभाषी पटल पर चले भारत को जाने साहित्य महाकाव्य अनुष्ठान में भारत के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की महिमा, लोक कला संस्कृति का दोहों, चौपाइयों, और गीत के माध्यम से देश के रचनाकारों ने बहुत सुंदर तरीके भारत का गुणगान किया। जिसे इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में भी दर्ज किया गया। कार्यक्रम को विश्वभर में लाखों लोगों ने देखा और सराहा तो उन्हें इस अलौकिक कार्यक्रम को लेकर मन में विचार आया कि क्यों न इस ऐतिहासिक आयोजन को ग्रंथ का रूप दिया जाए और वो विचार अब साकार रूप ले चुका है। इस कार्य हेतु उन्हें तीन विश्व रिकॉर्ड प्राप्त हुए है। आईटी में शैक्षणिक डिग्री और कंप्यूटर विज्ञान में पीएचडी के साथ, डॉ. ममता आज भी कविता को अपना घर मानती हैं। ऐसे साहित्यिक आयोजनों की व्यवस्था करने का उनका एकमात्र उद्देश्य कविता के खोए हुए आकर्षण को उभारना और भाग लेने वाले अज्ञात लेकिन योग्य कवियों को प्रसिद्धि का गौरव दिलाना है।
्र
विज्ञापन
मूल रूप से बहादुरगढ़ के मजीद मोहल्ला की रहने वाली बेटी डॉ. ममता सैनी ने साहित्य में विश्वस्तर पर नई पहचान बनाकर बहादुरगढ़ व हरियाणा सहित देश का भी नाम रोशन किया है। अंतरराष्ट्रीय काव्य प्रेमी मंच तंजानिया की संस्थापिका डॉ.ममता सैनी ने बताया कि इस लोकार्पण समारोह के प्रथम सत्र में अद्वितीय ग्रंथ भारत को जाने का लोकार्पण होगा। उन्होंने बताया कि 23 अक्तूूबर से 30 नवंबर 2021 तक 37 दिन लगातार आभाषी पटल पर चले भारत को जाने साहित्य महाकाव्य अनुष्ठान में भारत के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की महिमा, लोक कला संस्कृति का दोहों, चौपाइयों, और गीत के माध्यम से देश के रचनाकारों ने बहुत सुंदर तरीके भारत का गुणगान किया। जिसे इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में भी दर्ज किया गया। कार्यक्रम को विश्वभर में लाखों लोगों ने देखा और सराहा तो उन्हें इस अलौकिक कार्यक्रम को लेकर मन में विचार आया कि क्यों न इस ऐतिहासिक आयोजन को ग्रंथ का रूप दिया जाए और वो विचार अब साकार रूप ले चुका है। इस कार्य हेतु उन्हें तीन विश्व रिकॉर्ड प्राप्त हुए है। आईटी में शैक्षणिक डिग्री और कंप्यूटर विज्ञान में पीएचडी के साथ, डॉ. ममता आज भी कविता को अपना घर मानती हैं। ऐसे साहित्यिक आयोजनों की व्यवस्था करने का उनका एकमात्र उद्देश्य कविता के खोए हुए आकर्षण को उभारना और भाग लेने वाले अज्ञात लेकिन योग्य कवियों को प्रसिद्धि का गौरव दिलाना है।
विज्ञापन
्र