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बुजुर्गों व विद्यार्थियों पर दोहरी मार : पेंशन बढ़ी नहीं, निजी बसों में भी नहीं मिल रहा आधा किराया
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बहादुरगढ़। ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन ने हरियाणा सरकार पर बुजुर्गों और विद्यार्थियों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए निजी बसों में आधे किराए के प्रावधान को सख्ती से लागू कराने और बुढ़ापा पेंशन बढ़ाने की मांग की है।
संगठन के जिला कमेटी सदस्य रामकिशन और सतबीर सिंह बल्हारा ने कहा कि हरियाणा सरकार ने न तो बुजुर्गों की बुढ़ापा पेंशन बढ़ाई है और न ही निजी बसों में किराए की छूट को प्रभावी ढंग से लागू कराया है, जिससे वरिष्ठ नागरिकों पर दोहरी मार पड़ रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में निजी बस परिचालक सरकारी नियमों की खुलेआम अवहेलना कर रहे हैं। सीनियर सिटीजनों और छात्र-छात्राओं से संवेदनहीन व्यवहार किया जा रहा है। कई मामलों में आधे किराए की मांग करने पर यात्रियों से पूरा किराया वसूला जाता है और पास दिखाने के बावजूद विद्यार्थियों को रियायत नहीं दी जाती।
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संगठन का कहना है कि किराया पूरा न दे पाने पर बुजुर्गों व छात्रों को बीच रास्ते बस से उतार दिया जाता है, जिससे उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। संगठन ने सरकार से मांग की कि बुढ़ापा पेंशन को 5,000 रुपये प्रतिमाह किया जाए और निजी बसों में 50 प्रतिशत किराया रियायत के नियम को तुरंत कड़ाई से लागू कराया जाए।
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संगठन के जिला कमेटी सदस्य रामकिशन और सतबीर सिंह बल्हारा ने कहा कि हरियाणा सरकार ने न तो बुजुर्गों की बुढ़ापा पेंशन बढ़ाई है और न ही निजी बसों में किराए की छूट को प्रभावी ढंग से लागू कराया है, जिससे वरिष्ठ नागरिकों पर दोहरी मार पड़ रही है।
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उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में निजी बस परिचालक सरकारी नियमों की खुलेआम अवहेलना कर रहे हैं। सीनियर सिटीजनों और छात्र-छात्राओं से संवेदनहीन व्यवहार किया जा रहा है। कई मामलों में आधे किराए की मांग करने पर यात्रियों से पूरा किराया वसूला जाता है और पास दिखाने के बावजूद विद्यार्थियों को रियायत नहीं दी जाती।
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संगठन का कहना है कि किराया पूरा न दे पाने पर बुजुर्गों व छात्रों को बीच रास्ते बस से उतार दिया जाता है, जिससे उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। संगठन ने सरकार से मांग की कि बुढ़ापा पेंशन को 5,000 रुपये प्रतिमाह किया जाए और निजी बसों में 50 प्रतिशत किराया रियायत के नियम को तुरंत कड़ाई से लागू कराया जाए।