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85.5 फीसदी हुआ मतदान, दीपक के बढ़े 94 वोट
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Fri, 23 Dec 2016 02:27 AM IST
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वर्ष 2015 के चुनाव से इस बार 1 फीसदी ज्यादा हुआ मतदान
- फोटो : amar ujala
पिछले जिला बार चुनाव के मुकाबले इस बार भी बार का मतदान प्रतिशत लगभग बराबर ही रहा। जिला बार एसोसिएशन के चुनाव में इस बार 85.5 फीसदी मतदान हुआ है। यह पिछले चुनाव के मतदान प्रतिशत से एक फीसदी ज्यादा है। इसके अलावा बार प्रधान दीपक कुंडू की वोट प्रतिशत में पहले के मुकाबले बढ़ोत्तरी हुई है। उन्हें पहली साल के मुकाबले 94 वोट ज्यादा मिली है।
1796 में से 1531 ने किया मतदान
जिला बार एसोसिएशन के चुनाव में इस बार 1796 वोटों में से 1531 मतदाताओं ने मतदान किया। जबकि वर्ष 2015 में 1680 मतदाताओं में से 1420 सदस्यों ने मतदान किया था। हालांकि पिछली बार प्रधान पद की दौड़ में पांच प्रत्याशी शामिल थे जबकि इस बार दो प्रत्याशियों के बीच कड़ी टक्कर थी। क्योंकि तीसरे प्रत्याशी नवीन भारद्वाज ने अपना प्रधान पद का नामांकन वापस ले लिया था। वहीं, इस बार चुनाव प्रक्रिया में 116 नए मतदाताओं ने हिस्सा लिया। वर्ष 2016 में इन नए मतदाताओं को बार से जोड़ा गया।
बार की एकता बरकरार, नहीं पड़ा आरक्षण हिंसा का असर
चुनाव तिथि घोषित होने के बाद बार चुनावों पर आरक्षण हिंसा का साया पड़ने का अंदेशा जताया जा रहा था। आशंका जताई जा रही थी कि इस बार बार चुनाव जातिगत आधार पर होंगे, लेकिन बार के वकीलों ने मतदान से साबित कर दिया कि उनकी एकता हमेशा बरकरार रहेगी। वकीलों ने बिना किसी भेदभाव के अपने समर्थक की जाति व धर्म देखे बिना वोटिंग की। प्रधान दीपक कुंडू ने भी जीत के बाद 36 बिरादरी का नारा दिया।
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चैंबर की संख्या और पार्किं ग प्रधान के लिए चुनौती
दूसरी बार लगातार जिला बार प्रधान बने दीपक कुंडू ने कुछ समय पहले ही वकीलों के लिए नए चैंबर बनाने की घोषणा की थी। मालखाने के पास बनने वाले चैंबर को लेकर तैयारी भी शुरू कर दी गई। लेकिन दूसरी जीत के बाद भी प्रधान के सामने चैंबरों की संख्या और पार्किंग की व्यवस्था करना ही चुनौती है। अब भी वकीलों की मुख्य मांग सिर्फ यही हैं। इसके अलावा हाईटेक लाइब्रेरी, कैंटीन और अन्य मांग भी शामिल हैं।
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1796 में से 1531 ने किया मतदान
जिला बार एसोसिएशन के चुनाव में इस बार 1796 वोटों में से 1531 मतदाताओं ने मतदान किया। जबकि वर्ष 2015 में 1680 मतदाताओं में से 1420 सदस्यों ने मतदान किया था। हालांकि पिछली बार प्रधान पद की दौड़ में पांच प्रत्याशी शामिल थे जबकि इस बार दो प्रत्याशियों के बीच कड़ी टक्कर थी। क्योंकि तीसरे प्रत्याशी नवीन भारद्वाज ने अपना प्रधान पद का नामांकन वापस ले लिया था। वहीं, इस बार चुनाव प्रक्रिया में 116 नए मतदाताओं ने हिस्सा लिया। वर्ष 2016 में इन नए मतदाताओं को बार से जोड़ा गया।
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बार की एकता बरकरार, नहीं पड़ा आरक्षण हिंसा का असर
चुनाव तिथि घोषित होने के बाद बार चुनावों पर आरक्षण हिंसा का साया पड़ने का अंदेशा जताया जा रहा था। आशंका जताई जा रही थी कि इस बार बार चुनाव जातिगत आधार पर होंगे, लेकिन बार के वकीलों ने मतदान से साबित कर दिया कि उनकी एकता हमेशा बरकरार रहेगी। वकीलों ने बिना किसी भेदभाव के अपने समर्थक की जाति व धर्म देखे बिना वोटिंग की। प्रधान दीपक कुंडू ने भी जीत के बाद 36 बिरादरी का नारा दिया।
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चैंबर की संख्या और पार्किं ग प्रधान के लिए चुनौती
दूसरी बार लगातार जिला बार प्रधान बने दीपक कुंडू ने कुछ समय पहले ही वकीलों के लिए नए चैंबर बनाने की घोषणा की थी। मालखाने के पास बनने वाले चैंबर को लेकर तैयारी भी शुरू कर दी गई। लेकिन दूसरी जीत के बाद भी प्रधान के सामने चैंबरों की संख्या और पार्किंग की व्यवस्था करना ही चुनौती है। अब भी वकीलों की मुख्य मांग सिर्फ यही हैं। इसके अलावा हाईटेक लाइब्रेरी, कैंटीन और अन्य मांग भी शामिल हैं।