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Rohtak News: सांसों पर संकट... दिवाली पर आतिशबाजी से 372 पहुंचा एक्यूआई
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पुरानी आईटीआई मैदान में कचरे से उठता धुंआ। स्रोत : अमर उजाला
रोहतक। दिवाली पर आतिशबाजी से एक्यूआई (एयर क्वालिटी इंडेक्स) 372 पर पहुंचा दिया। पटाखों से निकली गैस व धूल कणों के करण हवा की गुणवत्ता प्रभावित रही। वीरवार देर रात से शुक्रवार सुबह 11 बजे तक एक्यूआई 300 पार रहा। इस खतरनाक स्तर पर प्रदूषण पहुंचने से लोगों को सांस लेना मुश्किल हो गया। बाद में हवा चलने से एक्यूआई न्यूनतम 109 पहुंच गया। इस स्वच्छ स्थिति ने राहत पहुंचाने का काम किया।
त्योहार पर बाजार में लोगों की भीड़ देर शाम तक बनी रही। खरीदारी के अलावा एक-दूसरे को शुभकामना देने के लिए लोग वाहनों से इधर-उधर घूमते नजर आए। इसके चलते सड़कों पर चहल-पहल रही। वाहनों के कारण उड़ती धूल व उनसे निकला धुआं प्रदूषण बढ़ाने वाला साबित हुआ। यही नहीं, रात को मां लक्ष्मी की पूजा के बाद आतिशबाजी का दौर शुरू हुआ। यह दौर देर रात तक जारी रहा। प्रशासन ने प्रदूषण को ध्यान में रखते हुए केवल ग्रीन पटाखे चलाने की अनुमति दी थी, जबकि कानफोडू धमाका करने वाले पटाखे भी खूब चले।
रॉकेट, सूतली व अनार बम, शृंखला में जमीन से आसमान में बजने वाले पटाखों का शोर लगातार सुनाई देता रहा। इस कारण देर रात लोग सो भी नहीं पाए। इन पटाखों से उत्पन्न हुए धुएं व प्रदूषण के कारण हवा जहरीली हो गई। देर रात एक्यूआई 300 पार पहुंच गया। इसके बाद यह शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे बाद तक 300 पार ही बना रहा। इसके बाद इसमें कुछ सुधार आया। हवा चलने की वजह से प्रदूषण छंट गया और एक्यूआई न्यूनतम 106 पर पहुंच गया। इससे लोगों को भी कुछ राहत महसूस हुई। औसत एक्यूआई 163 रहा।
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हवा ने दिलाई प्रदूषण से राहत
दिवाली पर आतिशबाजी के बाद प्रदूषण का स्तर खतरनाक बिंदु की ओर तेजी से बढ़ा। इसी दौरान हवा चलने लगी। इससे हवा में घुले धूल के कण दूर हो गए और प्रदूषण छंट गया। फिलहाल स्थिति सामान्य रहने का अनुमान है।
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त्योहार पर बाजार में लोगों की भीड़ देर शाम तक बनी रही। खरीदारी के अलावा एक-दूसरे को शुभकामना देने के लिए लोग वाहनों से इधर-उधर घूमते नजर आए। इसके चलते सड़कों पर चहल-पहल रही। वाहनों के कारण उड़ती धूल व उनसे निकला धुआं प्रदूषण बढ़ाने वाला साबित हुआ। यही नहीं, रात को मां लक्ष्मी की पूजा के बाद आतिशबाजी का दौर शुरू हुआ। यह दौर देर रात तक जारी रहा। प्रशासन ने प्रदूषण को ध्यान में रखते हुए केवल ग्रीन पटाखे चलाने की अनुमति दी थी, जबकि कानफोडू धमाका करने वाले पटाखे भी खूब चले।
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रॉकेट, सूतली व अनार बम, शृंखला में जमीन से आसमान में बजने वाले पटाखों का शोर लगातार सुनाई देता रहा। इस कारण देर रात लोग सो भी नहीं पाए। इन पटाखों से उत्पन्न हुए धुएं व प्रदूषण के कारण हवा जहरीली हो गई। देर रात एक्यूआई 300 पार पहुंच गया। इसके बाद यह शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे बाद तक 300 पार ही बना रहा। इसके बाद इसमें कुछ सुधार आया। हवा चलने की वजह से प्रदूषण छंट गया और एक्यूआई न्यूनतम 106 पर पहुंच गया। इससे लोगों को भी कुछ राहत महसूस हुई। औसत एक्यूआई 163 रहा।
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हवा ने दिलाई प्रदूषण से राहत
दिवाली पर आतिशबाजी के बाद प्रदूषण का स्तर खतरनाक बिंदु की ओर तेजी से बढ़ा। इसी दौरान हवा चलने लगी। इससे हवा में घुले धूल के कण दूर हो गए और प्रदूषण छंट गया। फिलहाल स्थिति सामान्य रहने का अनुमान है।