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डेंगू पर जागा स्वास्थ्य विभाग, मरीजों की ली सुध
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Mon, 28 Sep 2015 02:26 AM IST
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डेंगू के मरीजों की संख्या पर आमने-सामने हो चुके पीजीआई और स्वास्थ्य विभाग अब कदम से कदम मिलाकर चल पड़े हैं।
पीजीआई की ओर से दिए गए ब्योरे के आधार पर स्वास्थ्य विभाग ने जांच के लिए मरीजों से संपर्क साधना शुरू कर दिया है।
जिनके पते हैं उनके घर जाकर बात की जा रही है और जिनके सिर्फ फोन नंबर मिले हैं उनसे फोन करके पता पूछा जा रहा है।
अब तक जिला सिविल सर्जन कार्यालय से 373 डेंगू मरीजों की रिपोर्ट डीजी हेल्थ को भेजी गई है। स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों का दावा है कि उन्हें पीजीआई से 667 डेंगू मरीजों की लिस्ट मिल चुकी है। इसमें 373 रोहतक और 123 अन्य जिलों से हैं। इसमें 171 मरीजों का पता नहीं चल पाया है। इनकी तलाश के लिए सीआर, ओपीडी नंबर और फोन नंबरों से संपर्क किया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग का दावा : जिले में एक भी मौत नहीं
स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि जिले में डेंगू से एक भी मौत नहीं हुई है। शनिवार को पीजीआई में हुई आनंदपुरा के दीपक की मौत पर विभाग का कहना है कि उसकी जांच रिपोर्ट तो निगेटिव आई है। वहीं, पीजीआई के अधिकारिक सूत्रों के अनुसार दीपक का कंफर्मेटिव टेस्ट करवा रहे हैं। दीपक में डेंगू के लक्षण थे, लेकिन विभाग को आधार चाहिए। इस टेस्ट की रिपोर्ट के बाद स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
सभी का हो रहा कार्ड टेस्ट और कंफर्मेटिव टेस्ट
पीजीआई में सभी डेंगू आशंकित मरीजों के कार्ड टेस्ट और कंफर्मेटिव टेस्ट किए जाते हैं। इसके बाद डेंगू पाजिटिव मरीजों की रिपोर्ट आगे भेजी जाती है। जबकि स्वास्थ्य विभाग कार्ड टेस्ट को नहीं मानता। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि जब पीजीआई ने सभी का कंफर्मेटिव टेस्ट कराया ही जाता है तो कार्ड टेस्ट क्यों किए जा रहे हैं।
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खेल: डेंगू पीड़ित को डिस्चार्ज कर दिखा रहे निगेटिव
पीजीआई डेंगू मरीजों का उपचार करने के बाद डिस्चार्ज कार्ड पर डेंगू की निगेटिव रिपोर्ट दे रहा है। जबकि स्वास्थ्य विभाग के पास उनकी पाजिटिव लिस्ट भेज चुका होता है। इससे जब मरीजाें से संपर्क किया जाता है तो उनके पास उपचार का पूरा रिकार्ड नहीं मिल पाता। इसके लिए विभाग को मरीजों के पूरे रिकार्ड को तलाशने के लिए पीजीआई के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
तीन दिन में पौने चार सौ डेंगू के मरीज
पिछले तीन दिनों में विभाग ने पहले दिन डीजी हेल्थ को 186, दूसरे दिन 228 और तीसरे दिन 373 डेंगू मरीजाें की संख्या भेजी है। इसके साथ झज्जर के 23, जींद के 26, सोनीपत के 33, भिवानी के 10, पानीपत के सात, उत्तर प्रदेश और दिल्ली के तीन मरीजों की रिपोर्ट उनके जिलों में भेज दी गई है। इसके साथ ही करनाल, रेवाड़ी और पलवल से भी पीजीआई में डेंगू के मरीज आ रहे हैं।
बोले अधिकारी
हम डेंगू मरीजों की रिपोर्ट अधिकारियों को भेज रहे हैं। जिनकी लिस्ट आई है उनके घर जाकर मरीजाें से बात कर रहे हैं। हमारे रिकार्ड में अभी तक किसी मरीज की डेथ नहीं हुई है।
- डॉ. वेदपाल, जिला मलेरिया अधिकारी, सिविल सर्जन कार्यालय।
बुखार उतरने के चौथे व छठे दिन के बाद 48 घंटे मरीज का विशेष ध्यान रखने की जरूरत होती है। इस समय अकसर परिजन मरीज को लेकर बेपरवाह हो जाते हैं। डेंगू से घबराने की नहीं, जागरूक होकर बचने की जरूरत है।
- डॉ. कुलदीप, डिप्टी सिविल सर्जन।
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पीजीआई की ओर से दिए गए ब्योरे के आधार पर स्वास्थ्य विभाग ने जांच के लिए मरीजों से संपर्क साधना शुरू कर दिया है।
जिनके पते हैं उनके घर जाकर बात की जा रही है और जिनके सिर्फ फोन नंबर मिले हैं उनसे फोन करके पता पूछा जा रहा है।
अब तक जिला सिविल सर्जन कार्यालय से 373 डेंगू मरीजों की रिपोर्ट डीजी हेल्थ को भेजी गई है। स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों का दावा है कि उन्हें पीजीआई से 667 डेंगू मरीजों की लिस्ट मिल चुकी है। इसमें 373 रोहतक और 123 अन्य जिलों से हैं। इसमें 171 मरीजों का पता नहीं चल पाया है। इनकी तलाश के लिए सीआर, ओपीडी नंबर और फोन नंबरों से संपर्क किया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग का दावा : जिले में एक भी मौत नहीं
स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि जिले में डेंगू से एक भी मौत नहीं हुई है। शनिवार को पीजीआई में हुई आनंदपुरा के दीपक की मौत पर विभाग का कहना है कि उसकी जांच रिपोर्ट तो निगेटिव आई है। वहीं, पीजीआई के अधिकारिक सूत्रों के अनुसार दीपक का कंफर्मेटिव टेस्ट करवा रहे हैं। दीपक में डेंगू के लक्षण थे, लेकिन विभाग को आधार चाहिए। इस टेस्ट की रिपोर्ट के बाद स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
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सभी का हो रहा कार्ड टेस्ट और कंफर्मेटिव टेस्ट
पीजीआई में सभी डेंगू आशंकित मरीजों के कार्ड टेस्ट और कंफर्मेटिव टेस्ट किए जाते हैं। इसके बाद डेंगू पाजिटिव मरीजों की रिपोर्ट आगे भेजी जाती है। जबकि स्वास्थ्य विभाग कार्ड टेस्ट को नहीं मानता। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि जब पीजीआई ने सभी का कंफर्मेटिव टेस्ट कराया ही जाता है तो कार्ड टेस्ट क्यों किए जा रहे हैं।
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खेल: डेंगू पीड़ित को डिस्चार्ज कर दिखा रहे निगेटिव
पीजीआई डेंगू मरीजों का उपचार करने के बाद डिस्चार्ज कार्ड पर डेंगू की निगेटिव रिपोर्ट दे रहा है। जबकि स्वास्थ्य विभाग के पास उनकी पाजिटिव लिस्ट भेज चुका होता है। इससे जब मरीजाें से संपर्क किया जाता है तो उनके पास उपचार का पूरा रिकार्ड नहीं मिल पाता। इसके लिए विभाग को मरीजों के पूरे रिकार्ड को तलाशने के लिए पीजीआई के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
तीन दिन में पौने चार सौ डेंगू के मरीज
पिछले तीन दिनों में विभाग ने पहले दिन डीजी हेल्थ को 186, दूसरे दिन 228 और तीसरे दिन 373 डेंगू मरीजाें की संख्या भेजी है। इसके साथ झज्जर के 23, जींद के 26, सोनीपत के 33, भिवानी के 10, पानीपत के सात, उत्तर प्रदेश और दिल्ली के तीन मरीजों की रिपोर्ट उनके जिलों में भेज दी गई है। इसके साथ ही करनाल, रेवाड़ी और पलवल से भी पीजीआई में डेंगू के मरीज आ रहे हैं।
बोले अधिकारी
हम डेंगू मरीजों की रिपोर्ट अधिकारियों को भेज रहे हैं। जिनकी लिस्ट आई है उनके घर जाकर मरीजाें से बात कर रहे हैं। हमारे रिकार्ड में अभी तक किसी मरीज की डेथ नहीं हुई है।
- डॉ. वेदपाल, जिला मलेरिया अधिकारी, सिविल सर्जन कार्यालय।
बुखार उतरने के चौथे व छठे दिन के बाद 48 घंटे मरीज का विशेष ध्यान रखने की जरूरत होती है। इस समय अकसर परिजन मरीज को लेकर बेपरवाह हो जाते हैं। डेंगू से घबराने की नहीं, जागरूक होकर बचने की जरूरत है।
- डॉ. कुलदीप, डिप्टी सिविल सर्जन।