{"_id":"9dc39cb98d96d2875c43552ec45e5df9","slug":"delhi-to-kashmir-speed-stopped-to-jaat-andolan-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दिल्ली से कश्मीर तक जाटों ने रोकी रफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दिल्ली से कश्मीर तक जाटों ने रोकी रफ्तार
ब्यूरो/ अमर उजाला, रोहतक
Updated Wed, 17 Feb 2016 02:41 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जाट आरक्षण का आंदोलन भले ही रोहतक से शुरू हुआ हो। लेकिन जाटों ने दिल्ली से कश्मीर तक की रफ्तार को रोक दिया है। सोमवार तक भले ही संपर्क मार्ग खुले हुए थे और उनसे छोटे वाहन निकलकर निर्धारित जगह तक पहुंच रहे थे।
लेकिन मंगलवार को सबकुछ जाम होने से सभी वाहन सड़कों पर ही खड़े हो गए। उनमें हरियाणा, पंजाब, जम्मू कश्मीर, यूपी, राजस्थान सभी जगह के वाहन फंसे हुए है। वहीं ट्रकों में सामान भी लदा होने के कारण वह फंस गया है और वह अपने निर्धारित जगह नहीं पहुंच पा रहे है। जिसने परेशानी को ज्यादा बढ़ा दिया है।
नेशनल हाइवे-10 के सहारे ही लोग कई राज्यों तक पहुंचते है। जिससे वाहन हरियाणा से दिल्ली, पंजाब, जम्मू-कश्मीर, यूपी, राजस्थान जाते है। इस नेशनल हाइवे को जाट आरक्षण आंदोलन के कारण रविवार दोपहर को जाम कर दिया गया था।
विज्ञापन
उस समय नेशनल हाइवे से जुड़े संपर्क मार्ग खुले थे और इसपर चलने वाले लोगों ने दूसरे राज्यों में जाने के लिए संपर्क मार्गों से होकर नेशनल हाइवे-1 व अन्य को पकड़ लिया था। सोमवार को कुछ हालात बदले और नेशनल हाइवे-10 पर ट्रकों को रोक दिया गया। इसके बावजूद छोटे वाहन नहीं थमे और वह लगातार चलते रहे जो अपना रूट बदलकर आगे बढ़े।
लेकिन मंगलवार को आरक्षण की आग ज्यादा भड़कने पर नेशनल हाइवे, स्टेट हाइवे के साथ ही सभी संपर्क मार्ग भी जाम कर दिए गए। जिससे दिल्ली से कश्मीर की धीमी पड़ी रफ्तार पूरी तरह से रुक गई और सभी वाहन सड़कों पर थम गए। आंदोलन के कारण फंसे वाहनों में किसी एक जगह के नहीं, बल्कि हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, पंजाब, जम्मू, यूपी, गुजरात तक के ट्रक व अन्य वाहन है।
इन ट्रकों में सामान भरा हुआ है, जिनमें दैनिक जीवन का सामान भी भरा है। लेकिन चालकों के लिए समस्या हो गई है कि आखिर वह ट्रकों को कहा से निकालकर निर्धारित जगह पर लेकर जाए। वह भी आंदोलन खत्म होने का इंतजार कर रहे है, जिससे वह आगे बढ़ सके।
एक जाम से आगे निकले तो दूसरे पर जोड़ने पड़े हाथ
जाट आरक्षण आंदोलन के कारण किसी सड़क पर केवल एक जगह जाम नहीं लगा था, बल्कि उस सड़क पर जितने भी गांव पड़ते है। उन सभी जगह लोगों ने जाम लगाया हुआ था। रोहतक से सांपला तक ही पांच जगह जाम लगा हुआ था। जाम लगने का पता होने के बावजूद जिन लोगों को जरूरी काम से बाहर जाना था वह जाने के लिए निकले। लेकिन हर जगह उनको रोक लिया गया और बाइक तक नहीं निकलने दी गई।
लोग पहली जगह हाथ जोड़कर खुशामद करते और आगे बढ़ जाते। लेकिन उनको यह नहीं पता था कि चंद कदम चलते ही आगे फिर इस तरह हाथ जोड़ने पड़ेंगे। यह सिलसिला मंगलवार को दिनभर चलता रहा और जाट आंदोलन के कारण जाम लगाए युवाओं ने किसी को नहीं निकलने दिया। एंबुलेंस को तभी आगे जाने दिया गया, जब बीमारी के कागजात जाम लगाने वालों को दिखाए गए। युवा पूरी चेकिंग के बाद ही एकाध वाहन को आगे निकाल रहे थे।
विज्ञापन
लेकिन मंगलवार को सबकुछ जाम होने से सभी वाहन सड़कों पर ही खड़े हो गए। उनमें हरियाणा, पंजाब, जम्मू कश्मीर, यूपी, राजस्थान सभी जगह के वाहन फंसे हुए है। वहीं ट्रकों में सामान भी लदा होने के कारण वह फंस गया है और वह अपने निर्धारित जगह नहीं पहुंच पा रहे है। जिसने परेशानी को ज्यादा बढ़ा दिया है।
विज्ञापन
नेशनल हाइवे-10 के सहारे ही लोग कई राज्यों तक पहुंचते है। जिससे वाहन हरियाणा से दिल्ली, पंजाब, जम्मू-कश्मीर, यूपी, राजस्थान जाते है। इस नेशनल हाइवे को जाट आरक्षण आंदोलन के कारण रविवार दोपहर को जाम कर दिया गया था।
विज्ञापन
उस समय नेशनल हाइवे से जुड़े संपर्क मार्ग खुले थे और इसपर चलने वाले लोगों ने दूसरे राज्यों में जाने के लिए संपर्क मार्गों से होकर नेशनल हाइवे-1 व अन्य को पकड़ लिया था। सोमवार को कुछ हालात बदले और नेशनल हाइवे-10 पर ट्रकों को रोक दिया गया। इसके बावजूद छोटे वाहन नहीं थमे और वह लगातार चलते रहे जो अपना रूट बदलकर आगे बढ़े।
लेकिन मंगलवार को आरक्षण की आग ज्यादा भड़कने पर नेशनल हाइवे, स्टेट हाइवे के साथ ही सभी संपर्क मार्ग भी जाम कर दिए गए। जिससे दिल्ली से कश्मीर की धीमी पड़ी रफ्तार पूरी तरह से रुक गई और सभी वाहन सड़कों पर थम गए। आंदोलन के कारण फंसे वाहनों में किसी एक जगह के नहीं, बल्कि हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, पंजाब, जम्मू, यूपी, गुजरात तक के ट्रक व अन्य वाहन है।
इन ट्रकों में सामान भरा हुआ है, जिनमें दैनिक जीवन का सामान भी भरा है। लेकिन चालकों के लिए समस्या हो गई है कि आखिर वह ट्रकों को कहा से निकालकर निर्धारित जगह पर लेकर जाए। वह भी आंदोलन खत्म होने का इंतजार कर रहे है, जिससे वह आगे बढ़ सके।
एक जाम से आगे निकले तो दूसरे पर जोड़ने पड़े हाथ
जाट आरक्षण आंदोलन के कारण किसी सड़क पर केवल एक जगह जाम नहीं लगा था, बल्कि उस सड़क पर जितने भी गांव पड़ते है। उन सभी जगह लोगों ने जाम लगाया हुआ था। रोहतक से सांपला तक ही पांच जगह जाम लगा हुआ था। जाम लगने का पता होने के बावजूद जिन लोगों को जरूरी काम से बाहर जाना था वह जाने के लिए निकले। लेकिन हर जगह उनको रोक लिया गया और बाइक तक नहीं निकलने दी गई।
लोग पहली जगह हाथ जोड़कर खुशामद करते और आगे बढ़ जाते। लेकिन उनको यह नहीं पता था कि चंद कदम चलते ही आगे फिर इस तरह हाथ जोड़ने पड़ेंगे। यह सिलसिला मंगलवार को दिनभर चलता रहा और जाट आंदोलन के कारण जाम लगाए युवाओं ने किसी को नहीं निकलने दिया। एंबुलेंस को तभी आगे जाने दिया गया, जब बीमारी के कागजात जाम लगाने वालों को दिखाए गए। युवा पूरी चेकिंग के बाद ही एकाध वाहन को आगे निकाल रहे थे।