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Rohtak News: परीक्षा सदन की गैलरी और कूड़ेदान में मिलीं डिग्रियां

Sat, 16 May 2026 04:19 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक Updated Sat, 16 May 2026 04:19 AM IST
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Degrees were found in the gallery and dustbins of the examination hall.
28-एमडीयू के परीक्षा सदन के पार्किंग में फटी डिग्रियां के साथ फैले कागज। संवाद
करिश्मा रंगा
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रोहतक। डिग्री केवल एक कागज नहीं होती बल्कि किसी छात्र की वर्षों की मेहनत, परिवार की उम्मीदों और भविष्य की पहचान होती है। नौकरी, उच्च शिक्षा और सरकारी प्रक्रियाओं में इन्हीं दस्तावेजों की सबसे अधिक आवश्यकता पड़ती है।
महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) के परीक्षा सदन में छात्रों के भविष्य से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज लावारिस हालत में मिलने से व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। परीक्षा सदन की गैलरी और पार्किंग में जमीन पर पड़ीं डिग्रियों के साथ कुछ प्रमाणपत्र डस्टबिन के अंदर मिले।
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मौके पर मिलीं डिग्रियों में शिक्षा-स्नातक (बीएड) के पुराने प्रमाणपत्र शामिल हैं। इनमें वर्ष 1988 और 1990 की डिग्रियां भी मिलीं। ये डिग्रियां पूर्ण रूप से ठीक थीं। दस्तावेजों पर छात्रों के नाम, रोल नंबर, पंजीकरण संख्या और विश्वविद्यालय की आधिकारिक मुहर तक साफ दिखाई दे रही थी। कुछ डिग्रियां गैलरी के किनारे जमीन पर पड़ी थीं। 2017 और 2018 की कंप्यूटर अनुप्रयोग निष्णात की ये डिग्रियां आधी फटी हुई थीं।
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सवाल के घेरे में परीक्षा सदन

अब सवाल यह उठ रहा है कि आखिर ये डिग्रियां परीक्षा सदन की गैलरी और डस्टबिन तक पहुंचीं कैसे? क्या किसी छात्र ने खुद अपनी डिग्री फाड़कर फेंकी या फिर रिकॉर्ड प्रबंधन में किसी स्तर पर लापरवाही हुई? यदि ये पुराने रिकॉर्ड थे तो क्या उन्हें नष्ट करने की कोई आधिकारिक प्रक्रिया अपनाई गई थी? विवि का परीक्षा सदन सबसे महत्वपूर्ण शाखाओं में माना जाता है जहां छात्रों का रिकॉर्ड, डिग्रियां और गोपनीय दस्तावेज सुरक्षित रखे जाते हैं। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या रिकॉर्ड रूम से दस्तावेज बाहर आए? क्या किसी कर्मचारी की लापरवाही रही या फिर किसी ने जानबूझकर इन्हें फेंका? यदि विश्वविद्यालय सभी डिग्रियां संबंधित विभागों, कॉलेजों या छात्रों के पते पर भेज देता है तो फिर ये दस्तावेज परिसर में खुले में कैसे पड़े मिले?

विश्वविद्यालय किसी भी छात्र की डिग्री या डीएमसी लंबित नहीं रखता। नियमित पाठ्यक्रम के छात्रों की डिग्रियां संबंधित विभाग या कॉलेजों में भेज दी जाती हैं। डिस्टेंस के छात्रों के दस्तावेज उनके पते पर भेजे जाते हैं।
- प्रो. राहुल ऋषि, परीक्षा नियंत्रक, एमडीयू रोहतक

28-एमडीयू के परीक्षा सदन के पार्किंग में फटी डिग्रियां के साथ फैले कागज। संवाद

28-एमडीयू के परीक्षा सदन के पार्किंग में फटी डिग्रियां के साथ फैले कागज। संवाद

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