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Rohtak News: बचाव पक्ष बोला- दिल्ली के वकील ने 19 दिन इंतजार क्यों किया, सरपंच सहित तीन को मिली जमानत

Wed, 04 Sep 2024 12:25 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 04 Sep 2024 12:25 AM IST
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Defense side said- Why did Delhi's lawyer wait for 19 days, three including Sarpanch got bail
रोहतक। रेलवे रोड प्रॉपर्टी लेनदेन केस में मंगलवार को अदालत में बचाव पक्ष ने कहा कि एग्रीमेंट 25 जून को तैयार हुआ, जबकि शिकायतकर्ता ने 13 अगस्त को डीजीपी को शिकायत भेजी। यहां सवाल उठता है कि 19 दिन तक उसने अवैध हिरासत व जबरन वसूली की शिकायत देने का इंतजार क्यों किया। अदालत ने दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद मामले में गिरफ्तार खरावड़ निवासी बिजेंद्र उर्फ सरपंच, आर्य नगर निवासी संजय गर्ग व उसके भाई रामभगत गर्ग को जमानत दे दी। वहीं, अदालत में भी मंगलवार को वर्क सस्पेंड रहा, जो बुधवार को भी जारी रहेगा।
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यह था मामला
आर्य नगर निवासी संजय गर्ग ने सिटी थाने में 13 जून को एफआईआर दर्ज कराई थी। आरोप लगाया था कि 25 अक्तूबर 2023 को दिल्ली की हर्षिता जैन के साथ रेलवे रोड पर पीरजी मोहल्ला में स्थित 130 गज जमीन का सौदा किया था। आरोपी को बयाने के तौर पर कुल 97 लाख 50 हजार रुपये की राशि दी थी। मई 2024 में पता चला कि हर्षिता ने मार्च में यह प्रॉपर्टी किसी अन्य के नाम करवा दी। केस की जांच सिटी थाना पुलिस कर रही थी। इसी दौरान 30 अगस्त को आर्य नगर थाने में रेलवे रोड की जमीन खरीद-फरोख्त केस से जुड़ी एफआईआर दर्ज हुई। इसमें दिल्ली की पालम कॉलोनी निवासी और पेशे से वकील अशोक यादव ने डीजीपी को शिकायत भेजकर आरोप लगाया कि रोहतक पुलिस ने सिटी थाने में बुलाया और 11 घंटे तक अवैध तरीके से उसे हिरासत में रखा। आर्य नगर थाना क्षेत्र में दबाव बनाकर 50 लाख रुपये की वसूली की गई। डीएसपी मुख्यालय रवि खुंडिया ने मामले की जांच की। जांच के बाद आर्य नगर थाने में सिटी थाने के निलंबित थाना प्रभारी इंस्पेक्टर कुलदीप, जांच अधिकारी एएसआई कुलदीप सहित 10 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था। सीआईए ने खरावड़ निवासी बिजेंद्र उर्फ सरपंच, संजय गर्ग व उसके भाई रामभगत को गिरफ्तार कर लिया था।
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दिल्ली के वकील से ज्यादती नहीं हुई
बचाव पक्ष के वकील नवीन सिंगल ने अदालत को बताया कि एग्रीमेंट 25 जून का है। दिल्ली के वकील अशोक यादव ने माना कि उसके पास हर्षिता जैन ने 50 लाख रुपये खाते में भेजे हैं। हर्षिता जैन व संजय गर्ग के बीच समझौता हो गया। इसके तहत अशोक यादव ने हर्षिता जैन से लिए 50 लाख रुपये दे दिए। ऐसे में साफ है कि यह लेनदेन था, न की ज्यादती। दूसरा, शिकायतकर्ता 25 जून के बाद भी रोहतक आया, लेकिन उसने किसी पुलिस अधिकारी को शिकायत नहीं दी। 19 दिन के बाद 13 अगस्त को शिकायत दी है। कोर्ट ने दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद तीनों आरोपियों को जमानत दे दी। बहस के दौरान बार प्रधान अरविंद श्योराण व दूसरे वकील भी बचाव पक्ष की तरफ से अदालत में पेश हुए।
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मंगलवार को अदालत में पूरी तरह से वर्क सस्पेंड रखा गया। मुंशी को भी अदालत में जाने की अनुमति नहीं थी। केवल जमानत या दूसरे अनिवार्य केसों की ही सुनवाई हुई। मामले से जुड़े कागजात तैयार करने में समय लगा। ऐसे में मंगलवार को एसपी से नहीं मिल सके। बुधवार को भी अदालत में वर्क सस्पेंड रहेगा। एसपी से मिलकर एडवोकेट सुमित के खिलाफ दर्ज केस वापस लेने की मांग करेंगे।

अरविंद श्योराण, प्रधान जिला बार एसोसिएशन
मामले की गहराई से जांच पड़ताल कर रहे हैं। तीन आरोपियों संजय गर्ग, रामभगत गर्ग व बिजेंद्र उर्फ सरपंच को गिरफ्तार किया जा चुका है। अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच कर रहे हैं। अभी नई गिरफ्तारी नहीं हुई है।
इंस्पेक्टर कुलदीप कादियान, प्रभारी सीआईए प्रथम
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