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मजदूर दिवस से पहले दलित मजदूरों पर हमला
रोहतक
Updated Thu, 01 May 2014 02:33 AM IST
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मजदूर दिवस की पूर्व संध्या पर जहां मजदूरों के सशक्तिकरण और उनकी बेहतरी की बात चल रही थी, वहीं दूसरी ओर महम चौबीसी के गांव सीसरखास में कुछ दबंगों ने दलित मजदूरों की बस्ती पर हमला कर दिया।
इस हमले में आधा दर्जन मजदूर घायल हो गए। गंभीर रूप से घायल दो मजदूरों को बुधवार की रात पीजीआई लाया गया। गांव में एहितयातन पुलिस पीसीआर तैनात कर दी गई है। मजदूरों का कसूर केवल इतना था कि उन्होंने दबंगों के यहां उनके मनमुताबिक मजदूरी करने से इनकार कर दिया था।
गांव सीसरखास में शिवा मजदूरी का काम करता है। करीब तीन दिन पहले कुछ दबंग शिवा के घर आए और अपने यहां काम करने के लिए बुलाया। कम मजदूरी के चलते शिवा ने काम से मना कर दिया। यह बात दबंगों को इतनी नागवार गुजरी कि बुधवार की देर शाम करीब आठ बजे पूरी बस्ती पर ही हमला कर दिया। पीड़ितों के मुताबिक हमलावरों के पास लाठी, डंडों और लोहे की राड थी।
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हमला इतना तेज और अचानक से हुआ था कि किसी को भी संभलने का मौका नहीं मिला। हमलावरों ने किसी को नहीं बख्शा और जो भी सामने आया, उसे लहुलुहान कर दिया। हमले में रिंकल पुत्र बंसी, संदीप पुत्र मनीराम और शिवा पुत्र प्रेम समेत छह लोगों को चोटें लगीं। घायलों को पास के सामान्य अस्पताल में दाखिल कराया गया, जहां गंभीर हालत के चलते रिंकल और संदीप को पीजीआई रेफर कर दिया गया।
रिंकल के पिता बंसी ने बताया कि उनका बेटा ग्राम सरपंच के घर बैठा था। दबंगों के हौंसले इतने ज्यादा थे कि उन्होंने ग्राम सरपंच के घर में घुसकर रिंकल पर हमला कर दिया। सिर पर राड लगने से रिंकल की हालत बेहद गंभीर बनी है। रिंकल के साथ संदीप को भी गंभीर हालत के चलते पीजीआई रेफर किया गया है।
शिवा के बेटे सोनू की ओर से पुलिस को शिकायत दी गई है। घायलों के साथ आए परिजनों ने बताया कि 30 दबंगों के खिलाफ नामजद शिकायत दर्ज कराई है। हमलावरों की संख्या 50 से ज्यादा थी। दबंगों ने कुछ हमलावरों को बाहर से बुला रखा था, जिस कारण वह उनके नामों से वाकिफ नहीं हैं। पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए मौके पर पीसीआर तैनात कर दी है। सभी हमलावर अभी फरार बताए जा रहे हैं।
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इस हमले में आधा दर्जन मजदूर घायल हो गए। गंभीर रूप से घायल दो मजदूरों को बुधवार की रात पीजीआई लाया गया। गांव में एहितयातन पुलिस पीसीआर तैनात कर दी गई है। मजदूरों का कसूर केवल इतना था कि उन्होंने दबंगों के यहां उनके मनमुताबिक मजदूरी करने से इनकार कर दिया था।
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गांव सीसरखास में शिवा मजदूरी का काम करता है। करीब तीन दिन पहले कुछ दबंग शिवा के घर आए और अपने यहां काम करने के लिए बुलाया। कम मजदूरी के चलते शिवा ने काम से मना कर दिया। यह बात दबंगों को इतनी नागवार गुजरी कि बुधवार की देर शाम करीब आठ बजे पूरी बस्ती पर ही हमला कर दिया। पीड़ितों के मुताबिक हमलावरों के पास लाठी, डंडों और लोहे की राड थी।
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हमला इतना तेज और अचानक से हुआ था कि किसी को भी संभलने का मौका नहीं मिला। हमलावरों ने किसी को नहीं बख्शा और जो भी सामने आया, उसे लहुलुहान कर दिया। हमले में रिंकल पुत्र बंसी, संदीप पुत्र मनीराम और शिवा पुत्र प्रेम समेत छह लोगों को चोटें लगीं। घायलों को पास के सामान्य अस्पताल में दाखिल कराया गया, जहां गंभीर हालत के चलते रिंकल और संदीप को पीजीआई रेफर कर दिया गया।
रिंकल के पिता बंसी ने बताया कि उनका बेटा ग्राम सरपंच के घर बैठा था। दबंगों के हौंसले इतने ज्यादा थे कि उन्होंने ग्राम सरपंच के घर में घुसकर रिंकल पर हमला कर दिया। सिर पर राड लगने से रिंकल की हालत बेहद गंभीर बनी है। रिंकल के साथ संदीप को भी गंभीर हालत के चलते पीजीआई रेफर किया गया है।
शिवा के बेटे सोनू की ओर से पुलिस को शिकायत दी गई है। घायलों के साथ आए परिजनों ने बताया कि 30 दबंगों के खिलाफ नामजद शिकायत दर्ज कराई है। हमलावरों की संख्या 50 से ज्यादा थी। दबंगों ने कुछ हमलावरों को बाहर से बुला रखा था, जिस कारण वह उनके नामों से वाकिफ नहीं हैं। पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए मौके पर पीसीआर तैनात कर दी है। सभी हमलावर अभी फरार बताए जा रहे हैं।