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कागजों में ही कर दी 3 घंटे में डेयरी मोहल्ले में सफाई, हकीकत का चौथे दिन पता चला
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Dairy Mohalla cleaning in three hours
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रोहतक। नगर निगम के आला अधिकारी एक तरफ तत्काल सफाई की बात कहते हैं, लेकिन उनकी टीम मौके पर सफाई की बजाय शिकायत की कागजों में ही सफाई कर रही है। शनिवार को इस तरह का मामला मेयर मनमोहन गोयल के नोटिस में आया। मेयर ने सफाई ब्रांच को कहकर डेयरी मोहल्ला में गलियों की सफाई करवाई, बल्कि निगम आयुक्त को लिखित में शिकायत देने की बात कही।
निगम की तरफ से सफाई संबंधी शिकायतों के निवारण के लिए मानसरोवर पार्क के नजदीक कार्यालय में कंट्रोल रूम बना रखा है। शिकायत मिलने पर एक टीम की ड्यूटी है कि तीन घंटे के अंदर मौके पर पहुंच कर सफाई करे। उसी अवधि में रजिस्टर के अंदर संबंधित सफाई अधिकारी को हस्ताक्षर करके बताना पड़ता है कि उक्त शिकायत पर तय समय में सफाई हो गए। बताया जा रहा है कि 21 जुलाई को डेयरी मोहल्ला निवासी राकेश कुमार ने निगम प्रशासन को बताया था कि उसके मोहल्ले में नालियों में कचरा पड़ा है। बावजूद इसके 25 जुलाई की सुबह तक कोई सफाई करने नहीं पहुंचा। इसके चलते राकेश कुमार मेयर मनमोहन गोयल के पास पहुंचे और पूरे मामले से अवगत कराया। मेयर ने सफाई ब्रांच के अधिकारियों से बात की। तब जाकर मौके पर सफाई हुआ।
नियमों के तहत शिकायत मिलने के 3 घंटे के अंदर सफाई का कार्य होना चाहिए, लेकिन डेयरी मोहल्ला निवासी राकेश ने 21 जुलाई को दोपहर 1 बजकर 8 मिनट पर शिकायत दर्ज करवाई थी। उस पर 25 जुलाई तक कार्रवाई नहीं हुई। मैंने खुद कहकर शनिवार को सफाई करवाई है। सोमवार को खुद निगम आयुक्त को कहकर मामले में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए कहेंगे।
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मनमोहन गोयल, मेयर, नगर निगम।
लापरवाही बरतने का मामला मेरे नोटिस में आया है। मेयर से पूरी रिपोर्ट आने के बाद मामले में सोमवार को संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा जाएगा। वहीं, ट्रॉली पंक्चर मामले में जेई से स्ष्टीकरण मांगा गया है।
प्रदीप गोदारा, आयुक्त नगर निगम
ट्रॉली में पांच दिन बाद भी क्यों नहीं लगा पंक्चर, आयुक्त ने जेई से मांगा जवाब
दो दिन पहले सीएम के औचक निरीक्षण के दौरान उजागर हुई खामियों की नगर निगम प्रशासन ने जांच पड़ताल शुरू कर दी है। निगम आयुक्त प्रदीप गोदारा ने जेई को नोटिस भेजकर जवाब मांगा हैं। आयुक्त का कहना है कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। 23 जुलाई को भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ओपी धनखड़ को जिम्मेदारी देने के लिए सीएम मनोहर लाल रोहतक पहुंचे थे। पहले से तय प्रोग्राम के तहत सीएम को तीन बजे हेलीकॉप्टर से चंडीगढ़ रवाना होना था, लेकिन सीएम के कार्यक्रम में अचानक बदलाव हुुआ। सीएम न केवल रात को रोहतक में ही रहे, बल्कि सोनीपत स्टैंड स्थित वाटर वर्क्स नंबर एक का औचक निरीक्षण किया, जहां फायर ब्रिगेड के प्रांगण में निगम की ट्रॉली पंक्चर खड़ी थी। सीएम ने आयुक्त से पूूछा था कि यह ट्रॉली पंक्चर हुई क्यों खड़ी है। ऐसा नहीं होना चाहिए।
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निगम की तरफ से सफाई संबंधी शिकायतों के निवारण के लिए मानसरोवर पार्क के नजदीक कार्यालय में कंट्रोल रूम बना रखा है। शिकायत मिलने पर एक टीम की ड्यूटी है कि तीन घंटे के अंदर मौके पर पहुंच कर सफाई करे। उसी अवधि में रजिस्टर के अंदर संबंधित सफाई अधिकारी को हस्ताक्षर करके बताना पड़ता है कि उक्त शिकायत पर तय समय में सफाई हो गए। बताया जा रहा है कि 21 जुलाई को डेयरी मोहल्ला निवासी राकेश कुमार ने निगम प्रशासन को बताया था कि उसके मोहल्ले में नालियों में कचरा पड़ा है। बावजूद इसके 25 जुलाई की सुबह तक कोई सफाई करने नहीं पहुंचा। इसके चलते राकेश कुमार मेयर मनमोहन गोयल के पास पहुंचे और पूरे मामले से अवगत कराया। मेयर ने सफाई ब्रांच के अधिकारियों से बात की। तब जाकर मौके पर सफाई हुआ।
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नियमों के तहत शिकायत मिलने के 3 घंटे के अंदर सफाई का कार्य होना चाहिए, लेकिन डेयरी मोहल्ला निवासी राकेश ने 21 जुलाई को दोपहर 1 बजकर 8 मिनट पर शिकायत दर्ज करवाई थी। उस पर 25 जुलाई तक कार्रवाई नहीं हुई। मैंने खुद कहकर शनिवार को सफाई करवाई है। सोमवार को खुद निगम आयुक्त को कहकर मामले में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए कहेंगे।
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मनमोहन गोयल, मेयर, नगर निगम।
लापरवाही बरतने का मामला मेरे नोटिस में आया है। मेयर से पूरी रिपोर्ट आने के बाद मामले में सोमवार को संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा जाएगा। वहीं, ट्रॉली पंक्चर मामले में जेई से स्ष्टीकरण मांगा गया है।
प्रदीप गोदारा, आयुक्त नगर निगम
ट्रॉली में पांच दिन बाद भी क्यों नहीं लगा पंक्चर, आयुक्त ने जेई से मांगा जवाब
दो दिन पहले सीएम के औचक निरीक्षण के दौरान उजागर हुई खामियों की नगर निगम प्रशासन ने जांच पड़ताल शुरू कर दी है। निगम आयुक्त प्रदीप गोदारा ने जेई को नोटिस भेजकर जवाब मांगा हैं। आयुक्त का कहना है कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। 23 जुलाई को भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ओपी धनखड़ को जिम्मेदारी देने के लिए सीएम मनोहर लाल रोहतक पहुंचे थे। पहले से तय प्रोग्राम के तहत सीएम को तीन बजे हेलीकॉप्टर से चंडीगढ़ रवाना होना था, लेकिन सीएम के कार्यक्रम में अचानक बदलाव हुुआ। सीएम न केवल रात को रोहतक में ही रहे, बल्कि सोनीपत स्टैंड स्थित वाटर वर्क्स नंबर एक का औचक निरीक्षण किया, जहां फायर ब्रिगेड के प्रांगण में निगम की ट्रॉली पंक्चर खड़ी थी। सीएम ने आयुक्त से पूूछा था कि यह ट्रॉली पंक्चर हुई क्यों खड़ी है। ऐसा नहीं होना चाहिए।