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वैश्य स्कूल के 24 कर्मियों को बाहर निकाला, घक्का-मुक्की में महिला कर्मी को पड़ा अटैक

Sat, 12 Dec 2015 02:13 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक Updated Sat, 12 Dec 2015 02:13 AM IST
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वैश्य पब्लिक स्कूल से 24 कर्मचारियों को बाहर निकालने पर शुक्रवार को बखेड़ा खड़ा हो गया।
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प्रबंधन ने छुट्टी के बाद कर्मचारियों को नौकरी से निकालने के नोटिस जारी कर दिए। नोटिस मिलते ही कर्मियाें ने स्कूल में हंगामा कर दिया।

स्टाफ के साथ धक्का-मुक्की में एक महिला कर्मचारी विमला को दिल का दौरा पड़ गया, जबकि दूसरी कर्मी बीना बेहोश हो गई।

आनन-फानन में चतुर्थ श्रेणी महिला कर्मचारी विमला को पीजीआई में दाखिल कराया गया है। गुस्साए कर्मचारियों ने प्रधानाचार्य को बंधक बनाकर स्कूल की लाइट काट दी और नारेबाजी करते हुए हड़ताल पर बैठ गए।

देर रात डीएसपी ने मौके पर पहुंचकर आश्वासन दिया। फिलहाल कर्मचारी घर लौट गए हैं, लेकिन चेतावनी दी है कि शनिवार को समाधान नहीं हुआ तो सोमवार से बेमियादी हड़ताल शुरू कर दी जाएगी।
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नौकरी से निकाले जाने पर गुस्साए कर्मचारियों ने प्रधानाचार्य सहदेव बलगा को कमरे में बंधक बना लिया और गेट के बाहर धरने पर बैठ गए। कर्मियाें ने स्कूल की लाइट भी काट दी। मौके पर पहुंची महिला पुलिस को कर्मचारियों ने चेताया कि जब तक डीसी व संस्था प्रशासन डी. के. बेहरा मौके पर नहीं आएंगे, हंगामा जारी रहेगा। मामला शांत नहीं होता देख डीएसपी सुखबीर फौगाट पहुंचे। डीएसपी ने आश्वासन दिया कि शनिवार सुबह वे खुद कर्मचारियों की मुलाकात डीसी और एसपी से कराएंगे। इस पर कर्मी घर लौट गए।
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इन कर्मचारियों को हटाया
शिक्षिका सुनीता सुहाग, राखी चावला, अंजली, राखी सिंगला, लैब टेक्नीशियन गौरीशंकर, राजबाला, उषा मित्तल, शशि जैन। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी बबीता, सुषमा, मंजू, ऊषा, बीना, कमलेश, सुनीता शर्मा, सुनीता मित्तल, कांता, विमला, शिवकुमार, सुनील, दिनेश, श्रीनिवास व केयरटेकर प्रवीण समेत 24 लोगों को बाहर निकाला गया है।
12 साल से कर रहे नौकरी, अब कहां जाए
नौकरी से निकाले जाने के बाद एल. ए. गौरीशंकर और राजबाला ने कहा कि वे दशकों से स्कूल में नौकरी कर रहे हैं। अच्छे और बुरे समय में स्कूल का साथ दिया, लेकिन अब नौकरी से निकालने का क्या औचित्य है। प्रबंधन ने उन्हें किधर का भी नहीं छोड़ा। अब हमारा घर कैसे चलेगा।
कॉलेजियम सदस्यों ने दिया आश्वासन
स्कूल प्रबंधन भले ही कर्मचारियों के साथ न रहा हो, लेकिन हंगामे के दौरान कॉलेजियम सदस्य अजय गुप्ता अन्य सदस्यों ने कर्मचारियों को आश्वासन दिया कि वे हर कदम पर उनके साथ हैं। जरूरत पड़ी तो कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाएंगे। कर्मचारियों के साथ अन्याय नहीं होने देंगे।
स्टे के बाद भी कमेटी कर रही काम
वैश्य संस्था में प्रशासक की नियुक्ति के बाद पांच सदस्य कमेटी भी बनाई गई थी, जिसका काम संस्था की देखरेख करना था। इस कमेटी में देवेंद्र गोयल, प्रदीप गर्ग, राजीव गर्ग, नवीन गुप्ता और अतुल जैन को शामिल किया गया था। कुछ माह पूर्व इस कमेटी पर सवाल उठने के बाद कोर्ट ने इस पर स्टे लगा दिया था। हंगामे के दौरान कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि स्टे के बाद भी कमेटी पूरा काम कर रही है। कमेटी के दो पदाधिकारी संस्था के हर कार्य में हस्तक्षेप कर रहे हैं।
अमर उजाला ने सबसे पहले किया खुलासा
स्कूल प्रबंधन ने शुक्रवार को कर्मचारियों को नौकरी से निकाला, लेकिन अमर उजाला ने यह मामला पहले ही उठा दिया था। अमर उजाला ने शुक्रवार के अंक में इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। खबर प्रकाशित होते ही कर्मचारी सचेत हो गए और स्कूल में भी हड़कंप मच गया। जैसे ही स्कूल की छुट्टी होने लगी तो प्रबंधन ने सभी कर्मचारियों को नौकरी से बाहर निकालने के नोटिस थमा दिए।
दशकों बाद कैसे दिखा संस्था का नुकसान
फिलहाल वैश्य संस्था के स्कूल-कॉलेजों की कमान डीसी व प्रशासक डी. के. बेहरा के हाथ में है। कर्मचारियों को हटाने के मामले में उन्होंने कहा कि कुछ कर्मचारियों को गलत तरीके से भर्ती किया गया है, जिससे संस्था को आर्थिक नुकसान हो रहा है। गलत तरीके से भर्ती किए गए कर्मचारियों को हटाने के आदेश जारी किए गए हैं। अब सवाल यह है कि संस्था में जिन कर्मचारियों को निकाला गया, उनमें से अधिकांश कर्मचारी दशकों से स्कूल में काम कर रहे हैं। इससे पहले प्रबंधन को आर्थिक नुकसान क्यों नहीं दिखाया गया।

वर्जन
काफी कर्मचारियों को गलत तरीके से भर्ती कर लिया गया था, जिससे संस्था को आर्थिक नुकसान हो रहा था। इसी कारण गलत तरीके से भर्ती किए गए कर्मचारियों को हटाने के आदेश किए गए हैं।
- डीके बेहरा, डीसी रोहतक
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