{"_id":"61e700b536557b5456512e3e","slug":"three-convicted-in-the-murder-of-son-of-delhi-police-constable","type":"story","status":"publish","title_hn":"रोहतक: दिल्ली पुलिस के हवलदार के बेटे की हत्या में तीन दोषी करार, सजा पर हाेगी बहस","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम","slug":"crime"}}
रोहतक: दिल्ली पुलिस के हवलदार के बेटे की हत्या में तीन दोषी करार, सजा पर हाेगी बहस
Tue, 18 Jan 2022 11:32 PM IST
भूपेंद्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, रोहतक (हरियाणा)
अमर उजाला ब्यूरो, रोहतक (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Tue, 18 Jan 2022 11:32 PM IST
सार
26 वर्षीय मिलन 2018 में पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहा था, बस में सीट पर बैठने को लेकर कहासुनी होने पर युवकों ने घर के बाहर आकर गोली मारी थी। दोषी युवकों में दो गांव मोखरा के ही रहने वाले हैं, जबकि तीसरा जींद के शादीपुर गांव का निवासी है। पांच आरोपियों को अदालत ने क्लीनचिट दी है।
विज्ञापन
कोर्ट (प्रतीकात्मक तस्वीर।)
- फोटो : iStock
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हरियाणा के रोहतक में दिल्ली पुलिस के हवलदार के बेटे की बस की सीट पर बैठने को लेकर हुई कहासुनी के बाद गोली मारकर हत्या के मामले में एएसजे राजकुमार यादव की अदालत ने मोखरा निवासी अंकित व मोहित और जींद के शादीपुर निवासी मंजीत को दोषी करार दिया है। वीरवार को अदालत में सजा पर बहस होगी। अदालत ने आरोपी मोखरा निवासी सुनील, संदीप, पवन, दीपक व मंजीत पुत्र रामफल को बरी कर दिया।
विज्ञापन
बचाव पक्ष के वकील सुशील पांचाल ने बताया कि जून 2018 को मोखरा निवासी सरला ने शिकायत दी थी कि उसके पति आनंद दिल्ली पुलिस में कार्यरत हैं। जबकि उसके दो बेटे हैं। बड़ा बेटा 26 वर्षीय मिलन पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहा था। छह जून को मिलन का बस में सीट पर बैठने को लेकर विवाद हो गया था। इसके अगले दिन उसके बेटे के साथ रोहतक में पुराने बस स्टैंड पर मारपीट की गई।
विज्ञापन
साथ में हत्या करवाने की धमकी दी। अगले दिन रात करीब साढ़े 11 बजे अंकित व अन्य युवक आए और घर के बाहर गली में मिलन से बातचीत करने लगे। अंकित ने उसे घर के अंदर से पानी लाने के लिए भेज दिया। इसके बाद अंकित ने उसके बेटे को गोली मार दी। वह भागकर बाहर आई।
विज्ञापन
मिलन जमीन पर पड़ा था, जबकि आरोपी बाइक पर सवार होकर भाग गए। वह मिलन को पीजीआई लेकर गई, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने केस दर्ज कर आठ युवकों को गिरफ्तार किया था। तभी से केस की सुनवाई जिला अदालत में चल रही थी। मंगलवार को एएसजे राजकुमार यादव की अदालत ने तीन को दोषी करार दिया, जबकि पांच को बरी कर दिया। मामले में 20 जनवरी को सजा पर बहस होगी।