रोहतक: एचपीसीएल की पाइपलाइन में सेंध लगाकर तीन घंटे में चोरी किया 35 लाख का डीजल, भर लिए चार टैंकर
पानीपत से मथुरा रिफाइनरी में जा रही लाइन में आधुनिक तकनीकी से गिझी गांव के खेतों सेंध लगाई थी। पुलिस ने 8 हजार लीटर डीजल और 3.83 लाख रुपये के साथ तीन आरोपी गिरफ्तार किए हैं। गिरफ्तार आरोपियों में दो झज्जर व एक रोहतक का रहने वाला है। गिरोह का मास्टरमाइंड अभी भी फरार है।
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पानीपत से मथुरा की रिफाइनरी में जा रही हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) की पाइपलाइन में गांव गिझी के खेतों में सेंध लगाकर चोर तीन घंटे में 35 लाख रुपये का डीजल चोरी कर चार टैंकरों में भरकर ले गए। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए झज्जर जिले के गांव आसौधा निवासी नरेंद्र उर्फ अन्ना उर्फ टिंकू (28), दहकौरा निवासी जयकुंवार (46) व रोहतक जिले के गांव कुलताना निवासी प्रमोद (36) को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से 8 हजार लीटर डीजल, 3 लाख 83 हजार रुपये व चार टैंकर बरामद हुए हैं। सोमवार को पुलिस ने तीनों आरोपियों को अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें छह दिन के रिमांड पर भेज दिया गया। वारदात का मास्टरमाइंड अभी फरार है।
एसपी उदय सिंह मीना ने बताया कि एचपीसीएल की तेल पाइपलाइन पानीपत से होते हुए गोहाना के बाद रोहतक जिले के कई गांवों से होकर गुजरती है। पाइपलाइन की सुरक्षा की जिम्मेदारी एक निजी कंपनी करती है। सात मई को एचपीसीएल का सिक्योरिटी अलार्म 8 से 10 बजे के बीच बजने लगे।
जांच करने पर पता चला कि पाइपलाइन में रोहतक जिले के गांव गिझी के खेतों में छेड़छाड़ हुई है। तत्काल पाइपलाइन की सुरक्षा एजेंसी के फील्ड ऑफिसर सतेंद्र निवासी फरीदाबाद ने जिला पुलिस को सूचित किया। आईजी ममता सिंह, एसपी रोहतक व एसपी झज्जर सहित भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा। उस समय ज्यादातर टैंकर जा चुके थे, लेकिन पुलिस को मौके से पाइपलाइन में सेंध लगाने वाले उपकरण मिल गए थे।
लघु सचिवालय में पत्रकारो से वार्ता करते एसपी उदय सिंह साथ में सांपला अधीक्षक मेधा भूषण। संवाद
सीसीटीवी फुटेज से खुला राज, कड़ी से कड़ी जोड़कर पहुंची पुलिस
एसपी ने बताया कि पुलिस ने पेट्रोलियम एवं मिनरल पाइपलाइन (एक्यूजीशन ऑफ राइट टू यूजर इन लैंड) एक्ट 1962 की धारा 15 व 16, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम-1988 की धारा 3 व 4, प्रिवेंशन ऑफ डैमेज टू पब्लिक प्रॉपर्टी एक्ट-1987 की धारा 3 व 4 व आईपीसी की धारा 268, 285, 286, 379 व 511 व आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की। एएसपी मेधा भूषण के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया। एसआईटी में सीआईए प्रथम, सांपला पुलिस व साइबर सेल की टीम को भी शामिल किया गया। जांच में पता चला कि 7 मई की शाम को 7 बजकर 44 मिनट से 10 बजकर 52 तक रेड अलार्म बजा था।
जांच में गिझी व समचाना के बीच खेतों में खुदाई करके मिट्टी हटाकर देखा तो अत्याधुनिक तकनीक से पाइपलाइन में छेद करके तेल निकालना पाया गया। इसके बाद पुलिस ने आसपास के इलाके की सीसीटीवी फुटेज की जांच की। जांच में टैंकर आते-जाते दिखाई दिए। वहीं से सुराग ढूंढते हुए पुलिस की टीम ने वारदात के एक सप्ताह बाद अब आसौदा निवासी टिंकू, जयकुंवार निवासी दहकौरा व कुलताना निवासी प्रमोद को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 3 लाख 83 हजार रुपये की नकदी, चार टैंकर व 8 हजार लीटर डीजल बरामद किया है।
अत्याधुनिक उपकरण लगाकर लगाते हैं सेंध, मास्टरमाइंड अभी फरार
पुलिस के मुताबिक पाइपलाइन में कभी पेट्रोल तो कभी डीजल आता है। साथ ही दबाव काफी ज्यादा होता है। गिरोह के पास एक उपकरण होने का शक है, जिससे पाइपलाइन पर लगाकर पता लग जाता है कि पाइपलाइन में पेट्रोल व डीजल का बहाव कितना है। जब लाइन के अंदर पेट्रोल के बाद डीजल सप्लाई के बीच का समय होता है तो गिरोह उसी समय पाइपलाइन में सुराख कर अपने उपकरण व पाइप जोड़ते हैं। इसके बाद गाड़ियों के अंदर चोरी करके पेट्रोल या डीजल भरा जाता है। पूछताछ में पता चला है कि झज्जर जिले के गांव साखौल का युवक तकनीकी एक्सपर्ट है, जबकि उसका साथी सोनीपत के नाहरा गांव का युवक भी काफी कुछ जानकारी रखता है। गिरोह के तीन सदस्यों की गिरफ्तारी हुई है। पांच अभी भी फरार हैं।