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देशद्रोह के आरोपी की गिरफ्तारी पर पुलिस को गंभीर परिणाम की चेतावनी
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Wed, 22 Feb 2017 02:07 AM IST
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प्रधानमंत्री पर हुई अभद्र टिप्पणी के मामले में देशद्रोह का मुकदमा दर्ज होने के बाद मंगलवार को धरने पर बैठे लोग भड़क गए। मंच से सरकार और पुलिस-प्रशासन को खुली चुनौती देते हुए वक्ताओं ने कहा कि सोमबीर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर धरने को तोड़ने की कोशिश की जा रही है। यदि सोमबीर को गिरफ्तार करने की कोशिश की गई तो गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। इस बीच पानीपत के उग्राखेड़ी, जींद के ईक्कस समेत प्रदेश भर में चल रहे धरने जारी रहे।
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धरने पर वक्ताओं ने सरकार से सवाल किए कि जो लोग प्रधानमंत्री के पुतले और अर्थी जलाते हैं उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज नहीं हुए तो सोमबीर के खिलाफ क्यों? सांसद राजकुमार सैनी लगातार गलत बयानबाजी कर रहे हैं उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज क्यों नहीं हुआ? समिति के महासचिव कृष्णलाल हुड्डा ने कमेटी की तरफ से जारी प्रेस नोट पढ़कर सुनाया। उन्होंने बताया कि पानीपत में हुई सरकार की कमेटी के साथ बातचीत सकारात्मक नहीं रही।
वार्ता में सहमति नहीं होने के कारण अगली बैठक का समय मांगा गया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने साजिश के तहत सोमबीर पर मुकदमा दर्ज कराया है। उनका इरादा प्रधानमंत्री का अनादर करना नहीं था। आंदोलन में इस तरह की बातें विरोध स्वरूप हो जाती हैैं। इसके लिए समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सोमबीर ने खेद भी प्रकट कर दिया था। उन्होंने सोमबीर को कांग्रेस का प्रतिनिधि बताए जाने का भी खंडन किया। साथ ही चेताया कि अगर सरकार ने सोमबीर को गिरफ्तार करने की कोशिश की तो गंभीर परिणाम होंगे।
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अधिकारियों को भी चेतावनी दी कि अब कोई भी धरना स्थल पर न आए। इसके अलावा 2 मार्च को दिल्ली में होने वाले प्रदर्शन को सफल बनाने का आह्वान करते हुए बताया कि दिल्ली में एक लाख से अधिक ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर जाएंगे, जिसके लिए रजिस्ट्रेशन किए जा रहे है। उधर, जिस सोमबीर के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज हुआ है वह भी धरना स्थल पर ही मौजूद रहा।
प्रधानमंत्री पर फिर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी, गोली मारने की धमकी
बलिदान दिवस के दिन प्रधानमंत्री पर हुई आपत्तिजनक टिप्पणी का मामला अभी थमा भी नहीं था कि मंगलवार को भी एक बार फिर से प्रधानमंत्री को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी गई। दोपहर के समय मंच पर भाषण दे रहे एक युवक ने एक गाने का उदाहरण देते हुए कहा कि जाटों के पास एके-47 है। मोदी की छाती में से गोली निकाल देंगे। युवक ने कई बार माइक के माध्यम से खुद को झज्जर जिले के छारा गांव का रहने वाला बताया।
खाप प्रतिनिधि बताने पर जताया विरोध
जिला महासचिव ने कुछ लोगों की ओर से खुद खापोें का प्रधान बताकर टीवी पर बयानबाजी करने पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि कुछ लोग मीडिया के माध्यम से समाज में फूट डाल रहे हैं। सभी प्रधान उनके साथ हैं और जो खुद को प्रधान बताते हैं वह सरासर झूठ बोलकर लोगों को गुमराह कर रहे हैं।
प्रेस नोट में मीडिया को दी धमकी
समिति की तरफ से लेटर पैड पर जारी किए गए प्रेस नोट में भी मीडिया को धमकी दी गई है। इसमें कहा गया है कि 19 फरवरी के ऐतिहासिक बलिदान दिवस को (कुछ चैनलों को छोड़कर) कितना दिखाया है हम अच्छी तरह जानते हैं। यदि इन्होंने अपनी कार्यप्रणाली में सुधार नहीं किया तो मजबूर होकर कठोर निर्णय लेना पड़ेगा।
जसिया में मीडिया पर निकाली भड़ास
खुले मंच से मीडिया पर अभद्र बोल, भीड़ ने भी किया दुर्व्यवहार
पीएम पर टिप्पणी के मामले में मुकदमा दर्ज होने के लिए मीडिया को बताया जिम्मेदार
मीडिया जगत में भारी आक्रोश, दोषियों पर कार्रवाई और पत्रकारों को सुरक्षा मुहैया कराने की मांग
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के जसिया में चल रहे धरने में मंगलवार को मीडिया निशाने पर रहा। मंच से और भीड़ के बीच से मीडिया के खिलाफ जहर उगलने के साथ ही अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया और मीडियाकर्मियों को धमकाया तक गया। हालांकि मामला गरम होता देख समिति के जिला महासचिव केएल हुड्डा की तरफ से पत्रकारों से माफी मांगी गई लेकिन पत्रकारों ने भीड़ का रुख भांप वहां से निकलना ही बेहतर समझा। हरियाणा पत्रकार कल्याण मंच ने इस घटना की भर्त्सना करते हुए पत्रकारों को सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की है।
समिति के धरने के दौरान 19 फरवरी को मनाए गए बलिदान दिवस पर जसिया निवासी सोमबीर ने प्रधानमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की। इस पर सोमबीर के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज हुआ है। इसके लिए आंदोलनकारी मीडिया को जिम्मेदार मान रहे हैं। मंगलवार को जब मीडिया कर्मी धरनास्थल पर पहुंचे तो मंच से वक्ताओं ने मीडिया के खिलाफ जहर उगलना शुरू कर दिया। उन्होंने मीडिया पर आंदोलन को दबाने की कोशिश करने का आरोप लगाने के साथ ही सोमबीर पर हुए मुकदमे के लिए भी मीडिया को जिम्मेदार बताया। इससे भीड़ भी मीडिया के खिलाफ खड़ी हो गई। मीडिया कर्मियों को धमकाया भी गया।
मीडिया कर्मियों से दुर्व्यवहार पर प्रदेश भर के मीडिया जगत में तीखी आलोचना हुई है। कुरुक्षेत्र के प्रांतीय कार्यालय में हरियाणा पत्रकार कल्याण मंच की बैठक में प्रदेशाध्यक्ष पवन आश्री और सचिव मेवा सिंह राणा समेत अन्य मीडिया कर्मियों ने निर्णय लिया कि बुधवार को कुरुक्षेत्र उपायुक्त को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसमें दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और मीडिया को सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की जाएगी।
यशपाल मलिक ने खेद जताया, बोले-पुनरावृत्ति नहीं होने दी जाएगी
समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने पूरे प्रकरण को लेकर खेद प्रकट किया है। उन्होंने कहा कि सभी धरने के पदाधिकारियों को फोन पर सूचित कर किया गया है कि मीडिया कर्मियों के साथ अभद्र व्यवहार न किया जाए। किसी ऐसे व्यक्ति को माइक न दिया जाए, जो इस तरह की बातें कर आंदोलन को भटकाता है। साथ ही विश्वास दिलाते हैं कि भविष्य में इस तरह की घटना नहीं होगी। उन्होंने मीडिया से अपील की है कि जिस तरह पिछले दस वर्षों में मीडिया ने साथ दिया है, भविष्य में भी ऐसे ही साथ देते रहेंगे।
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धरने पर वक्ताओं ने सरकार से सवाल किए कि जो लोग प्रधानमंत्री के पुतले और अर्थी जलाते हैं उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज नहीं हुए तो सोमबीर के खिलाफ क्यों? सांसद राजकुमार सैनी लगातार गलत बयानबाजी कर रहे हैं उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज क्यों नहीं हुआ? समिति के महासचिव कृष्णलाल हुड्डा ने कमेटी की तरफ से जारी प्रेस नोट पढ़कर सुनाया। उन्होंने बताया कि पानीपत में हुई सरकार की कमेटी के साथ बातचीत सकारात्मक नहीं रही।
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वार्ता में सहमति नहीं होने के कारण अगली बैठक का समय मांगा गया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने साजिश के तहत सोमबीर पर मुकदमा दर्ज कराया है। उनका इरादा प्रधानमंत्री का अनादर करना नहीं था। आंदोलन में इस तरह की बातें विरोध स्वरूप हो जाती हैैं। इसके लिए समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सोमबीर ने खेद भी प्रकट कर दिया था। उन्होंने सोमबीर को कांग्रेस का प्रतिनिधि बताए जाने का भी खंडन किया। साथ ही चेताया कि अगर सरकार ने सोमबीर को गिरफ्तार करने की कोशिश की तो गंभीर परिणाम होंगे।
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अधिकारियों को भी चेतावनी दी कि अब कोई भी धरना स्थल पर न आए। इसके अलावा 2 मार्च को दिल्ली में होने वाले प्रदर्शन को सफल बनाने का आह्वान करते हुए बताया कि दिल्ली में एक लाख से अधिक ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर जाएंगे, जिसके लिए रजिस्ट्रेशन किए जा रहे है। उधर, जिस सोमबीर के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज हुआ है वह भी धरना स्थल पर ही मौजूद रहा।
प्रधानमंत्री पर फिर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी, गोली मारने की धमकी
बलिदान दिवस के दिन प्रधानमंत्री पर हुई आपत्तिजनक टिप्पणी का मामला अभी थमा भी नहीं था कि मंगलवार को भी एक बार फिर से प्रधानमंत्री को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी गई। दोपहर के समय मंच पर भाषण दे रहे एक युवक ने एक गाने का उदाहरण देते हुए कहा कि जाटों के पास एके-47 है। मोदी की छाती में से गोली निकाल देंगे। युवक ने कई बार माइक के माध्यम से खुद को झज्जर जिले के छारा गांव का रहने वाला बताया।
खाप प्रतिनिधि बताने पर जताया विरोध
जिला महासचिव ने कुछ लोगों की ओर से खुद खापोें का प्रधान बताकर टीवी पर बयानबाजी करने पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि कुछ लोग मीडिया के माध्यम से समाज में फूट डाल रहे हैं। सभी प्रधान उनके साथ हैं और जो खुद को प्रधान बताते हैं वह सरासर झूठ बोलकर लोगों को गुमराह कर रहे हैं।
प्रेस नोट में मीडिया को दी धमकी
समिति की तरफ से लेटर पैड पर जारी किए गए प्रेस नोट में भी मीडिया को धमकी दी गई है। इसमें कहा गया है कि 19 फरवरी के ऐतिहासिक बलिदान दिवस को (कुछ चैनलों को छोड़कर) कितना दिखाया है हम अच्छी तरह जानते हैं। यदि इन्होंने अपनी कार्यप्रणाली में सुधार नहीं किया तो मजबूर होकर कठोर निर्णय लेना पड़ेगा।
जसिया में मीडिया पर निकाली भड़ास
खुले मंच से मीडिया पर अभद्र बोल, भीड़ ने भी किया दुर्व्यवहार
पीएम पर टिप्पणी के मामले में मुकदमा दर्ज होने के लिए मीडिया को बताया जिम्मेदार
मीडिया जगत में भारी आक्रोश, दोषियों पर कार्रवाई और पत्रकारों को सुरक्षा मुहैया कराने की मांग
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के जसिया में चल रहे धरने में मंगलवार को मीडिया निशाने पर रहा। मंच से और भीड़ के बीच से मीडिया के खिलाफ जहर उगलने के साथ ही अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया और मीडियाकर्मियों को धमकाया तक गया। हालांकि मामला गरम होता देख समिति के जिला महासचिव केएल हुड्डा की तरफ से पत्रकारों से माफी मांगी गई लेकिन पत्रकारों ने भीड़ का रुख भांप वहां से निकलना ही बेहतर समझा। हरियाणा पत्रकार कल्याण मंच ने इस घटना की भर्त्सना करते हुए पत्रकारों को सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की है।
समिति के धरने के दौरान 19 फरवरी को मनाए गए बलिदान दिवस पर जसिया निवासी सोमबीर ने प्रधानमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की। इस पर सोमबीर के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज हुआ है। इसके लिए आंदोलनकारी मीडिया को जिम्मेदार मान रहे हैं। मंगलवार को जब मीडिया कर्मी धरनास्थल पर पहुंचे तो मंच से वक्ताओं ने मीडिया के खिलाफ जहर उगलना शुरू कर दिया। उन्होंने मीडिया पर आंदोलन को दबाने की कोशिश करने का आरोप लगाने के साथ ही सोमबीर पर हुए मुकदमे के लिए भी मीडिया को जिम्मेदार बताया। इससे भीड़ भी मीडिया के खिलाफ खड़ी हो गई। मीडिया कर्मियों को धमकाया भी गया।
मीडिया कर्मियों से दुर्व्यवहार पर प्रदेश भर के मीडिया जगत में तीखी आलोचना हुई है। कुरुक्षेत्र के प्रांतीय कार्यालय में हरियाणा पत्रकार कल्याण मंच की बैठक में प्रदेशाध्यक्ष पवन आश्री और सचिव मेवा सिंह राणा समेत अन्य मीडिया कर्मियों ने निर्णय लिया कि बुधवार को कुरुक्षेत्र उपायुक्त को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसमें दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और मीडिया को सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की जाएगी।
यशपाल मलिक ने खेद जताया, बोले-पुनरावृत्ति नहीं होने दी जाएगी
समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने पूरे प्रकरण को लेकर खेद प्रकट किया है। उन्होंने कहा कि सभी धरने के पदाधिकारियों को फोन पर सूचित कर किया गया है कि मीडिया कर्मियों के साथ अभद्र व्यवहार न किया जाए। किसी ऐसे व्यक्ति को माइक न दिया जाए, जो इस तरह की बातें कर आंदोलन को भटकाता है। साथ ही विश्वास दिलाते हैं कि भविष्य में इस तरह की घटना नहीं होगी। उन्होंने मीडिया से अपील की है कि जिस तरह पिछले दस वर्षों में मीडिया ने साथ दिया है, भविष्य में भी ऐसे ही साथ देते रहेंगे।