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‘सेल्फी’ बढ़ाएगी वकील कलकल की मुसीबत
ब्यूरो/अमर उजाला,रोहतक
Updated Fri, 15 Apr 2016 02:46 AM IST
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सेल्फी
- फोटो : अमर उजाला
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वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु की कोठी फूंकने और भड़काऊ भाषण देने के आरोप में जेल में बंद वकील सुदीप कलकल की मुसीबत बढ़ती दिख रही है। अब मंत्री की कोठी में आगजनी के दौरान कलकल की अपने मोबाइल से ली गई एक सेल्फी सामने आई है। यह सेल्फी कलकल ने तब ली थी जब मंत्री की कोठी से आग की लपटें निकल रही थी। एसआईटी ने इस सेल्फी को कलकल के मोबाइल से बरामद किया है। अब पुलिस इसी को आधार बनाकर शिकंजा कसने के मूड में है।
पुलिस के लिए अहम सबूत ‘सेल्फी’
पुलिस सेल्फी को बड़ा सबूत मान रही है। क्योंकि पुलिस पहले ही दावा कर चुकी है कि वित्तमंत्री की कोठी में आगजनी के दौरान कलकल की लोकेशन वहीं की मिली है। अब कलकल की मौजूदगी को उनकी सेल्फी ने पुख्ता कर दिया है। सूत्रों की मानें तो इस सेल्फी को चालान में भी शामिल किया जा सकता है।
5 लोगों को व्हाट्सअप पर भेजी थी घायल वकीलों की फोटो
वहीं, सोनीपत स्टैंड पर भड़काऊ भाषण देने का आरोप झेल रहे कलकल के खिलाफ पुलिस को यहां से भी कुछ सबूत मिले है। पुलिस का कहना है कि जिस दिन वकीलों के साथ कोर्ट के बाहर मारपीट हुई थी, उस दिन कलकल ने पांच लोगों को व्हाट्स एप पर घायल वकीलों की फोटो भेजी थी। इनमें से एक फोटो भिवानी भी भेजी गई। पुलिस ने इन्हीं लोगों को आमने सामने बैठाकर पूछताछ के लिए कलकल का रिमांड मांगा था, लेकिन कोर्ट ने मंजूर नहीं किया। बता दें कि सिविल लाइन थाना पुलिस ने सोनीपत स्टैंड पर भड़काऊ भाषण देने के मामले में कलकल के खिलाफ केस दर्ज किया था।
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जल्दी जमानत भी मुश्किल
चारों तरफ से घिर चुके कलकल को जल्द जमानत मिलने के आसार भी कम दिख रहे हैं। क्योंकि वित्तमंत्री की कोठी में आगजनी के मामले में आईपीसी की धारा 307 हत्या प्रयास सहित विभिन्न संगीन धाराएं लगी हुई हैं। उनके वकील प्रदीप मलिक का कहना है कि फिलहाल जमानत मिलना मुश्किल है। कुछ दिनों बाद सही समय आने पर जमानत अर्जी दाखिल की जाएगी। माना जा रहा है कि सेल्फी ही जमानत में रोड़ा बनी।
यू फंसता चला गया क लकल
वैसे तो सुदीप पिछले काफी समय से जाट आरक्षण की मांग को लेकर सक्रिय थे। वे पहले मय्यड़ धरना स्थल पर मौजूद थे। यहां से वे सांपला धरना स्थल पर आ गए। इसके बाद कलकल प्रदेश सरकार से बातचीत के लिए प्रतिनिधिमंडल के साथ चंडीगढ़ चले गए थे। जब वे वापस आए तो सांपला धरना स्थल पर बैठे आंदोलनकारी नाराज हो गए। क्योंकि वह किसी से भी बात करने के पक्ष में नहीं थे। इसके बाद कलकल एमडीयू के सामने धरनास्थल पर आ गए। यहां से सारा बवाल शुरू हुआ।
आग लगाने के लिए भड़काने वाला बल्हारा 7 दिन के रिमांड पर
कोठी फूंकने के मामले में गिरफ्तार आरोपी बहुअकबरपुर गांव निवासी नरेंद्र बल्हारा और झज्जर के गांव साल्हावास निवासी मोहित को पुलिस ने बृहस्पतिवार को कोर्ट में पेश किया। यहां से नरेंद्र को 7 और मोहित को 1 दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। एसआईटी इंचार्ज डीएसपी सिद्धार्थ ढांडा ने बताया कि नरेंद्र ने ही भीड़ को आगजनी करने के लिए भड़काया था। इसके बाद उपद्रवी कोठी के अंदर घुसे और जमकर तोड़फोड़ व आगजनी की। हालांकि पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों को आमने सामने भी बैठाकर जांच की जाएगी।
सुदीप कलकल ने उपद्रव के दौरान कई लोगों को फोन करके आपत्तिजनक बातचीत भी की थी। उसके खिलाफ पुलिस के पास पर्याप्त सबूत है। साथ ही जिन लोगों ने कलकल ने बात की उन्हें भी जल्द जांच में शामिल किया जाएगा। कलकल ने वित्तमंत्री की कोठी में खड़ी गाड़ियों की भी तोड़फोड़ की वीडियो बनाई थी।
डीएसपी सिद्धार्थ ढांडा, एसआईटी इंचार्ज।
पुलिस के पास जो सेल्फी है, उसे पुख्ता सबूत के तौर पर नहीं देखा जा सकता है। क्योंकि अपनी मौजूदगी के बारे में कलकल पहले ही पुलिस को बता चुके है। इसके अलावा पुलिस के पास कोई भी पुख्ता सबूत नहीं है। बेवजह कलकल का नाम उछाला जा रहा है।
प्रदीप मलिक, आरोपी के वकील।
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पुलिस के लिए अहम सबूत ‘सेल्फी’
पुलिस सेल्फी को बड़ा सबूत मान रही है। क्योंकि पुलिस पहले ही दावा कर चुकी है कि वित्तमंत्री की कोठी में आगजनी के दौरान कलकल की लोकेशन वहीं की मिली है। अब कलकल की मौजूदगी को उनकी सेल्फी ने पुख्ता कर दिया है। सूत्रों की मानें तो इस सेल्फी को चालान में भी शामिल किया जा सकता है।
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5 लोगों को व्हाट्सअप पर भेजी थी घायल वकीलों की फोटो
वहीं, सोनीपत स्टैंड पर भड़काऊ भाषण देने का आरोप झेल रहे कलकल के खिलाफ पुलिस को यहां से भी कुछ सबूत मिले है। पुलिस का कहना है कि जिस दिन वकीलों के साथ कोर्ट के बाहर मारपीट हुई थी, उस दिन कलकल ने पांच लोगों को व्हाट्स एप पर घायल वकीलों की फोटो भेजी थी। इनमें से एक फोटो भिवानी भी भेजी गई। पुलिस ने इन्हीं लोगों को आमने सामने बैठाकर पूछताछ के लिए कलकल का रिमांड मांगा था, लेकिन कोर्ट ने मंजूर नहीं किया। बता दें कि सिविल लाइन थाना पुलिस ने सोनीपत स्टैंड पर भड़काऊ भाषण देने के मामले में कलकल के खिलाफ केस दर्ज किया था।
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जल्दी जमानत भी मुश्किल
चारों तरफ से घिर चुके कलकल को जल्द जमानत मिलने के आसार भी कम दिख रहे हैं। क्योंकि वित्तमंत्री की कोठी में आगजनी के मामले में आईपीसी की धारा 307 हत्या प्रयास सहित विभिन्न संगीन धाराएं लगी हुई हैं। उनके वकील प्रदीप मलिक का कहना है कि फिलहाल जमानत मिलना मुश्किल है। कुछ दिनों बाद सही समय आने पर जमानत अर्जी दाखिल की जाएगी। माना जा रहा है कि सेल्फी ही जमानत में रोड़ा बनी।
यू फंसता चला गया क लकल
वैसे तो सुदीप पिछले काफी समय से जाट आरक्षण की मांग को लेकर सक्रिय थे। वे पहले मय्यड़ धरना स्थल पर मौजूद थे। यहां से वे सांपला धरना स्थल पर आ गए। इसके बाद कलकल प्रदेश सरकार से बातचीत के लिए प्रतिनिधिमंडल के साथ चंडीगढ़ चले गए थे। जब वे वापस आए तो सांपला धरना स्थल पर बैठे आंदोलनकारी नाराज हो गए। क्योंकि वह किसी से भी बात करने के पक्ष में नहीं थे। इसके बाद कलकल एमडीयू के सामने धरनास्थल पर आ गए। यहां से सारा बवाल शुरू हुआ।
आग लगाने के लिए भड़काने वाला बल्हारा 7 दिन के रिमांड पर
कोठी फूंकने के मामले में गिरफ्तार आरोपी बहुअकबरपुर गांव निवासी नरेंद्र बल्हारा और झज्जर के गांव साल्हावास निवासी मोहित को पुलिस ने बृहस्पतिवार को कोर्ट में पेश किया। यहां से नरेंद्र को 7 और मोहित को 1 दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। एसआईटी इंचार्ज डीएसपी सिद्धार्थ ढांडा ने बताया कि नरेंद्र ने ही भीड़ को आगजनी करने के लिए भड़काया था। इसके बाद उपद्रवी कोठी के अंदर घुसे और जमकर तोड़फोड़ व आगजनी की। हालांकि पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों को आमने सामने भी बैठाकर जांच की जाएगी।
सुदीप कलकल ने उपद्रव के दौरान कई लोगों को फोन करके आपत्तिजनक बातचीत भी की थी। उसके खिलाफ पुलिस के पास पर्याप्त सबूत है। साथ ही जिन लोगों ने कलकल ने बात की उन्हें भी जल्द जांच में शामिल किया जाएगा। कलकल ने वित्तमंत्री की कोठी में खड़ी गाड़ियों की भी तोड़फोड़ की वीडियो बनाई थी।
डीएसपी सिद्धार्थ ढांडा, एसआईटी इंचार्ज।
पुलिस के पास जो सेल्फी है, उसे पुख्ता सबूत के तौर पर नहीं देखा जा सकता है। क्योंकि अपनी मौजूदगी के बारे में कलकल पहले ही पुलिस को बता चुके है। इसके अलावा पुलिस के पास कोई भी पुख्ता सबूत नहीं है। बेवजह कलकल का नाम उछाला जा रहा है।
प्रदीप मलिक, आरोपी के वकील।