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साहब, चार लाख का बिल देखकर कोमा में है गांधी कैंप का आटा चक्की मालिक
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Wed, 22 Mar 2017 01:53 AM IST
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बिजली का बिल
- फोटो : file photo
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शहर के गांधी कैंप का बलवंत सिंह 10 दिन पहले आटा चक्की का 4 लाख का बिल देखकर कोमा में चला गया। परिवार के सदस्य इसके लिए निगम के अधिकारियों को जिम्मेदार मान रहे हैं। मंगलवार को बलवंत का भाई माडल टाउन स्थित बिजली निगम के कार्यालय में लगी सभा में पहुंचा और बिल ठीक करने की मांग की। अधिकारियों ने जांच पड़ताल का भरोसा दिया है।
राजकुमार ने बताया कि उसके भाई की आटा-चक्की है, जिसका मीटर भाई बलवंत के नाम है। 11 माह पहले बिजली निगम की तरफ से 25 हजार रुपये का बिल भेज दिया। उन्होंने निगम को बिल ठीक करने के लिए कहा, लेकिन निगम ने ध्यान नहीं दिया। इसके चलते 11 माह तक बिल नहीं जमा करवाया गया। अब 10 दिन पहले निगम ने 4 लाख का बिल बनाकर भेज दिया। इससे तनाव के चलते उसके भाई की नस फट गई। तत्काल उसे गुरुग्राम के एक अस्पताल में दाखिल करवाया गया। तभी से उनका इलाज चल रहा है।
अब 4 लाख से 87 हजार किया बिल
जांच पड़ताल करके निगम के अधिकारियों ने अब बिल 4 लाख से 87 हजार कर दिया है, लेकिन उनके मीटर ने तो यूनिट ही 2 हजार निकाली हैं। ऐसे में 87 हजार भी ज्यादा है।
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दो साल से हर माह बिल में जोड़कर दे रहे 90 हजार की राशि
ओल्ड आईडीसी हिसार रोड स्थित नट बोल्ट फैक्टरी के मालिक विनोद कुमार ने बताया कि उसकी फैक्टरी के लिए जो ट्रांसफार्मर लगाया गया है, वह 100 किलोवाट बिजली ही सप्लाई कर सकता है, लेकिन निगम के अधिकारियों ने मीटर की जांच करके बताया कि मीटर तो 250 किलोवाट की सप्लाई बता रहा है। ऐसे में बिल के साथ 90 हजार की अतिरिक्त राशि जोड़कर भेज दी।
उन्होंने निगम के अधिकारियों को अवगत करवाया कि मीटर में खराबी है। बिजली कर्मचारी मीटर उखाड़ कर ले गए, लेकिन दो साल बाद भी जांच के लिए लैब में नहीं भेजा। अब हर माह 90 हजार की राशि जोड़कर भेज देते हैं। उसे दोबारा शिकायत देकर अतिरिक्त राशि कटवानी पड़ती है। मंगलवार को उन्होंने बिजली निगम के पंचकूला से आए अधिकारियों को पूरे मामले से अवगत करवाया। अधिकारियों ने तीन दिन में मीटर लैब में जांच में भेजने का भरोसा दिया है।
नहीं बता रहे 27 हजार बिल कैसे आया
सुभाष नगर निवासी विपिन ने बताया कि घर का मीटर उनकी मां के नाम है। 2012 से नियमित तौर पर बिल जमा करवा रहे हैं। अब 27 हजार रुपये का बिल भेज दिया, जबकि पहले 5 से 6 हजार रुपये ही बिल आता था। पूछने पर अधिकारी व कर्मचारी नहीं बता पाए कि यह 21 हजार की राशि कैसे व क्यों जोड़ी गई है।
30 शिकायतों में आधी टुकड़ों में राशि जमा करवाने की
बिजली निगम के एक्सईएन जेसी शर्मा ने बताया कि बिजली सभा में कुल 30 के करीब शिकायतें आईं। इसमें आधी से ज्यादा शिकायत बिजली के बिल को टुकड़ों में भरने की मांग की गई। जबकि 5 शिकायत चोरी पकड़ने जाने पर जुर्माना माफ करने की थी।
जसिया जाम में फंस गए अधिकारी, आधा घंटा देरी से पहुंचे
बिजली निगम की सभा 12 बजे शुरू होने थी, जिसमें भाग लेने के लिए पंचकूला से दो अधिकारियों को रोहतक पहुंचना था। मंगलवार को जसिया में जाट आरक्षण आंदोलन के चलते लगाए गए धरना स्थल पर जाट नेता यशपाल मलिक आए हुए थे। इसके चलते रोड पर जाम की स्थिति बन गई। बिजली अधिकारी एसके पूनिया व सिंगला की कार भी जाम में फंस गई।
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राजकुमार ने बताया कि उसके भाई की आटा-चक्की है, जिसका मीटर भाई बलवंत के नाम है। 11 माह पहले बिजली निगम की तरफ से 25 हजार रुपये का बिल भेज दिया। उन्होंने निगम को बिल ठीक करने के लिए कहा, लेकिन निगम ने ध्यान नहीं दिया। इसके चलते 11 माह तक बिल नहीं जमा करवाया गया। अब 10 दिन पहले निगम ने 4 लाख का बिल बनाकर भेज दिया। इससे तनाव के चलते उसके भाई की नस फट गई। तत्काल उसे गुरुग्राम के एक अस्पताल में दाखिल करवाया गया। तभी से उनका इलाज चल रहा है।
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अब 4 लाख से 87 हजार किया बिल
जांच पड़ताल करके निगम के अधिकारियों ने अब बिल 4 लाख से 87 हजार कर दिया है, लेकिन उनके मीटर ने तो यूनिट ही 2 हजार निकाली हैं। ऐसे में 87 हजार भी ज्यादा है।
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दो साल से हर माह बिल में जोड़कर दे रहे 90 हजार की राशि
ओल्ड आईडीसी हिसार रोड स्थित नट बोल्ट फैक्टरी के मालिक विनोद कुमार ने बताया कि उसकी फैक्टरी के लिए जो ट्रांसफार्मर लगाया गया है, वह 100 किलोवाट बिजली ही सप्लाई कर सकता है, लेकिन निगम के अधिकारियों ने मीटर की जांच करके बताया कि मीटर तो 250 किलोवाट की सप्लाई बता रहा है। ऐसे में बिल के साथ 90 हजार की अतिरिक्त राशि जोड़कर भेज दी।
उन्होंने निगम के अधिकारियों को अवगत करवाया कि मीटर में खराबी है। बिजली कर्मचारी मीटर उखाड़ कर ले गए, लेकिन दो साल बाद भी जांच के लिए लैब में नहीं भेजा। अब हर माह 90 हजार की राशि जोड़कर भेज देते हैं। उसे दोबारा शिकायत देकर अतिरिक्त राशि कटवानी पड़ती है। मंगलवार को उन्होंने बिजली निगम के पंचकूला से आए अधिकारियों को पूरे मामले से अवगत करवाया। अधिकारियों ने तीन दिन में मीटर लैब में जांच में भेजने का भरोसा दिया है।
नहीं बता रहे 27 हजार बिल कैसे आया
सुभाष नगर निवासी विपिन ने बताया कि घर का मीटर उनकी मां के नाम है। 2012 से नियमित तौर पर बिल जमा करवा रहे हैं। अब 27 हजार रुपये का बिल भेज दिया, जबकि पहले 5 से 6 हजार रुपये ही बिल आता था। पूछने पर अधिकारी व कर्मचारी नहीं बता पाए कि यह 21 हजार की राशि कैसे व क्यों जोड़ी गई है।
30 शिकायतों में आधी टुकड़ों में राशि जमा करवाने की
बिजली निगम के एक्सईएन जेसी शर्मा ने बताया कि बिजली सभा में कुल 30 के करीब शिकायतें आईं। इसमें आधी से ज्यादा शिकायत बिजली के बिल को टुकड़ों में भरने की मांग की गई। जबकि 5 शिकायत चोरी पकड़ने जाने पर जुर्माना माफ करने की थी।
जसिया जाम में फंस गए अधिकारी, आधा घंटा देरी से पहुंचे
बिजली निगम की सभा 12 बजे शुरू होने थी, जिसमें भाग लेने के लिए पंचकूला से दो अधिकारियों को रोहतक पहुंचना था। मंगलवार को जसिया में जाट आरक्षण आंदोलन के चलते लगाए गए धरना स्थल पर जाट नेता यशपाल मलिक आए हुए थे। इसके चलते रोड पर जाम की स्थिति बन गई। बिजली अधिकारी एसके पूनिया व सिंगला की कार भी जाम में फंस गई।