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Rohtak: युवती की हत्या को आत्महत्या दिखाने के लिए एएसआई मामा के थाना क्षेत्र में फेंका शव
Fri, 09 Feb 2024 12:36 AM IST
भूपेंद्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, रोहतक (हरियाणा)
अमर उजाला ब्यूरो, रोहतक (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Fri, 09 Feb 2024 12:36 AM IST
सार
आईजी से मिले झज्जर की मृतका युवती के परिजनों ने आरोप लगाया है। सिंहपुरा रेलवे लाइन पर टुकड़ों में शव मिला था। परिजन बोले कि आत्महत्या करनी होती तो 20 किलोमीटर दूर क्यों आती युवती, गांव के बाहर ही रेलवे लाइन है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
झज्जर की युवती की दुष्कर्म के बाद हत्या की गई या उसने रेलवे लाइन पर ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या की है, यह गुरुवार को भी तय नहीं हो सका, लेकिन परिजनों का आरोप है कि युवती की हत्या कर शव 20 किलोमीटर दूर सिंहपुरा के पास रेलवे लाइन के ऊपर एएसआई मामा के थाना क्षेत्र में फेंक दिया गया। क्योंकि कथित मामा एएसआई राकेश जीआरपी में है। आरोप है कि उन्होंने हत्या काे आत्महत्या दिखाने का प्रयास किया है। आरोप लगते ही जांच अधिकारी को जांच से हटा दिया गया है। हालांकि एएसआई का कहना है कि दूर की रिश्तेदारी है। मैं खुद जांच से हटा हूं।
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पीजीआई के डॉक्टरों के तीन सदस्यीय पैनल ने चार घंटे में शव का पोस्टमार्टम किया, साथ में वीडियोग्राफी करवाई गई
जीआरपी के मुताबिक, मंगलवार रात करीब 9 बजे सूचना मिली कि सिंहपुरा गांव के पास डाउन लाइन पर शत-विक्षप्त हालत में 18 साल की युवती का शव पड़ा है। एएसआई राकेश कुमार मौके पर पहुंचे और शव को आत्महत्या या हादसा मानकर पीजीआई के डेड हाउस में शव रखवा दिया। बुधवार को झज्जर जिले के गांव से परिजन व ग्रामीण पहुंचे और आरोप लगाया कि जीआरपी मामले को दबा रही है, जबकि हकीकत यह है कि दो युवक युवती को कई दिन से परेशान कर रहे थे। उन्होंने अपहरण के बाद दुष्कर्म किया, इसके बाद हत्या कर शव गांव से 20 किलोमीटर दूर सिंहपुरा के पास जींद-रोहतक रेलवे लाइन पर फेंक दिया।
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परिजनों का शव लेने से इन्कार, आरोपियों को जीआरपी की हिरासत में देकर माने
सुबह करीब 11 बजे परिजन व ग्रामीण आईजी कार्यालय पहुंचे और आईजी केके राव से न्याय मांगा। आरोप लगाया कि जीआरपी केस को दबा रही है। आईजी ने न्याय का भरोसा दिया। तीन घंटे तक परिजन आईजी कार्यालय के बाहर डटे रहे। आखिर में जीआरपी ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर परिजनों को दिखाया। दोपहर बाद तीन बजे के बाद परिजन शव लेने को तैयार हुए। सैकड़ों ग्रामीणों की मौजूदगी में शव झज्जर के गांव ले जाकर अंतिम संस्कार किया गया।
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वर्जन
एक आरोपी दूर की रिश्तेदारी में है, उसका मैं मामा नहीं लगता हूं। इसके बावजूद मैं खुद जांच से हट गया हूं, ताकि इस तरह के आरोप दोबारा न लग सकें। - एएसआई राकेश सिंह, जीआरपी।
म्हारी बेटी को अगर सुसाइड करना होता तो गांव के पास से रेलवे लाइन गुजरती है। वह 20 किलोमीटर दूर सिंहपुरा के पास सुनसान एरिया में क्यों आती। एक आरोपी का मामा जीआरपी थाना रोहतक में है। उस रात वही जांच अधिकारी थे। इसलिए साजिश के तहत शव को सिंहपुरा के पास हत्या कर फेंका गया है। - मृतका के दादा।
शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों के हवाले कर दिया है। आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रहे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट अभी मिली नहीं है। ऐसे में किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं डाली गई है। जांच अधिकारी एएसआई राकेश की जगह वह खुद जांच कर रहे हैं। - इंस्पेक्टर शौचंद, प्रभारी थाना जीआरपी।