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Rohtak: नौकरी के नाम पर सात लाख ठगने के आरोपी गिरफ्तार नहीं, लाखनमाजरा थाने में दर्ज कराया था केस
Mon, 22 Apr 2024 08:30 PM IST
भूपेंद्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, रोहतक (हरियाणा)
अमर उजाला ब्यूरो, रोहतक (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Mon, 22 Apr 2024 08:30 PM IST
सार
बैंसी गांव निवासी कृष्ण ने लाखनमाजरा थाने में केस दर्ज कराया था। 20 अगस्त 2023 को दर्शन ने व्हाट्सअप पर नियुक्त पत्र भेजा था। 16 फरवरी 2024 को अमित को ज्वाइनिंग के लिए दिल्ली बुलाया गया था।
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पुलिस
- फोटो : प्रतीकात्मक
विस्तार
हरियाणा के रोहतक में रेलवे में नौकरी के नाम पर फर्जी नियुक्ति पत्र देकर बैंसी गांव के एक युवक से चार लोगों ने सात लाख रुपये ठग लिए। इस संबंध में लाखनमाजरा थाने में केस दर्ज किया गया है। सोमवार को आरोपियों की गिरफ्तार नहीं हो पाई। थाना प्रभारी समरजीत सिंह का कहना है कि तथ्यों की जांच कर रहे हैं।
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बैंसी गांव निवासी कृष्ण ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसे गांव बैंसी निवासी मीना कत्याल, उसका दामाद अमन निवासी श्रीनगर कॉलोनी गांव में ही मिले। उसके बेटे अमित को रेलवे में नौकरी लगवाने का विश्वास दिलाया। इसके लिए सात लाख रुपये की मांग की। साढ़े तीन लाख रुपये पहले और बाकी नियुक्ति पत्र मिलने के बाद।
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10 जुलाई 2023 को मीना ने दर्शन कुमार निवासी राजेन्द्र कालोनी भिवानी चुंगी रोहतक व उसके भतीजे को गांव बैंसी में अपने घर पर बुलाया। वहां मीना, दर्शन कुमार दुआ और मीना का लड़का बुवन मिले। वादे के मुताबिक उसने एक लाख रुपये ऑनलाइन और बाकी पैसे नकद दिए।
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इसके बाद 20 अगस्त 2023 को दर्शन ने व्हाट्सअप पर नियुक्त पत्र भेजा और कहा की बाकि पैसे लेकर राजेंद्र काॅलोनी आ जाओ। उसने वहां पहुंच कर दर्शन को रुपये दे आए। 16 फरवरी 2024 को उसके बेटे अमित को ज्वाइनिंग के लिए जनपथ रोड (दिल्ली) बुलाया। वहां गए तो रेलवे स्टेशन पर धर्मवीर निवासी सुनारियां कलां व प्रदीप निवासी हिसार मिले।
उन्होंने बताया कि उनको भी दर्शन एवं अमन ने ज्वाइनिंग के लिए बुलाया था। दिल्ली में उनको एक त्यागी नाम का व्यक्ति मिला और उनको कार से जनपथ रोड पर ले गया। वहां सभी के कागजात लिए और कहा एक-दो दिन में आपके पास मेल आज जाएगी। इसके बाद वह नियुक्ति का इंतजार करते रहे, लेकिन अब तक नौकरी नहीं मिली।
पुलिस के आगे पैसे देने की हां भरी, बाद में मुकर गया
पीड़ित का कहना है कि जब वह धर्मबीर व प्रदीप के साथ आरोपी दर्शन के घर पैसे मांगने गए तो उसने कहा कि तुमको सबक सिखाता हूं। 112 पर कॉल करके पुलिस बुला लिया। पुलिस उनको शिवाजी कॉलोनी थाने में ले गई। वहां राजीनामा हो गया। दर्शन ने पैसे लौटाने की बात कही, लेकिन अब तक पैसे नहीं दिए।