फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rohtak News ›   murder of sarpanch

बंद कार में सरपंच की हत्या, पीछे बैठे दोस्तों ने मारी दो गोलियां

Wed, 16 Sep 2015 02:22 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक Updated Wed, 16 Sep 2015 02:22 AM IST
murder of sarpanch
पंचायत चुनाव में नामांकन के पहले ही दिन जिले में बड़ी वारदात अंजाम दी गई।


भराण के सरपंच (निवर्तमान) कप्तान सिंह उर्फ कप्पे की बंद कार में गोली मारकर हत्या कर दी गई।

शुरुआती जांच में सामने आया है कि गोली कार में पीछे वाली सीट पर बैठे सरपंच के दोस्तों ने ही मारी है। गोली कप्पे के गर्दन और सिर में मारी गई हैं।

कार से खून बहने पर वारदात का खुलासा हुआ।

पुलिस ने तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है।

परिजनों ने किसी पर भी शक नहीं जताया है।

गाड़ी के शीशे पर कहीं भी गोली के निशान नहीं है।

सवाल ये भी है कि दोस्तों ने गोली मारी या सरपंच की अपहरण के बाद हत्या की गई।

सरपंच फिलहाल महम के किशनगढ़ इलाके में रहता था। पुलिस का मानना है कि लेनदेन, रंजिश और चुनावी माहौल हत्या का कारण हो सकते हैं।


वारदात मंगलवार दोपहर मदीना स्थित गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल के गेट के बिल्कुल सामने अंजाम दी गई। स्कूल के ठीक सामने आईटीआई भी है।

पुलिस के मुताबिक सरपंच कप्तान सिंह सुबह 11 बजे घर से अपनी कार में किसी दोस्त से मिलने के लिए निकले थे। सरपंच के पास उनकी लाइसेंसी रिवाल्वर भी थी। 12 बजे कप्तान ने अपने छोटे भाई नरेश के मोबाइल पर फोन किया कि कोई उन्हें रुपये देने आएगा। फिर परिवार के किसी भी सदस्य से उनका संपर्क नहीं हुआ। दोपहर करीब 1 बजे नरेश के पास पुलिस का फोन आया कि मदीना में सरपंच की कार में ही किसी ने गोली मारकर हत्या कर दी। तब नरेश व एक उनका रिश्तेदार मौके पर पहुंचे। यहां देखा तो कप्पे चालक सीट पर खून से लथपथ पड़े थे। पुलिस शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए पीजीआई पहुंची। सरपंच के दो बेटे हैं और दोनों पढ़ाई करते हैं।
कार से खून बहता देख निकली बच्चों क ी चीख
जैसे ही गोली चलने की आवाज सुनकर स्टाफ और बच्चे बाहर निकले तो अफरातफरी मच गई। कार में ड्राइवर साइड से खून बह रहा था। खून बहता देख बच्चों की चीख निकल गई। पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो सरपंच की गर्दन स्टेयरिंग पर झुकी हुई थी और उनकी गर्दन से खून बह रहा था। पुलिस ने आईटीआई के कुछ बच्चों से पूछताछ की। बच्चों ने बताया कि हमने कार से तीन युवकों को बाहर निकलते देखा था।

1 घंटे तक एक ही जगह पर खड़ी रही कार
पुलिस की मानें तो करीब 1 घंटे तक सरपंच की कार स्कूल के सामने ही खड़ी थी। कार में आगे की तरफ सरपंच और बाकी तीनों लोग पीछे बैठे थे। आसपास के लोगों ने पुलिस को बताया कि कार में सवार लोग आपस में बातचीत कर रहे थे। हालांकि किसी ने भी आरोपियों को वारदात को अंजाम देते हुए नहीं देखा है। बताया जा रहा है कि सरपंच महम से रोहतक जा रहे थे।
विज्ञापन

बकौल नरेश- आज ही निकले थे घर से अकेले
हमारी किसी से कोई रंजिश नहीं है। काफी समय पहले छोटे मोटे झगड़े हुए थे, लेकिन सभी में पंचायती फैसले हो गए थे। वैसे तो कप्पे के साथ हमेशा कोई न कोई होता था, लेकिन आज वे अकेले ही घर से गए थे। सुबह 11 बजे भाई का फोन आया था कि गांव के जयबीर और टिंकू रुपये देने के लिए आएंगे। इसके बाद उनसे कोई बात नहीं हुई। जयबीर और टिंकू से उधार दिये गए रुपये लेने थे। आसपास के लोगों का कहना है कि कार में सरपंच के अलावा तीन अन्य लोग सवार थे।
सटाकर मारी गोली, लाइसेंसी रिवाल्वर भी न आई काम
पुलिस की मानें तो बदमाशों ने सरपंच के सिर और गर्दन में सटाकर गोली मारी। पहले तो आरोपियों ने पीछे से सरपंच की गर्दन पकड़कर सिर में गोली मारी। दूसरी गोली गर्दन में मारी गई है। सरपंच के पास उनकी लाइसेंसी रिवाल्वर भी थी, लेकिन आरोपियों ने भरोसे में लेकर वारदात को अंजाम दिया। कप्पे को बचाव करने का भी मौका नहीं मिला। पुलिस ने कार से रिवाल्वर बरामद की है।
ग्रामीणों ने बोला चुनाव लड़ने को, कप्पा ने कहा पूरा हुआ शौक   
नरेश ने बताया कि इस योजना में कप्तान सिंह का चुनावी मैदान में उतरने का कोई इरादा नहीं था। कई बार ग्रामीणों ने भी चुनाव लड़ने की अपील की थी, लेकिन कप्पे ने यह कहकर इनकार कर दिया कि शौकिया चुनाव लड़ा था, जो अब पूरा हो गया है।
कॉल डिटेल खंगालेगी पुलिस
पुलिस कार से मिले सरपंच के दोनों मोबाइल की कॉल डिटेल खंगालेगी। दोनों नंबरों को साइबर सेल में ट्रेसिंग पर लगवाया है। वारदात से पहले सरपंच ने जिस भी व्यक्ति से बात की होगी, उससे पूछताछ की जाएगी। प्राथमिक सूचना मिली है कि वारदात से पहले सरपंच ने हांसी के किसी व्यक्ति से बात की थी।  
वर्जन
आरोपियों की तलाश में टीमें गठित कर दी गई है। जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा।
शशांक आनंद पुलिस अधीक्षक रोहतक
सरपंच की हत्या उनकी ही गाड़ी में बैठ कर साथ आए साथ आए लोगों ने की है। पीछे की सीट पर बैठे लोगों ने कप्तान सिंह को दो गोलियां मारी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। आरोपी फरार हो गए।

अमरजीत सिंह, डीएसपी।
कप्तान पर पहले हुआ था केस दर्ज
पुलिस ने बताया कि कप्तान सिंह के खिलाफ पारिवारिक विवाद में 302 (हत्या) और 307 (हत्या प्रयास का केस) 2006 में दर्ज किया गया था। इसके बाद पंचायती तौर पर मामलों का निपटारा हो गया था।
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed